अविश्वास प्रस्ताव पर कल होगी चर्चा

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को किया मंजूर, अविश्वास प्रस्ताप पर शुक्रवार को होगी चर्चा, संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा अविश्वास प्रस्ताप पर चर्चा के दौरान एनडीए और मजबूती के साथ आएगी

शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी।  इसके लिए सात घंटे का समय निर्धारित किया गया है और शुक्रवार को ही इस पर मतदान करा लिया जाएगा। सदनों की कार्यवाही आम तौर पर शांतिपूर्ण तरीके से चली और दिन भर तमाम मसलों पर सदन में चर्चा हुई ।लोकसभा की कार्यवाही शुरु होते ही मंगलवार को नए सदस्यों को शपथ दिलायी गयी । इसके बाद शुरु हुआ प्रश्नकाल शुरु होते ही तेलगू देशम पार्टी और समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने अपनी अपनी मांगों को लेकर आसन के समीप आकर नारेबाजी की। हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल जारी रहा । प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देने वाले सभी सदस्यों का उल्लेख किया और कहा कि  उसे स्वीकार कर लिया गया है । अब इसपर शुक्रवार को सदन में बहस होगी। अविश्वास प्रस्ताव मंजूर होने के बाद  सरकार जहां जीत का पूर्ण भरोसा होने की बात कह रही है वहीं विपक्ष का कहना है कि वो सरकार की नाकामियां पेश करेगा ।

दोपहर बाद सदन में सामान्य कामकाज हुआ । सरकार ने चार विधेयक पेश किये जिसमें मध्यस्थ और सुलह संशोधन विधेयक, व्यक्तियों का दुर्व्यापार निवारण, संरक्षण और पुनर्वास विधेयक, अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी विधेयक और भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण संशोधन विधेयक शामिल हैं। सदन में नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार दूसरा संशोधन विधेयक 2017 पर चर्चा हुई । मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आठवीं कक्षा तक फेल नहीं करने की नीति में संशोधन करने की पहल को स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिये महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि अब फेल होने पर बच्चों को कक्षा में रोकने या नहीं रोकने का अधिकार राज्यों को दिया गया है।

वहीं राज्यसभा में भी कार्यवाही होने पर नए सदस्यों को शपथ दिलायी गयी । इसके बाद टीडीपी के हंगामे की वजह से शून्यकाल में बैठक करीब 20 मिनट के लिए स्थगित की गयी। दोपहर 12 बजे बैठक शुरू होने पर भी तेदेपा सदस्यों ने अपनी मांग उठायी और तत्काल चर्चा कराए जाने की मांग की लेकिन बाद में सदन चला । प्रश्नकाल के दौरान  केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के प्रति कोई अत्याचार न हो इसके लिए सरकार ने एक्ट में नए अपराधों को शामिल किया है  ।बाद में राज्यसभा ने चर्चा के बाद स्टेट बैंक (निरसन और संशोधन) विधेयक पास किया । लोकसभा इसे पहले ही पास कर चुकी है । विधेयक पर हुई बहस का जवाब देते हुए सरकार ने कहा है एसबीआई में सहयोगी बैंकों के विलय के बाद किसी भी कर्मचारी की छंटनी नहीं होगी। कुल मिलाकर दोनों सदनों में पहले दिन कामकाज हुआ और उम्मीद है कि सदन आगे भी ऐसे ही चलेगा ।