आंसू बहाने नहीं पोछने आया हूं: नरेंद्र मोदी

tatpar 26 oct 2013

झांसी [आशुतोष झा]। कांग्रेस अपना प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित करे या न करे, भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने मिशन 2014 को अपने और राहुल गांधी के बीच की लड़ाई बना दी है। राहुल के भावनात्मक मुद्दों के कार्ड के जवाब में मोदी ने खुद को आंसू पोछने वाला बताकर मजबूती जताई, तो सुशासन को मुद्दा बनाया।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के दादी (इंदिरा गांधी) की हत्या का मामला उठाए जाने पर मोदी ने कहा, उस हत्या के बाद देश में जिस तरह से हजारों सिखों की हत्या हुई और अभी तक एक भी दोषी को सजा नहीं हुई, उसके लिए कौन जवाबदेह है? उन्होंने राहुल गांधी से आइएसआइ से रिश्ता रखे नौजवानों के नाम बताने या फिर मुस्लिम समाज से माफी मांगने की बात कही। मोदी ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस की साठ साल की सत्ता के जवाब में 60 महीने भी मिले तो वह बुंदेलखंड सहित पूरे देश की तकदीर और तस्वीर बदल देंगे।

प्रधानमंत्री नहीं चौकीदार बनाएं

प्रधानमंत्री उम्मीदवारी की घोषणा के बाद से पहली बार झांसी में मोदी ने खुद के लिए वोट मांगा। साथ ही कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के हालिया बयानों और उनके भावनात्मक कार्ड को अपने शब्दों के तीर से छलनी कर दिया। वीरों की धरती बुंदेलखंड से राहुल पर सीधा हमला करते हुए मोदी ने कहा कि वह शहजादे की तरह आंसू बहाने नहीं बल्कि आंसू पोछने आए हैं। कांग्रेस शासन में हुए भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए उन्होंने अपील की कि उन्हें प्रधानमंत्री नहीं चौकीदार बनाया जाए ताकि वह देश के खजाने पर किसी भ्रष्टाचारी का पंजा नहीं पड़ने दें।

राहुल को खुफिया जानकारी पर सवाल

मुजफ्फरनगर में दंगे के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ की सक्रियता के राहुल के बयान पर भी मोदी ने गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने सरकार पर अंगुली उठाते हुए कहा कि खुफिया जानकारी एक सांसद के राजनीतिक भाषण के लिए उपलब्ध कराई जाती है, जिसने गोपनीयता की कोई शपथ नहीं ली। अगर आइएसआइ पैर पसार रही है तो उसके लिए भी सरकार की कमजोरी जिम्मेदार है। राहुल कहते हैं कि आइएसआइ मुजफ्फरनगर के मुस्लिम युवकों के संपर्क में है तो फिर सरकार क्या कर रही है?

पैकेज कांग्रेस व सपा ने लूटा

विकास का सपना बेचते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी बुंदेलखंड के नाम पर लूट करने में पीछे नहीं रहीं। शहजादा एक पैकेज लेकर आया था। लेकिन आधा कांग्रेस और आधा सपा में बंट गया। इसीलिए, उत्तर प्रदेश के हिस्से में जहां धरती प्यासी है वहीं मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड में 30 फीसद धरती सिंचित हो गई है। उत्तर प्रदेश में ताकत है कि वह पूरे देश की गरीबी मिटा सकता है लेकिन कांग्रेस, सपा और बसपा की तिकड़ी के कामकाज बुंदेलखंड कराह रहा है।

उप्र-बिहार के नौजवानों पर नजर

मोदी ने गुजरात में काम करने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार के नौजवानों व उनके परिवारों को भी जोड़ने वाला कार्ड चला। गुजरात के विकास के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को श्रेय देते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात उनके पसीने की वजह से आगे बढ़ा है। गुजरात में यह प्रयोग शुरू हुआ है कि मेहनतकश लोगों को सवैतनिक लंबी छुट्टी दी जाए ताकि वह अपने खेत-खलिहानों और माता-पिता के पास आकर वक्त गुजार सकें।

मोदी उवाच

‘जैसे लोग अपने पूर्वजों की विरासत देखने जाते हैं उसी तरह कांग्रेस के शहजादे गरीबी देखने जाते हैं’

‘पूरी रोटी की बात करने में साठ साल लगे तो फिर भरपेट भोजन में और सौ साल लगेंगे।’

‘कांग्रेस का अहंकारवाद, सपा का परिवारवाद और बसपा का व्यक्तिवाद इतना हावी है कि कोई वादा पूरा नहीं हो सकता।’

‘सबका मतलब सपा, बसपा और कांग्रेस केवल लूट कर सकती है।’

‘बुंदेलखंड के विकास के लिए न लखनऊ में सोच है न दिल्ली में।’

‘पैकेज नहीं अब सपा, बसपा और कांग्रेस की पैकिंग करो।’

‘कमल पर ही लक्ष्मी विराजमान होती हैं।’

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