अमित जोगी का सीएम से वेतन में बढ़ोतरी रोकने आग्रह, सिंहदेव ने कहा- तो न लें वेतन

रायपुर.मरवाही के विधायक अमित जोगी ने छत्तीसगढ़ के विधायकों के वेतन में बढ़ोतरी को अनैतिक और संवेदनहीन कहते हुए मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को पत्र लिखकर इसे वापस लेने का आग्रह किया है। वहीं नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा है कि अमित को यदि वेतन की जरूरत नहीं है तो न लें और अभी जो वेतन मिल रहा है उसे भी ट्रेजरी में जमा कर दें।
अमित जोगी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में लिखा है कि 22 मार्च को कैबिनेट की बैठक में विधायकों के वेतन वृद्धि के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। इसके बाद विधायकों के वेतन में 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। विधायकों का वेतन 75 हजार से बढ़कर 1 लाख 10 हजार रुपए हो जाएगा। इससे साल भर में राज्य सरकार पर 7.5 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
सरकार ने 2013 में किसानों से वादा किया था कि वह 300 रुपए बोनस और 2100 रुपए प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य देगी। मगर यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। सूखे की वजह से यहां बड़ी संख्या में किसान कर्जदार हो कर आत्महत्या पर उतारू हो गए हैं।
ऐसी स्थिति में किसानों की मदद न करके सरकार ने विधायकों का वेतन बढ़ाने का निर्णय ले लिया है। यह किसी भी तरह से तर्क संगत नहीं है। सदन के अंदर भी वे इस बढ़ोतरी का विरोध करेंगे।
 अमित को वेतन की जरूरत नहीं तो न लें- सिंहदेव
नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने इस संबंध में कहा है कि अगर अमित को लगता है कि वेतन में बढ़ोतरी उचित नहीं है तो वे वेतन न लें। अभी जो 75 हजार रुपए मिल रहे हैं उसे भी कोषालय में जमा कर दें।
कोई भी विधायक या जन प्रतिनिधि वेतन न ले, सरकारी कर्मचारी वेतन न ले सभी लोग बिना वेतन के काम करें, इससे अगर किसानों सहित आम जनता का भला होता है तो फिर तो किसी को वेतन नहीं लेना चाहिए। किसानों को बोनस सहित समर्थन मूल्य की रकम देने में 1800 करोड़ रुपए का भार आएगा।
विधायकों की वेतन वृद्धि से सरकारी कोष पर महज 7.5 करोड़ रुपए ही भार पड़ता है। कई विधायकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ नहीं है। उनको अपने क्षेत्र में काम करने के लिए बहुत पैसे खर्च करने पड़ते हैं। वेतन व भत्ते से विधायक अपने क्षेत्र के लोगों को काफी पैसा देते हैं। कई तरह के चंदे व अन्य पैसे देने पड़ते हैं।
वेतन भत्ता खर्च से काफी कम…
इस मुद्दे पर भाजपा ने अमित के जरिए कांग्रेस पर पलटवार किया है। संसदीय कार्य मंत्री और मुख्य सचेतक अजय चंद्राकर ने कहा कि अमित अभी कांग्रेस के सम्बद्ध सदस्य हैं। जिस दिन विधेयक सदन में पेश होगा उस दिन कांग्रेस विधायकों की राय जनता को दिख जाएगी।
सचेतक शिवरतन शर्मा ने सरकार के फैसले को उचित बताया है। सरकार किसानों को पर्याप्त राहत दे रही है और आगे भी देगी। वर्तमान वेतन-भत्ता एक विधायक के खर्च की तुलना में काफी कम है।