अखिलेश ने जिसे बाहरी बताया, उसी अमर सिंह को मुलायम ने सपा महासचिव बनाया

लखनऊ.बेटे अखिलेश यादव समेत कई नेताओं का विरोध दरकिनार करते हुए सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने मंगलवार को अमर सिंह को पार्टी का नेशनल जनरल सेक्रेटरी बना दिया। अमर सिंह को 14 साल पार्टी में रहने के बाद जब बाहर निकाला गया था तब भी वो महासचिव ही थे। 6 साल बाद मई में पार्टी में वापसी की। राज्यसभा भेजे गए। मुलायम परिवार में कलह के 8 दिन बाद फिर महासचिव बनाए गए। इस तरह लगातार चौथी बार मुलायम ने बेटे की पसंद-नापसंद और फैसले को दरकिनार कर दिया।
चार फैसले जो अखिलेश ने लिए, लेकिन पिता ने पलट दिए…
 1. गायत्री प्रजापति
क्या हुआ था: खनन मंत्री गायत्री प्रजापति को अखिलेश ने बर्खास्त किया। मुलायम के कहने पर उन्हें फिर से मंत्री बनाया गया। माना जाता है कि अखिलेश शुरू से प्रजापति को पसंद नहीं करते। लेकिन, मुलायम और शिवपाल उनका फेवर करते आए हैं।
2. शिवपाल सिंह यादव
क्या हुआ था:मुलायम के भाई और अखिलेश के चाचा हैं। संगठन पर मजबूत पकड़ और जनाधार वाले नेता हैं। अखिलेश ने पिछले दिनों उनके 9 में से 7 विभाग छीने। 17 सितंबर को मुलायम खुद सामने आए। शिवपाल का पक्ष लिया अखिलेश और समर्थकों को फटकार लगाई। छीने गए सात में से 6 विभाग तो वापस मिले लेकिन PWD नहीं।
3. संगठन
क्या हुआ था: अखिलेश को हटाकर मुलायम ने शिवपाल को स्टेट चीफ बना दिया। मुलायम के समर्थन से शिवपाल ताकतवर हुए। रामगोपाल यादव के भांजे के अलावा अखिलेश के समर्थक 11 युवा नेताओं को पार्टी से बाहर कर दिया। अखिलेश को झुकना पड़ा। कहा- वर्कर्स विरोध प्रदर्शन न करें। सरकार के काम जनता तक पहुंचाएं।
4. अमर सिंह
क्या हुआ था: चाचा से विवाद के दौरान अखिलेश ने कहा था- बाहरी लोग दखलंदाजी करेंगे तो पार्टी कैसे चलेगी। अखिलेश का इशारा अमर सिंह की तरफ ही समझा गया। शिवपाल और अमर सिंह करीबी हैं। मुलयम ने बेटे से ज्यादा भाई और दोस्त को तरजीह दी। अमर को पहले राज्यसभा भेजा था, मंगलवार को जनरल सेक्रेटरी बना दिया।
बेटे को लेकर इतने तल्ख मुलायम
– अखिलेश और शिवपाल के बीच हालिया विवाद में सुलह मुलायम ने कराई। अखिलेश समर्थकों की नारेबाजी से खफा मुलायम ने रविवार को कहा था- अगर अखिलेश मेरा बेटा नहीं होता तो उसे कोई नहीं पूछता। वो चाचा शिवपाल से जलते हैं।
ऐसे बढ़ी थी कुनबे में कलह
 अखिलेश ने पिछले महीने गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के कौमी एकता दल के सपा में विलय का शिवपाल सिंह का फैसला पलटा।
पिछले हफ्ते चाचा के करीबी मंत्री राजकिशोर सिंह और चीफ सेक्रेटरी दीपक सिंघल हटाए गए।
मुलायम के कहने पर शिवपाल सपा के यूपी चीफ बने तो अखिलेश ने 2 घंटे में उनसे 9 में से 7 विभाग छीन लिए।
शिवपाल के अखिलेश कैबिनेट छोड़ने के कयास लगाए गए। लेकिन उन्होंने कहा कि नेताजी का फैसला मंजूर होगा। इसके बाद भी बात बिगड़ गई।
 17 सितंबर को मुलायम सिंह आगे आए और लखनऊ के पार्टी ऑफिस में पार्टी के वर्कर्स के सामने सफाई दी। उन्होंने नौ में से सात विभाग छीने जाने के बाद कैबिनेट से इस्तीफा दे चुके भाई शिवपाल का पक्ष लिया। कहा, “परिवार में कोई झगड़ा नहीं है। पार्टी में कोई मतभेद नहीं है। हमारे रहते पार्टी में कभी कोई फूट नहीं हो सकती।”
– इसके साथ ही मुलायम ने एलान किया कि खनन मंत्री गायत्री प्रजापति की बर्खास्तगी का फैसला रद्द किया जाता है।