आज नीदरलैंड्स पहुंचेंगे मोदी, 13 साल बाद यहां किसी भारतीय PM का दौरा

वॉशिंगटन/ नई दिल्ली.नरेंद्र मोदी इन दिनों तीन देशों के विदेश दौरे पर हैं। दो दिन के यूएस विजिट के बाद वे मंगलवार को आखिरी पड़ाव पर नीदरलैंड्स में होंंगे। 13 साल बाद कोई भारतीय पीएम यहां का दौरा कर रहा है। इसके पहले 2004 में मनमोहन सिंह गए थे। एक दिन की विजिट में मोदी की मुलाकात डच पीएम मार्क रूट से होगी। इस दौरान, दोनों नेताओं के बीच इकोनॉमिक रिलेशन को बढ़ावा देने पर जोर के साथ आतंकवाद और क्लाइमेट चेंज के मुद्दे पर बातचीत हो सकती है। बता दें कि रूट और मोदी की मुलाकात 2015 में हो चुकी है, जब रूट दो दिन के दौरे पर दिल्ली आए थे।
मोदी ने कहा था- भारत और नीदरलैंड्स के बीच अच्छे रिश्ते…
– मोदी ने 24 जून को तीन देशों के दौरे पर निकलने से पहले इसके एजेंडे को लेकर ट्वीट किए थे। नीदरलैंड्स को लेकर उन्होंने लिखा था- “मैं 27 जून को नीदरलैंड्स के दौरे पर रहूंगा। दोनों देशों के बीच डिप्लोमैटिक रिलेशन की इस साल 70वीं सालगिरह है। इस दौरान में मार्क रूट से मुलाकात करूंगा। वहीं, किंग विलियम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से भी मिलने जाऊंगा।”
– “मैं पीएम रूट के साथ मुलाकात को लेकर काफी उत्साहित हूं। इस दौरान दोनों देशों के बीच बाइलेटलर रिलेशन्स को और मजबूत किया जाएगा। हमारे बीच क्लाइमेंट चेंज और काउंटर- टेररिज्म जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।”
‘इकोनॉमिक रिलेशन अहम’
– मोदी ने यह भी कहा था, “हमारे बाइलेटरल रिलेशन में इकोनॉमिक रिलेशन अहम हैं। यूरोपियन यूनियन में नीदरलैंड्स हमारा 6th सबसे बड़ा कारोबारी भागीदार है। वहीं, पूरी दुनिया में 5th सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट पार्टनर है। वाॅटर एंड वेस्ट मैनेजेमेंट, एग्रीकल्चर और फूड प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और पोर्ट्स एंड शिपिंग जैसे फील्ड में डच की अच्छी पकड़ है, जो हमारे डेवलपमेंट की जरूरत को पूरी कर सकती है। मैं पीएम रूट के साथ बातचीत पर जोर दूंगा कि कैसे दोनों देश आगे मिलकर काम कर सकते हैं। मैं वहां डच कंपनियों के सीईओ के साथ भी मुलाकात करूंगा और उनको भारत में इन्वेस्टमेंट के लिए आगे आने के लिए कहूंगा।”
– बता दें कि डच पीएम मार्क रूट जून 2015 में भारत आए थे। उनके दो दिन के दौरे में दोनों देशों के बीच करीब 20 करार हुए थे।
नीदरलैंड्स भारत के लिए अहम क्यों है?
– भारतीय कंपनियां यूरोप में अपने प्रोडक्ट्स को एक्सपोर्ट करने के लिए नीदरलैंड्स को एक हब या गेटवे के तौर पर इस्तेमाल करती हैं। यूरोप में करीब 20% एक्सपोर्ट नीदरलैंड्स के जरिए होता है।
– इसके अलावा एग्रीकल्चर, लाइफ साइंस, हेल्थकेयर, पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स और वाॅटर एंड वेस्ट मैनेजमेंट जैसे सेक्टर्स में भारत का अहम पार्टनर है। इतना ही नहीं, नीदरलैंड्स कई प्रोजेक्ट्स के जरिए मेक इन इंडिया और क्लीन इंडिया कैम्पेन से भी जुड़ा है। डच के एक्सपर्ट्स हरियाणा में एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, जिसमें ज्यादा से ज्यादा अनाज पैदा किया जा सके।
अभी तक कितने भारतीय PM नीदरलैंड्स गए
– नीदरलैंड्स का विजिट करने वाले मोदी चौथे भारतीय पीएम होंगे। सबसे पहले 1957 में जवाहर लाल नेहरू नीदरलैंड्स गए थे। इसके बाद 1985 में राजीव गांधी और फिर 2004 में डॉ. मनमोहन सिंह ने इस देश का दौरा किया था।
भारत और नीदरलैंड्स के बीच कारोबार
– सरकारी डाटा के मुताबिक, दोनों के बीच 2016 में 4.8 बिलियन यूरो (34000 करोड़ रुपए) का कारोबार हुआ है।
– नीदरलैंड्स भारत में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट के मामले में 6th सबसे बड़ा इन्वेस्टर है। फिलहाल, भारत में 200 से ज्यादा डच कंपनियां कारोबार कर रही हैं, जिनमें शेल, यूनिलीवर, एक्जो नोबेल, डीएसएम, फ्लिप्स, केएलएम आदि शामिल हैं। वहीं, करीब 200 भारतीय कंपनियों की नीदरलैंड्स में मौजूदगी है।

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