अमित शाह का फाॅर्मूला: मप्र में इस बार चेहरे नहीं, संगठन के दम पर चुनाव लड़ेंगे

भोपाल.तीन विधानसभा चुनावों से शिवराज सिंह चौहान के चेहरे पर मप्र में चुनाव लड़ रही भाजपा आगामी चुनाव में संगठन के बलबूते मैदान में उतरेगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को कार्यकर्ता सम्मेलन में नए फॉर्मूले के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि आने वाला चुनाव कुशाभाऊ ठाकरे-राजमाता सिंधिया को समर्पित होगा। इसे संगठन के दम पर लड़ा जाएगा। शाह ने कहा कि मप्र में भाजपा अंगद के पैर की तरह है। दूरबीन से देखने पर भी कांग्रेस नहीं दिखाई देती। कांग्रेस के जो लोग राजा-महाराजा के साथ मैदान में उतर रहे हैं, उनसे डरने की जरूरत नहीं, भाजपा में बूथ का कार्यकर्ता ही उन्हें हरा देगा। इस बार जिन दो क्षेत्र (कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया) में हारते थे, उसकी सभी विधानसभा सीटें जीतना है। गौरतलब है कि अभी तक तमाम नेता यही दोहरा रहे थे कि 2018 का चुनाव शिवराज सिंह चौहान के ही नेतृत्व में लड़ा जाएगा।

बताया जीत का मंत्र

शाह ने इस दौरान कहा कि मप्र में 65 लाख कार्यकर्ताओं का डाटा है। ये 5 दिन भी जनता तक पहुंच जाए तो कोई नहीं हरा सकता। जीत का मार्जिन इतना हो कि दुश्मन को चक्कर आ जाए।

अन्य मुद्दों पर भी बोले शाह
एंटी इनकंबेंसी : भाजपा की सरकारों में एंटी इनकंबेंसी नहीं होती। हम सत्ता के लिए नहीं, सेवा के लिए आते हैं। 2013 और 2018 में भी लोगों ने बोला था। 2023 में भी यही बोलेंगे कि एंटी इनकंबेंसी है। इससे कुछ नहीं होगा।
कर्नाटक:2014 से लेकर 2018 तक देखें, भाजपा लगातार राज्यों में सरकार बनाती जा रही है। कर्नाटक के परिणाम 15 मई को आएंगे, पटाखे तैयार रखना।

शिवराज बोले- इस बार जीते तो 50 साल तक कांग्रेस बाहर रहेगी
– मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार यदि चुनाव जीत गए तो आने वाले 50 सालों तक कांग्रेस का कोई नाम लेवा नहीं रहेगा। इसलिए लाशों पर राजनीति करने वाली कांग्रेस के भ्रम में न आएं। वो गोलियां चलवा सकते हैं। लड़वा सकते हैं। लिहाजा सावधान रहो। 2013 से ज्यादा सीटें जीतकर पिछला रिकॉर्ड तोड़ना है। लोकसभा में 29 सीटें जीतना है।

– शिवराज ने कहा कि कांग्रेस में तो सोने की चम्मच लेकर पैदा हुए घराने के लोग हैं। भाजपा कार्यकर्ता शेर हैं। वो क्या चुनाव लड़ेंगे। मैंने कार्यक्रमों की व्यस्तता के कारण जल्दी जाने की बात कही और कहा कि सामने छोटी कुर्सी है। मेरे जाने के बाद उसमें कोई भी बैठ सकता है तो उसी पर कांग्रेसी खुश हो गए। दरअसल, उन्हें नींद में सपने आते हैं कि शिवराज को हटा दो।

– उन्होंने कहा कि 5000 अवैध कॉलोनियों को वैध करने जा रहे हैं। आगामी 8 मई को ऐसी कॉलोनियों में जाएं। सूची पढ़ी जाएगी। सभी हितग्राहियों से मिलें।

मोदी भगवान के वरदान, शाह राजनीति के चमत्कार
1. नरेंद्र मोदी :
भगवान का वरदान हैं। दुनिया में शक्तिशाली नेता हैं। ऐसी लहर है कि लोग चकित रह जाते हैं। एक नरेंद्र शिकागो में सालों पहले भारत के 21वीं सदी का भविष्य बताते हैं और दूसरे नरेंद्र मोदी उसे बनाने का काम करते हैं। पिछड़े जिलों के कलेक्टरों से सीधे बात करते हैं। कांग्रेस क्या खाकर उनका मुकाबला करेगी।
2. अमित शाह : भारत की राजनीति के चमत्कार हैं। आज के चाणक्य हैं। कुशल संगठक हैं। अब कांग्रेस कर्नाटक, पंजाब और पांडिचेरी में बची है। कर्नाटक भी हारेगी।

कमलनाथ पर बोले : कांग्रेस ने कार्पोरेट घराने के प्रिय पात्र को अध्यक्ष बनाया
शाह ने कहा- “कांग्रेस ने कार्पोरेट घराने के प्रिय पात्र को अध्यक्ष बनाया है, हमारी सरकार किसानों की है। नया अध्यक्ष देने के बाद राहुल बाबा मप्र में सरकार बनाने की बात कर रहे हैं। कांग्रेस में दम नहीं कि मप्र में भाजपा को हरा दे।”

राहुल पर प्रहार : हिंदू संस्कृति को बदनाम किया, देश से माफी मांगे
हैदराबाद ब्लास्ट मामले में सभी बेदाग हो गए। राहुल ने देश की सनातन संस्कृति को बदनाम किया। संवैधानिक पदों, चुनाव आयोग, कोर्ट और उपराष्ट्रपति को विवाद में घसीटा। उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।

कोर कमेटी का फैसला: घर बैठे सीनियर नेता अब पार्टी के भीतर के झगड़ों को निपटाएंगे
– भाजपा घर बैठे या हाशिए पर चल रहे अपने सीनियर नेताओं को फिर काम पर लगाने जा रही है। इन सभी को तीन या चार जिलों का जिम्मा सौंपा जाएगा। वहां ये नेता न केवल स्थानीय स्तर पर प्रमुख लोगों से बात करेंगे, बल्कि पार्टी के भीतर पनप रहे विवादों या झगड़ों को भी निपटाएंगे। सीएम हाउस में शुक्रवार को हुई कोर कमेटी व चुनाव प्रबंध समिति की संयुक्त बैठक में यह फैसला लिया गया।

– साथ ही तय हुआ कि इस चुनाव में भी मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा निकाली जाएगी जो जुलाई से शुरू होगी। बैठक में सीएम शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर समेत तमाम नेता मौजूद रहे।

10 जून को खाते में एक साथ पैसा

 यह भी तय किया गया कि बोनस के 265 रुपए और लहसुन के 800 रुपए का भुगतान एक साथ 10 जून को किया जाएगा। इसी दौरान एक सदस्य ने सुझाव दिया कि किसानों को सम्मेलन बुलाकर हाथों में चैक दिए जाएं। इस सुझाव पर विचार करने की बात कही गई।

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