आज उद्धव ठाकरे और योगी होंगे आमने-सामने

मुंबई. आदिवासियों के लिए सुरक्षित लोकसभा की पालघर सीट पर 28 मई को होने वाला उपचुनाव के लिए सभी पार्टियों ने अपनी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में बुधवार को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे कई जनसभाओं को संबोधित करेंगे। बीजेपी के दिवंगत सांसद चिंतामण वनगा के निधन के कारण इस सीट पर उप चुनाव हो रहा है। इस सीट पर भाजपा, शिवसेना और हितेंद्र ठाकुर की पार्टी बहुजन विकास आघाड़ी के बीच मुख्य मुकाबला है जबकि कांग्रेस लड़ाई में पीछे है।

पूर्व विरार में योगी की जनसभा
– उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर बाद पालघर जिले में होंगे। योगी पालघर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार राजेंद्र गावित के समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे। – योगी आदित्यनाथ बुधवार की शाम 7 बजे विरार पूर्व स्थित मनवेल पाड़ा तालाब इलाके में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद मुंबई से वह दिल्ली के रवना होंगे और रात में वहीं रुकेंगे।

– बुधवार शाम को ही शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की भी नालासोपारा में जनसभा होगी। इससे एक ही इलाके में उद्धव और योगी आमने-सामने होंगे।

बीजेपी शिवसेना आमने-सामने
– दिवंगत सांसद चिंतामण वनगा के परिवार ने बीजेपी का साथ छोड़कर शिवसेना का दामन पकड़ लिया है। शिवसेना ने चिंतामण वनगा के बेटे श्रीनिवास को उम्मीदवार बनाया है।
– बीजेपी ने कांग्रेस के आदिवासी नेता राजेंद्र गावित को कांग्रेस से तोड़कर बीजेपी में शामिल कर लिया है। इसी बीच वसई-विरार और पालघर में सक्रिय बहुजन विकास आघाडी ने भी अपना उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी है। पार्टी के नेता हितेंद्र ठाकुर ने कहा है कि उनकी पार्टी के उम्मीदवार का फैसला 10 मई को होगा। बता दें कि बहुजन विकास आघाडी, राज्य में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार को समर्थन दे रही है।

बाहरी बनाम स्थानीय की लड़ाई
– बीजेपी ने भले ही कांग्रेस नेता राजेंद्र गावित को तोड़कर अपना उम्मीदवार बनाने का दांव खेला है, लेकिन इसके साथ ही पालघर में बाहरी बनाम स्थानीय का मुद्दा गरमाने लगा है। राजेंद्र गावित मूलत: उत्तर महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल जिले नांदुरबार के है, जबकि शिवसेना उम्मीदवार श्रीनिवास वनगा स्थानीय है और बहुजन विकास आघाडी का संभावित प्रत्याशी भी स्थानीय ही होने की उम्मीद है।

वनगा परिवार के सहारे शिवसेना
– पालघर परंपरागत रूप से बीजेपी की सीट रही है और कांग्रेस का भी यहां अपना जनाधार है। स्थानीय स्तर बहुजन विकास आघाडी की भी पकड़ है, लेकिन शिवसेना का कोई मजबूत जनाधार नहीं है। श्रीनिवास वनगा को अपना उम्मीदवार बनाकर उसने उम्मीदों के पंख लगाए हैं।
– बता दें कि वनगा परिवार पालघर का सम्मानित परिवार है। जाहिर है कि उसे मतदाताओं की सहानुभूति भी मिलेगी।

सीएम ने चुनाव के लिए लगाई कोर टीम
– मुख्यमंत्री ने अपनी कोर टीम को पालघर में उतार दिया है। पालघर उपचुनाव के लिए अपनी जो कोर टीम बनाई है, उसमें राज्यमंत्री रवींद्र चव्हाण को पालघर चुनाव का प्रभारी बनाया गया है।
– उनके अलावा विधायक मंगलप्रभात लोढ़ा, योगेश सागर, प्रवीण दरेकर, मनीषा चौधरी, संजय केलकर, नरेंद्र मेहता, पास्कल धनारे के नेतृत्व में अलग-अलग टीम बनाकर उन्हें अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
– इनके अलावा बोरीवली के सांसद गोपाल शेट्टी, भिवंडी के सांसद कपिल पाटील और आदिवासी विकास मंत्री विष्णु सावरा को भी विशेष जिम्मेदारियां दी गई हैं। हर विधायक के नेतृत्व में पार्टी ने अपने तीन-तीन सक्रिय कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार और चुनाव प्रबंधन में लगाया है।

कई दिग्गज होगे आमने-सामने
– उप चुनाव में आगामी 23 मई बुधवार को शिवसेना के पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आमने-सामने होंगे। इन दोनों नेताओं की चुनाव प्रचार सभाएं 23 तारीख को ही आयोजित की गई हैं।
– बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को विरार आ रहे हैं। योगी पालघर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार राजेंद्र गावित के समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे। योगी आदित्यनाथ बुधवार की शाम 7 बजे विरार पूर्व स्थित मनवेल पाड़ा तालाब इलाके में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे।
– वहीं, 25 मई को उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सभाएं होनी हैं। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी 25 मई को डहाणु में प्रचार करेंगी। डहाणु स्मृति का ‘होम ग्राउंड’ है।

बिहारी समाज को बीजेपी पाले में लाने की कोशिश
– उत्तरप्रदेश व बिहारी समाज को बीजेपी के पाले में लाने का काम मुंबई बीजेपी के प्रदेश महामंत्री अमरजीत मिश्र कर रहे हैं। उन्होंने नालासोपारा विरार में भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता व सांसद मनोज तिवारी का रोड शो करवाया और रविवार की सुबह 10 बजे मौर्या नाका पर मनोज तिवारी की बड़ी सभा करवाई थी।
– बता दें कि लोकसभा क्षेत्र के एक चौथाई मतदाता उत्तर भारतीय हैं। बीजेपी ने इन मतदाताओं को अपने पाले में बनाये रखने के लिए उत्तरप्रदेश बिहार के कई मंत्री व बीजेपी विधायकों चुनाव प्रचार में लगा रखा है।

संघ के प्रचारक भी जुटे
– इसके अलावा पालघर के आदिवासियों के बीच काम कर रहे और काम कर चुके राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 12-15 प्रचारक और उनके स्वंयसेवकों की टीम समानांतर रूप से भाजपा के पक्ष में काम कर रही है।

अतिरिक्त पुलिस तैनात
– सरकार में शामिल दोनों पार्टियों शिवसेना-बीजेपी के एक दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने और दोनों के द्वारा इस चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिए जाने के कारण कानून और व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां इलाके में तैनात किए जाने की व्यवस्था स्थानीय प्रशासन ने की है।

पालघर सीट का गणित
– पालघर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 6 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इनमें से डहाणू, पालघर, बोइसर, नालासोपारा और वसई में बड़ी संख्या में हिंदी भाषी मतदाता हैं। इन मतदाताओं पर भाजपा की नजर है।
– 6 विधानसभा सीटों में से दो पर भाजपा, एक पर शिवसेना और तीन पर बहुजन विकास आघाडी के विधायक हैं। इस हिसाब से देखा जाए, तो बहुजन विकास आघाडी की ताकत ज्यादा है, लेकिन बहुजन विकास आघाडी के राजनीतिक हित केंद्रीय राजनीति से ज्यादा स्थानीय राजनीति से जुड़े हैं।
– पालघर लोकसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 15-16 लाख के करीब है। इनमें से करीब 25 फीसदी मतदाता हिंदी भाषी हैं। इनमें उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान और गुजरात के लोग शामिल हैं।
– राजस्थानी और गुजराती मूल के मतदाता मुख्य रूप से व्यापारी हैं और उत्तर प्रदेश और बिहार के बहुसंख्य मतदाता श्रमिक वर्ग के हैं।
– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भाजपा के इन परंपरागत मतदाताओं को एकजुट करने के लिए उत्तर भारतीयों में लोकप्रिय मुंबई बीजेपी के महामंत्री अमरजीत मिश्र को बोइसर और

पालघर में तैनात किया है।

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