आतंकियों के निशाने पर यात्रा, सेना आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार

tatpar 18 june 2013

उधमपुर। सुरक्षा एजेंसियों को ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि आतंकवादी अमरनाथ यात्रा को निशाना बना सकते हैं। अलबत्ता सेना समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से ऐसे परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार है। उत्तरी कमांड के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाईक ने आशंका व्यक्त की है कि आतंकी अमरनाथ यात्रा को निशाना बना सकते हैं। हालांकि सेना किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। सत्ताधारी नेताओं द्वारा सुरक्षाबलों को मिले विशेषाधिकार कानून को हटाए जाने की मांग पर नार्दन कमांड के प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकी कैंप मौजूद हैं और घुसपैठ के लगातार प्रयास हो रहे हैं। ऐसे में मौजूदा हालात को देखते हुए आफस्पा को नहीं हटाया जा सकता।

नार्दन कमांड मुख्यालय पर सशस्त्र सेना दिवस के अवसर पर जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाईक ने कहा गुप्तचर एजेंसियों को सूचनाएं मिली हैं कि आतंकी अमरनाथ यात्रा को निशाना बना सकते हैं। आतंकवादी घटनाओं से निपटने के लिए सेना, राज्य पुलिस, सीआरपीएफ और बीएसएफ संयुक्त रूप से तैयार हैं। सेना ने अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए आप्रेशन शिवा के तहत व्यापक योजना तैयार की है। यात्रा मार्ग पर सीआरपीएफ और राज्य पुलिस सुरक्षा का जि मा संभालेगी जबकि सेना पवित्र अमरनाथ गुफा के आसपास समेत सामरिक स्थानों पर तैनात रहेगी ताकि शांतिपूर्वक यात्रा संपन्न हो।

लद्दाख में चीनी घुसपैठ पर सवाल के जवाब में लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक ने कहा कि लद्दाख में मामले को सुलझाने में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया है। दरअसल यह ऐसा इलाका है जहां सीमा रेखा निर्धारित नहीं है। पहले भी सेना ऐसे मामलों को चीनी सैनिकों से बातचीत और अन्य माध्यम इस्तंेमाल कर सुलझाती रही है। सीमा पार से घुसपैठ पर नार्दन कमांड प्रमुख ने कहा कि 40-42 केंप सक्रिय है और गर्मियों में 300 से 400 आतंकी लांचिं पैड पर आ जाते हैं। सेना घुसपैठ से निपटने के लिए सीमा पर सतर्क है और कई प्रयासों को नाकाम किया है। सैन्य अधिकारी ने माना कि पुंछ सेक्टर में बीएसएफ  के पोटरों से मारपीट हुई थी और इस घटना के बाद क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। घुसपैठ को रोकने के लिए अन्य सुरक्षा एजेंसियों से मिल कर रणनीति तैयार की जा रही है। आफस्पा के मुद़दे पर उन्होंने कहा कि रियासत में अगले वर्ष चुनाव हैं और मौजूदा हालात के मद्देनजर आफपा को नहीं हटाया जा सकता। सेना ने आतंकी संगठनों के सरगनाओं को मार गिराने में सफलता हासिल की है। जिसकी वजह से बचे हुए आतंकियों को सीमा पार से कार्रवाई के निर्देश मिल रहे हैं। इसी के चलते आतंकी अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं।

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