अहमदाबाद में आबे के साथ PM का रोड शो, लोग बोले- आमरो मोदीजी ग्रेट छे

गांधीनगर. जापान के पीएम शिंजो आबे अपने दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को भारत पहुंचे। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर नरेंद्र मोदी ने गर्मजोशी से गले लगकर शिंजो आबे का स्वागत किया। आबे के साथ उनकी पत्नी आकी आबे भी मौजूद थीं। इसके बाद मोदी और आबे ने 8 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। खास बात ये रही कि आबे और उनकी पत्नी भारतीय पोशाकों में नजर आए। इस दौरान रोड शो देखने पहुंचे लोगों ने नारे लगाए- आमरो मोदीजी ग्रेट छे। इसके बाद दोनों लीडर साबरमती आश्रम पहुंचे और फिर शाम को 444 साल पुरानी सिद्दी सैयद की जाली मस्जिद पहुंचे। बता दें कि दूसरे दिन, 14 सितंबर को दोनों नेता भारत की बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का शिलायन्स करेंगे। दोनों के बीच बाइलेटरल मीटिंग भी होगी।
आबे-मोदी का मेगा रोड शो की खास बातें, 8 प्वाइंट…
1) गले लगकर किया स्वागत
– नरेंद्र मोदी ने आबे को शाम करीब 3.38 बजे अहमदाबाद पर रिसीव किया। आबे अपनी पत्नी आकी आबे मौजूद थीं। मोदी ने गले लगकर आबे की अगवानी की। इसके बाद जापान के पीएम को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
2) 36 बौद्ध भिक्षुओं ने किया मंत्रोच्चार
– मोदी आबे और उनकी पत्नी को लेकर एयरपोर्ट के बाहर निकले। इस दौरान तीनों रेड कार्पेट पर चल रहे थे। यहां मौजूद 36 बौद्ध भिक्षुओं ने मंत्रोच्चार किया। आबे ने सिर झुकाकर इन भिक्षुओं का अभिवादन किया।
3) भारतीय पोशाक में दिखे आबे और उनकी पत्नी
– एयरपोर्ट से निकलने के बाद मोदी, शिंजो आबे और उनकी पत्नी रोड शो में शामिल हुए। इस दौरान शिंजो आबे मोदी जैकेट पहने नजर आए तो उनकी पत्नी आकी आबे सलवार कुर्ते में नजर आईं।
4) खुली जीप में 8 किमी. लंबा रोड शो
– जापान के पीएम और उनकी पत्नी के साथ मोदी ने एयरपोर्ट से साबरमती आश्रम तक 8 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। इस दौरान लोग भारत और जापान के राष्ट्रध्वज के साथ लिए नजर आए। मोदी, शिंजो आबे और उनकी पत्नी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन कर रहे थे।
5) 28 राज्यों की झांकियां दिखीं
– रोड शो के दौरान 28 राज्यों की झांकियां सजाई गईं। इनमें सांस्कृतिक और लोक कलाओं की परफॉर्मेंस भी दी गई। इसके पीछे मोदी का मकसद जापान के पीएम को भारतीय संस्कृति से रूबरू करवाना था।
6) लोगों ने कहा- आमरो मोदी जी ग्रेट छे
– रोड शो के दौरान बड़ी तादाद में लोग रोड के किनारे इकट्ठा थे। इस शानदार रोड शो के लिए गुजरात के लोगों ने मोदी की तारीफ की।
– अल्पना पालन नाम की एक महिला ने कहा, “आमरो मोदी जी ग्रेट छे। यानी हमारे पीएम महान हैं।’ कई दूसरी महिलाओं ने भी यही नारे लगाए।
7) शिंजो ने गांधी जी की तस्वीर पर चढ़ाई माला
– 38 मिनट के रोड शो के बाद मोदी-आबे साबरमती आश्रम पहुंचे। यहां आबे ने गांधी जी की तस्वीर पर सूत की माला चढ़ाई। मोदी ने आबे और उनकी पत्नी को गांधी जी के चरखे के बारे में बताया। इस दौरान आश्रम में वैष्णव जन और रघुपति राघव भजन भी गाए गए। आबे और उनकी पत्नी ने साबरमती आश्रम में विजिटर्स बुक में अपने अनुभव लिखे। मोदी ने शिंजो आबे को गांधी जी के 3 बंदरों के बारे में भी बताया।
8) पहली बार ऐसा रोड शो
– मोदी का किसी दूसरे देश के पीएम के साथ ये पहला रोड शो था।
– नरेंद्र मोदी और शिंजो आबे के बीच समझौते दिल्ली से बाहर होंगे। यह जुलाई 2001 में पाकिस्तान के प्रेसिडेंट परवेज मुशर्रफ के साथ आगरा में हुई समिट के बाद संभवत: दूसरा मौका होगा जब किसी देश के नेता के साथ दिल्ली से बाहर किसी शहर में समिट होगी।
ये दौरा क्यों खास है?
घेरेबंदी: अफ्रीकी कॉरिडोर सेक्षेत्रमें चीन के प्रभाव को कम करेगा
– भारत ने चीन के वन बेल्ट, वन रोड (ओबीओआर) प्रोजेक्ट से खुद को अलग रखा है। इस प्रोजेक्ट के जवाब में भारत ने अफ्रीकी डेवलपमेंट बैंक की मीटिंग में एशिया-अफ्रीका ग्रोथ कॉरिडोर को लांच किया था। यह मोदी और आबे का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
– इस विजिट के दौरान आबे इस प्रोजेक्ट से जुड़े कई समझौते कर सकते हैं। इसके जरिए भारत और जापान एशिया और अफ्रीकी देशों में क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर करना चाहते हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत भारत और जापान साथ मिलकर अफ्रीका, ईरान, श्रीलंका और दक्षिण पूर्व एशिया में कई इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
मेक इन इंडिया: डिफेंस कंपनियां भी भारत में लगा सकती हैं प्लांट
– इंडोनेशिया में बुलेट ट्रेन चलाने के लिए जापान, चीन से हार गया। ऐसे में आबे शिंकासेन बुलेट ट्रेन की टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट करने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में उनके लिए भारत सबसे बेहतर विकल्प है। संभव है कि मेक इन इंडिया के तहत भारत में बुलेट ट्रेन चलाने पर बड़ा एलान हो सकता है।
– इसके अलावा दोनों प्रधानमंत्री और भी कई प्रोजेक्ट लॉन्च करेंगे। जापान के साथ सैन्य सहयोग बढ़ने के साथ-साथ भारत हथियारों और उपकरणों के घरेलू स्तर पर निर्माण के लिए रक्षा तकनीक हासिल करने में मदद मिल सकती है। इसके तहत जापानी डिफेंस कंपनियाें से भारत में एयरक्राफ्ट, फाइटर प्लेन और सबमरीन बनाने के प्रोजेक्ट पर बात चल रही है।
संजीव सिन्हा गरीबी से लड़ आईआईटी पहुंचे, बुलेट ट्रेन एडवाइजर नियुक्त हुए
– जापान ने संजीव सिन्हा को बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का एडवाइजर बनाया है। वे 20 साल से जापान में हैं। राजस्थान के संजीव 1989 में पहले ही प्रयास में आईआईटी में चुने गए। फीस चुकाने के पैसे नहीं थे। इसलिए लोन लेकर पढ़ाई की।
आबे की पत्नी के 10 से ज्यादा प्रोग्राम, ब्लाइंड पीपल एसोसिएशन भी जाएंगी
– जापानी पीएम आबे की पत्नी एईको अहमदाबाद दौरे के दौरान 10 से अधिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। वे ब्लाइंड पीपल एसोसिएशन (बीपीए) भी जाएंगी। जापानी यूनिवर्सिटी के मसाज थैरपी का कोर्स बीपीए में चल रहा है।
मोदी CM थे तब पहली बार आबे से मिले थे
– मोदी-आबे की यह चौथी शिखर बैठक है। यानी तीन बार वे इस बैठक में पहले ही मिल चुके हैं।
– पिछली मुलाकात जर्मनी के हैम्बर्ग में जुलाई में जी-20 देशों की बैठक के मौके पर हुई थी।
– नवंबर में मोदी जापान गए थे। आबे के साथ टोक्यो से बुलेट ट्रेन में बैठकर कोबे पहुंचे थे।
– पिछले साल सितंबर में लाओस के वियंतिन में हुए 14वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन मिले थे।
– गुजरात के सीएम रहते हुए मोदी 2007 और फिर 2012 में जापान गए थे जब आबे से उनकी मुलाकात हुई थी।
– 26 जनवरी 2014 को आबे गणतंत्र दिवस समारोह में दिल्ली आए थे। उस वक्त मोदी उनसे मिलने गुजरात से दिल्ली पहुंचे थे।

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