अमरीकी ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी, भारत जैसी उभरती अर्थव्‍यवस्‍थाओं में बाजार की स्थि‍रता के लिए खतरा।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष की प्रबन्ध निदेशक क्रिस्टीन लागार्ड ने कहा है कि अमरीकी फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी से भारत सहित उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों में बाजार की स्थिरता के सामने चुनौती पैदा हो सकती है।

उन्होंने कहा कि केन्द्रीय बैंकों द्वारा सुनियोजित व्यवस्था अपनाए जाने के बावजूद यह स्थिति सामने आ सकती है। कल मुम्बई में भारतीय रिजर्व बैंक के मुख्यालय में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आर्थिक पैकेज समाप्त करने की प्रक्रिया इस साल के अंतिम भाग में शुरू किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अमरीका इस साल के अंत में लघु अवधि की ब्याज दरें घोषित करेगा और अगर यह प्रक्रिया सुव्यवस्थित रही तो वित्तीय बाजारों में संभावित उतार चढ़ाव से स्थिरता को खतरा पैदा हो सकता है।