अब PAK के आर्मी चीफ ने कहा- कश्मीर में अमन चाहिए तो दुनिया हमारी मदद करे

लंदन/इस्लामाबाद. यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली में टकराव के बाद अब पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल राहील शरीफ ने भी भारत को उकसाने वाला बयान दिया है। शरीफ ने कहा है कि कश्मीर एक ऐसा एजेंडा है जो पूरा किया जाना बाकी है। कश्मीर सहित पूरे साउथ एशिया में अमन तभी कायम होगा, जब यह एजेंडा पूरा होगा। इसके लिए दुनिया हमारी मदद करे।
पाकिस्तानी अखबार ‘द नेशन’ के मुताबिक, शरीफ ने कहा, ‘कश्मीर अनफिनिश्ड एजेंडा है। अगर दुनिया वाकई इस इलाके और साउथ एशिया में अमन चाहती है तो उसे इस मसले पर हमारी मदद करनी होगी। कश्मीर का मसला हल होने तक अगर भारत सीजफायर तोड़ता रहेगा और पाकिस्तान के खिलाफ साजिश करता रहेगा तो इसका बुरा असर पड़ेगा।’ शरीफ शुक्रवार रात लंदन में रॉयल यूनाइटेड सर्विसेस इंस्टिट्यूट में बाेल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत का एंटी-पाक प्रोपागैंडा खत्म होना चाहिए।
डोजियर सौंपने के बाद पाक ने फिर उठाया कश्मीर का मुद्दा
उधर, न्यूयॉर्क में पाकिस्तान ने यूनाइटेड नेशंस सेक्रेटरी जनरल बान की-मून को भारत के खिलाफ डोजियर सौंपने के बाद कश्मीर का मुद्दा फिर उठा दिया। पाकिस्तान ने शुक्रवार सुबह यह डोजियर सौंपा था जिसमें भारत पर बलूचिस्तान और कराची में आतंक फैलाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद पाकिस्तान के परमानेंट मिशन के काउंसलर बिलाल अहमद ने कहा, ‘भारत के साथ अगर कोई भी बातचीत होती है तो उसके एजेंडे में सबसे बड़ा मुद्दा जम्मू-कश्मीर ही होगा। भारत आतंकवाद का बहाना बनाकर बातचीत नहीं रोक सकता।’
भारत-पाकिस्तान के बीच तल्खी की क्या है वजह?
जुलाई में रूस के उफा शहर में पीएम नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ के बीच बातचीत हुई थी। तब तय हुआ था एनएसए, डीजीएमएओ और डीजी-बीएसएफ और पाक रेंजर्स के बीच बातचीत होगी। एनएसए लेवल की बातचीत नहीं हो सकी। बीएसएफ और पाक रेंजर्स के बीच बातचीत के बाद भी पाकिस्तान सीजफायर तोड़ता रहा। वहीं, दोनों देशों की आर्मी के डीजीएमओ की बातचीत होनी बाकी है।
पाकिस्तान भारत
कश्मीर ही मुद्दा रहेगा। असल मुद्दा आतंकवाद है।
जब तक कश्मीर एजेंडेे में नहीं होगा, बातचीत नहीं होगी। पहले आतंकवाद पर बात करें, इसके बाद कश्मीर की सोचेंगे।
भारत कश्मीर से मिलिट्री हटाए। पाकिस्तान पहले आतंकवाद रोके।
हम अलगाववादियों से भी मिलेंगे। यह तय कर लें कि बातचीत हमसे करनी है या अलगाववादियों से।
क्या भारत विरोध के जरिए दबदबा कायम रखना चाहते हैं राहिल शरीफ?
जनरल राहिल शरीफ के भाई राणा शब्बीर शरीफ 1971 की जंग में भारतीय सेना के हाथाें मारे गए। इसलिए शरीफ को पूर्व तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ की ही तरह पाकिस्तानी फौज का सबसे आक्रामक भारत विरोधी चेहरा माना जाता है। वे आर्मी में अपनी यही इमेज कायम रखकर देश में नेताओं और सरकार से ज्यादा दबदबा बनाए रखना चाहते हैं।
बुधवार से लेकर अब यूएन में क्या हुआ?
1. नवाज शरीफ ने यूएन में बुधवार को दिए स्पीच में भारत के साथ रिश्ते सुधारने की जरूरत बताई। लेकिन साथ ही शर्तें भी थोप दी थीं। कहा- भारत कश्मीर से सेना हटाए। फलस्तीन और कश्मीर में विदेशी दखल खत्म हो। भारत पाकिस्तान में अस्थिरता फैलाना बंद करे, क्योंकि हम खुद आतंकवाद के शिकार हैं। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
2. इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किए। कहा- पहले पाक अपने यहां आतंकवाद खत्म करे। कब्जे वाला कश्मीर जल्द खाली करे। पाकिस्तान द्वारा आतंकियों को पनाह देना ही अस्थिरता की वजह है।
3. यूएन में भारत के परमानेंट मिशन के फर्स्ट सेक्रेटरी अभिषेक सिंह ने जनरल असेंबली में जवाब देने के अधिकार (Right of Reply) का इस्तेमाल किया। कहा- पाक ने ग्लोबल फोरम पर गलत हकीकत पेश की है। इस पूरे मसले का मुख्य केंद्र एक ऐसा देश है, जो आतंकवाद को अपनी सरकारी पॉलिसी के तौर पर इस्तेमाल करता है।
4. गुरुवार रात विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यूएन जनरल असेंबली में स्पीच दी। नवाज पर निशाना साधा। कहा- ‘आपने कल यहीं से चार सूत्रों की बात की थी। चार सूत्रों की जरूरत नहीं है। एक ही सूत्र काफी है। आतंकवाद छोड़िए और बैठकर बात कीजिए।’ सुषमा ने अपनी स्पीच में सात बार पाकिस्तान और एक बार कश्मीर का नाम लिया। सुषमा के इस आक्रामक बयान की तारीफ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच ट्वीट किए। उन्होंने सुषमा के स्पीच को एक्सीलेंट बताया। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
5. शुक्रवार तड़के पाकिस्तान ने भी राइट टु रिप्लाई का इस्तेमाल किया। उसने यूएन सेक्रेटरी जनरल को डोजियर सौंपा। कहा- भारत आतंकवाद का इस्तेमाल करके न केवल दोतरफा बातचीत रोक रहा है, बल्कि दोनों देशों के बीच माहौल को भी खराब कर रहा है।
पाकिस्तान में डोजियर में क्या कहा?
पाक रिप्रेजेंटेटिव ने अपने डोजियर में कहा- सबूतों से पता चलता है कि इंडियन सिक्युरिटी एजेंसियों के कबीलाई इलाकों में आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान से रिश्ते हैं। डोजियर में बलूचिस्तान और कराची में भारत की दखलंदाजी और वहां आतंकवाद को बढ़ावा देने से जुड़े सबूत हैं। भारत आतंकवाद का इस्तेमाल करके न सिर्फ दोतरफा बातचीत को रोक रहा है, बल्कि दोनों देशों के बीच माहौल को भी खराब कर रहा है। पाक के रिप्रेजेंटेटिव ने कहा, ”भारत का सिर्फ वन प्वाइंट एजेंडे पर बातचीत करने के लिए जोर देना यह साबित करता है कि वह गंभीर बातचीत के लिए दिलचस्पी नहीं रखता।” उन्होंने 2007 में हुए समझौता ब्लास्ट धमाके के साजिश रचने वालों के खिलाफ भारत की ओर से कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया।

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