अगस्ता-वेस्टलैंड मामला: 5 दिनों की CBI कस्टडी में मिशेल

अदालत में हुए घटनाक्रम पर एक नजर:

  • अदालत ने सीबीआई से आरोप पत्र सहित सभी संबंधित दस्तावेज मिशेल को मुहैया कराने को कहा.
  • अदालत ने मिशेल की पांच दिन की सीबीआई हिरासत मंजूर की.
  • सीबीआई ने मिशेल की 14 दिन की हिरासत की मांग की.
  • सीबीआई ने कहा कि वह मिशेल से पूछताछ के दौरान साक्ष्य के साथ-साथ घोटाले की रकम का भी पता लगाना चाहती है.
  • मिशेल की ओर से जमानत की अर्जी भी दायर की गई.
  • मिशेल के वकील ने अदालत से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की, लेकिन सीबीआई ने मिशेल को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति की मांग की.
  • अदालत ने क्रिश्चियन मिशेल के वकील को कुछ मिनट उससे बात करने की अनुमति दी.
  • अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे के कथित बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया.
रात 10:35 में भारत, सुबह CBI हेडक्वार्टर

मिशेल को एयरपोर्ट से सीधे सीबीआई मुख्यालय लाया गया. जहां उससे पूछताछ की गई. बता दें कि, अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदे में कथित बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को संयुक्त अरब अमिरात से प्रत्यर्पित करके मंगलवार रात 10:35 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट लाया गया.

अजीत डोभाल के दिशानिर्देश में चलाया गया अभियान

सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि इस अभियान का कूट नाम ‘यूनिकॉर्न’ था. इस अभियान को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के दिशानिर्देश में चलाया गया और इसका समन्वय सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव कर रहे हैं.

CBI के संयुक्त निदेशक ने किया नेतृत्व
उन्होंने बताया कि एजेंसी के संयुक्त निदेशक साई मनोहर के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम मिशेल को लाने के लिए दुबई गई थी.एजेंसी ने बताया कि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मिशेल को भारत वापस लाया गया.
दुबई सरकार ने  प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दी थी
दुबई सरकार ने उसे प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी थी. इससे पहले इस कदम के खिलाफ की गई उसकी अपील को वहां की एक अदालत ने खारिज कर दिया था.

बिचौलिये के तौर पर काम किया
सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने यहां बताया कि हेलीकॉप्टर घोटाले में अगस्ता वेस्टलैंड को ठेका दिलाने और भारतीय अधिकारियों को गैरकानूनी कमीशन या रिश्वत का भुगतान करने के लिए बिचौलिए के तौर पर मिशेल की संलिप्तता 2012 में सामने आई.

सितंबर, 2017 में आरोपपत्र
अभिषेक दयाल ने बताया कि मिशेल जांच के लिए वांछित था लेकिन वह फरार हो गया और जांच में शामिल होने से बच रहा था. उसके खिलाफ पिछले साल सितंबर में आरोपपत्र दायर किया गया.
2015 में गैर जमानती वारंट
उन्होंने कहा, ‘नई दिल्ली के पटियाला हाउस में सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश ने 24 सितंबर, 2015 की तिथि वाला खुला गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया.’
रेड कॉर्नर नोटिस के बाद गिरफ्तार
सीबीआई प्रवक्ता दयाल ने बताया कि इस वारंट के आधार पर इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जिससे फरवरी 2017 में उसे दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया.
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मिशेल को अदालत में पेश करने से पहले रात में किसी सुरक्षित मकान में रखा जाएगा या सीबीआई के मुख्यालय में रखा जाएगा.
आपराधिक कार्यवाही से बच रहा था मिशेल

उन्होंने कहा, ‘मिशेल अगस्ता वेस्टलैंड मामले में भारत में आपराधिक कार्यवाही से बच रहा था. उसे यूएई के प्राधिकारी भारत प्रत्यर्पित कर रहे हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल के दिशानिर्देश में समूचे अभियान का समन्वय सीबीआई के प्रभारी निदेशक राव कर रहे हैं.’

दुबई की जेल में था

मिशेल (57) दुबई में अपनी गिरफ्तारी के बाद से जेल में था और उसे यूएई में कानूनी और न्यायिक कार्यवाही के लंबित रहने तक हिरासत में भेज दिया गया था.

दुबई कोर्ट ऑफ कैसेशन ने मिशेल के वकील की ओर से दायर दो आपत्तियों को खारिज कर दिया और भारत के सक्षम प्राधिकारियों को उसे प्रत्यर्पित करने की संभावना पर विचार करने के अपीलीय अदालत के फैसले को बरकरार रखा.
क्या है मामला

आरोप है कि मिशेल ने सह-आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र रचा. सह आरोपी में तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एस पी त्यागी और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं.

सरकारी पद का किया दुरुपयोग

षड्यंत्र के तहत लोक सेवकों ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की उड़ान भरने की ऊंचाई 6000 मीटर से घटाकर 4500 मीटर कर अपने सरकारी पद का दुरुपयोग किया. भारत सरकार ने आठ फरवरी 2010 को रक्षा मंत्रालय के जरिए ब्रिटेन की अगस्तावेस्टलैंड इंटरनेशनल लि़ को लगभग 55.62 करोड़ यूरो का ठेका दिया था.

प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि मिशेल अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर्स का ‘ऐतिहासिक परामर्शदाता’ बताया जाता है जिसे हेलीकॉप्टर, सैन्य अड्डों और पायलटों की तकनीकी संचालनात्मक जानकारी थी.
1980 से कंपनी के साथ
मिशेल 1980 के दशक से ही कंपनी के साथ काम कर रहा था और इससे पहले उसके पिता भी भारतीय क्षेत्र के लिए कंपनी के परामर्शदाता रह चुके थे.
बिचौलिया बना मिशेल
एजेंसी ने बताया कि वह कथित तौर पर बार-बार भारत आता रहता था और भारतीय वायुसेना तथा रक्षा मंत्रालय में सेवानिवृत्त तथा मौजूदा अधिकारियों समेत विभिन्न स्तरों पर सूत्रों के एक बड़े नेटवर्क के जरिए रक्षा खरीद के लिए बिचौलिए के तौर पर काम कर रहा था.