आतंकवाद से कोई देश नहीं बचा: मोदी; स्पेन और भारत के बीच हुए 7 करार

मैड्रिड.नरेंद्र मोदी चार यूरोपीय देशों के दौरे पर हैं। बुधवार को मोदी ने स्पेन के पीएम मारियानो राजॉय से मुलाकात की। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच बाइलेटरल टॉक हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच 7 करार हुए। इससे पहले मोदी ने कहा, “आतंकवाद से कोई देश अछूता नहीं रहा। मानवतावाद के खिलाफ इस जंग को भारत-स्पेन मिलकर लड़ेंगे।” बता दें कि मोदी मंगलवार रात स्पेन पहुंचे थे। 30 साल में यहां पहुंचने वाले वे पहले भारतीय पीएम हैं। मैड्रिड के जिस होटल में मोदी रुके हैं, उसके बाहर उन्होंने लोगों से मुलाकात की। हाथ मिलाया और फोटो भी खिंचवाई।
अब स्पेन में दोबारा जल्द आएगा भारतीय पीएम…
– “प्रेसिडेंट के साथ मुलाकात में बाइलेटरल रिलेशन को बल मिलेगा।”
– “आज दुनिया बदल चुकी है। छोटे से छोटे देश का महत्व है। सभी इंटरकनेक्टेड हैं। भारत-स्पेन मिलकर वैश्विक रूप से कैसे साथ मिलकर काम कर सकते हैं, ये हमारी प्राथमिकता रहेगी।”
– “प्रेसिडेंट मारियानो का लंबा अनुभव है। यूरोप में क्या चुनौतियां हैं, इस पर बैठकर चर्चा करेंगे।”
– “कोई भी देश आतंकवाद से बचा नहीं है। भारत-स्पेन दोनों ही देशों ने आतंकवाद देखा है। आतंकवाद के खिलाफ मानवतावाद की लड़ाई के लिए मिल-बैठकर चर्चा करेंगे।”
– “भारत में भी तेज गति से आर्थिक विकास हुए हैं। किसी भी देश के विकास में आर्थिक मजबूती का योगदान होता है। हमारी सरकार न्यू इंडिया के लिए काम कर रही है।”
भारत-स्पेन के बीच 7 करार
1. साइबर सिक्युरिटी।
2. सिविल एविएशन में टेक्नीकल कोऑपरेशन।
3. दोषियों को दोनों देशों में ट्रांसफर किया जा सकेगा।
4. डिप्लोमैट पासपोर्ट रखने वालों को वीजा में छूट।
5. दोनों देश ओर्गन ट्रांसप्लांटेशन में एक-दूसरे को सहयोग करेंगे।
6. दोनों देश रिन्यूएबल एनर्जी में मदद करेंगे।
7. एक करार भारतीय फॉरेन सर्विस इंस्टीट्यूट और डिप्लोमैटिक एकेडमी ऑफ स्पेन के बीच हुआ है।
– बता दें कि मंगलवार को मोदी के जर्मनी विजिट के दौरान दोनों देशों के बीच 8 करार हुए थे।
मोदी को SPIEF में बुलाया जाना सम्मान की बात: रूस में भारत के एम्बेसडर
– रूस में भारत के एम्बेसडर पंकज सरन ने कहा, “सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) काफी मायने रखता है। भारत की अहमियत को देखते हुए मोदी को गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में इनवाइट किया गया है। ये हमारे लिए सम्मान की बात है।”
– “मोदी और पुतिन 2 जून को भारतीय-रूसी कंपनियों के सीईओ से मुलाकात करेंगे। भारत में रूस का इन्वेस्टमेंट बढ़ाना हमारी पहली प्रायोरिटी है। इसके लिए SPIEF अच्छा मौका साबित हो सकता है।”
– “भारत-रूस इस बात पर भी राजी हैं कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले किसी देश से बाकायदा कानून बनाकर निपटा जाए।”
जर्मन कंपनियों के स्वागत के लिए खड़े हैं
– इंडो-जर्मन बिजनेस समिट में मोदी ने कहा, “हमारी इकोनॉमिक पार्टनरशिप अभी भी काफी मजबूत है। इसे और आगे बढ़ाने के लिए हम जर्मन कंपनियों का स्वागत करने के लिए खड़े हैं। मेक इन इंडिया ने बड़ा असर डाला है। जर्मनी मेक इन इंडिया को कामयाब बनाने के लिए बड़े पैमाने पर सहयोग कर रहा है।”
– “जीएसटी देश का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक कर सुधार है, जो अगले महीने से लागू हो रहा है। हमारा जोर सुशासन को बढ़ाने पर है। भारत सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी सुधारों को लागू करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं। भारत की FDI पॉलिसी पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा उदार है। यहां 90% फॉरेन इन्वेस्टमेंट ऑटोमैटिक रूट से होता है।”
– “मैं ज्यादा से ज्यादा जर्मन साथियों और कंपनियों को बुलाता हूं। हमारी दिशा, इच्छा और सपने बिजनेस के बड़े मौके बना रहे हैं। इससे पहले भारत बिजनेस के लिए इतना ज्यादा तैयार कभी नहीं था। हम टेकऑफ करने की स्थिति में हैं। मैं वादा करता हूं कि हम आपके साथ मिलकर कड़ी मेहनत करेंगे।”
किस देश में क्या एजेंडा
स्पेन: इन्फ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और रेलवे पर फोकस
– करीब तीन दशकों में किसी भारतीय पीएम की यह पहली स्पेन विजिट है।
– 31 मई को इस विजिट के दौरान वह स्पेन के किंग फिलिप VI से मिलेंगे। इसी दिन प्रेसिडेंट मारियानो राजॉय से मिलेंगे। इसके बाद मोदी स्पेन के टॉप सीईओ से मिलेंगे।
एजेंडा:इन्फ्रास्ट्रक्चरऔर एनर्जी सेक्टर पर बातचीत हो सकती है।
कारोबार: रेलवे के साथ कारोबार करने की इच्छुक स्पेन की हलके कोच बनाने वाली कंपनी टेल्गो के अफसर भी मोदी से मिलेंगे। अभी 200 स्पेनिश कंपनियां भारत में हैं। अप्रैल 2000 से 2016 तक 2.32 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट किया है। 2016 में कारोबार 5.22 अरब डॉलर का रहा।
रूस: चीन के वन रोड-वन बेल्ट का मुद्दा उठाएंगे मोदी
– मोदी रूस में 31 से 2 जून तक रहेंगे। दौरे की शुरुआत में मोदी पिस्कारोवस्कोए सिमिट्री जाएंगे, जहां वे लेनिनग्राद संघर्ष में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देंगे।
– यहां वे प्रेसिडेंट पुतिन के साथ सेंट पीटर्सबर्ग में 18th भारत-रूस एनुअल मीटिंग में हिस्सा लेंगे।
– 2 जून को यहां मोदी इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में भी हिस्सा लेंगे। इसमें 1 हजार ग्लोबल इन्वेस्टर्स शामिल होंगे।
– इसके बाद मोदी को गेस्ट ऑफ ऑनर से नवाजा जाएगा।
एजेंडा: फॉरेन इन्वेस्टमेंट, डिफेंस और न्यूक्लियर प्लान्ट होगा। कई बड़े डिफेंस समझौते हो सकते हैं। रूस की कोशिश कुडनकुलम न्यूक्लियर प्रोजेक्ट के पांचवें और छठवें प्लान्ट को बनाने का करार करना है।
– वहीं, भारत चीन के प्रोजेक्ट वन रोड-वन बेल्ट (OBOR) के मुद्दे को उठा सकता है। रूस में भी इसका विरोध हो रहा है।
कारोबार: रूस में भारत का 13 अरब डॉलर और भारत में रूस का 16 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट है। 2016 में दोनों देशों के बीच 7.71 अरब डॉलर कारोबार हुआ। दिसंबर 2014 में दोनों देशों के प्रमुखों ने 2025 तक कारोबार को 30 अरब डॉलर करने का टारगेट रखा है।
फ्रांस: भारत और ईयू के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर होगी बात
– 2 जून को मोदी यात्रा के आखिरी पड़ाव के लिए फ्रांस रवाना होंगे। यहां पेरिस में फ्रांस के नए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से चर्चा करेंगे। इस दौरान दोनों देशों का स्ट्रैटजिक रिलेशन मजबूत होने की उम्मीद है। दोनों देश आतंकवाद से पीड़ित हैं। इसलिए बातचीत में यह अहम मुद्दा हो सकता है।
एजेंडा: दोनों देशों के बीच स्पेस, नॉन-एटॉमिक, डिफेंस और इकोनॉमिक सेक्टर्स में मजबूत सहयोग है। फ्रांस, जर्मनी और स्पेन के सफर के दौरान भारत और यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अहम मुद्दा रहेगा।
कारोबार:फ्रांस, भारत में नौवां सबसे बड़ा इन्वेस्टर है। अप्रैल 2000 से जनवरी 2017 तक 5.55 अरब का इन्वेस्टमेंट किया। 2016 में कारोबार 9.60 अरब डॉलर का रहा।
अब तक 45 देश जा चुके मोदी; 3.5 लाख किमी दूरी तय की, करीब 10% समय विदेशों में रहे
– मोदी ने अब तक करीब 3.4 लाख किमी का सफर किया है। 45 देशों में 119 दिन बिताए हैं। यह वक्त उनके अब तक के कार्यकाल का करीब 10% है।
क्या है प्रोग्राम?
– मोदी 29 और 30 को जर्मनी में थे। फिलहाल वे स्पेन में हैं। 1 और 2 जून को रूस में रहेंगे। 2 की रात में फ्रांस पहुंचेंगे। मोदी फ्रांस के नए राष्ट्रपति मैक्रों के पहले गेस्ट होंगे।
– इस सफर के बाद मोदी कजाखिस्तान में शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) की मीटिंग में शामिल होंगे। यहां वे चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग से मिलेंगे।
– मोदी 26 से 28 जून तक अमेरिकी दौरे पर होंगे। मोदी और ट्रम्प पहली बार मिलेंगे। मोदी जुलाई में इजरायल जाएंगे। यह किसी भारतीय पीएम की पहली इजरायल विजिट होगी।

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