अयोध्या में फिर 26 साल पुराना माहौल, आज शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पहुंचेंगे रामनगरी

सियासी पार्टियों के नेताओं और समर्थकों के साथ-साथ साधु-संतों के जमावड़े ने अयोध्या की फिजा को बदल दिया है। राम मंदिर की मांग पर महाराष्ट्र समेत पूरे देश से रामभक्त अयोध्या पहुंच रहे हैं। आज शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी अयोध्या पहुंचेंगे। उनसे पहले उनके समर्थक ट्रेनों में भर-भरकर अयोध्या पहुंच चुके हैं।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे आज 2 बजे अयोध्या पहुंचेंगे जहां वो क़रीब 1000 साधु-संतों से मुलाकात करेंगे। मुलाकात के बाद वो राम मंदिर पर अपने अगले कदम का ऐलान करेंगे। शाम 5.30 बजे 15 हज़ार शिवसैनिकों के साथ सरयू किनारे महाआरती में हिस्सा लेंगे। इसके बाद 25 नवंबर को उद्धव रामलला के दर्शन भी करेंगे।

वहीं शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने यह कहकर माहौल और गर्मा दिया है कि जब बाबरी मस्जिद को 17 मिनट में ढहाया जा सकता है, तो फिर मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने में इतनी देरी क्यों हो रही है। शिवसेना नेता यहां बीते कुछ दिनों से अपने पार्टी नेताओं और दो विशेष ट्रेनों से अयोध्या आए सैकड़ों शिवसेना समर्थकों के साथ डेरा डाले हुए हैं।

शिवसेना और वीएचपी के शक्ति प्रदर्शन को देखते हुए अयोध्या को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। माहौल में बढ़ती गर्मी पर यूपी सरकार चौकन्नी है। कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए सुरक्षा जबरदस्त हैं। हर सड़क, हर चौराहे पर पुलिस है, बैरिकेटिंग है। ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। आसपास के जिलों से भी पुलिस बुला ली गई है।

सरकार के सूत्रों ने कहा कि स्थानीय खुफिया इकाईयों को अलर्ट पर रखा गया है और शिवसेना प्रमुख के यहां आने से पहले अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। इस मामले में, योगी आदित्यनाथ सरकार फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है। एक तरफ, सरकार ने कहा है कि ‘राम भक्त’ अयोध्या में एकत्रित हो सकते हैं और धार्मिक रीति रिवाज कर सकते हैं, दूसरी तरफ सरकार ने पुलिस और जिला प्रशासन से अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।

 

अयोध्या में धर्मसभा से पहले खौफ का आलम, कई मुस्लिम परिवार घर छोड़कर भागे

 अयोध्या में 25 नवंबर को संघ परिवार के प्रस्तावित धर्मसभा से पहले पूरे अयोध्या में खौफ का साया है। मुस्लिम बहुल इलाकों में लोग बेहद डरे हुए हैं। उन्हें साल 1992 की याद सताने लगी है। यही वजह है कि वो अपने घर तक छोड़कर दूसरी जगहों पर जा रहे हैं और सरकार से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। इन्हीं में शामिल है बड़ी कुटिया और आलमगंज कटरा जहां के कई मुस्लिम परिवार घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर जा रहे हैं।

जो लोग घर छोड़कर जा नहीं सकते, उन्होंने अपने घरों में राशन जमा कर लिया है ताकि हालात बिगड़ने पर घरों में कैद रह सकें। वहीं बाबरी मस्जिद के पैरवीकार हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी का कहना है कि संघ की धर्मसभा को लेकर अयोध्या के मुसलमानों में दहशत है। मुसलमान काफी डरे हुए हैं और बड़े पैमाने पर पलायन करने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने इसको लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन देकर शहर के मुसलमानों को सुरक्षा देने की मांग भी की है।

अयोध्या के कुछ मुस्लिमों में डर इसलिए भी है क्योंकि यूपी के तमाम शहरों में वीएचपी कार्यकर्ता घूम घूम कर लोगों से अयोध्या पहुंचने की अपील कर रहे हैं और रैलियां निकाली जा रही हैं। ऐसा ही एक नज़ारा सीतापुर में भी दिखा जहां लकड़ी और प्लाईवुड से बने राम मंदिर के मॉडल को ट्रक पर रखकर पूरे शहर में घुमाया गया।

वीएचपी के कार्यकर्ता इस मॉडल को लेकर सौ गाड़ियां के काफिले के साथ अयोध्या जाने की तैयारी में है। शायद इन्हीं वजहों ने अयोध्या के मुस्लिमों में दहशत पैदा कर दी है और चुनौती है पुलिस-प्रशासन के सामने कि वो कैसे लोगों के दिलों से ये डर दूर करे।