आर्मी चीफ को सड़क का गुंडा बोले संदीप, BJP ने कहा- सोनिया माफी मांगें

नई दिल्ली.कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत के खिलाफ आपत्तिजनक कमेंट किया। उन्होंने रविवार को रावत को ‘सड़क का गुंडा’ तक कह डाला। उन्होंने यह बात पाकिस्तानी आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा की सीमा पर बयानबाजी के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कही। उनके बयान पर विवाद बढ़ा तो फौरन माफी मांग ली। बीजेपी संदीप के बयान पर पार्टी प्रेसिडेंट सोनिया गांधी से माफी की मांग कर रही है।
क्या कहा था संदीप ने…
– न्यूज एसेंजी के मुताबिक, संदीप दीक्षित ने कहा- ”हमारी सेना सशक्त है और हमेशा हमने सीमा पर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। पाकिस्तान एक ही चीज कर सकता है कि इस तरह की उल-जुलूल चीजें करे, बयानबाजी करे। खराब तब लगता है जब हमारे आर्मी चीफ सड़क के गुंडे की तरह अपने बयान देते हैं। पाकिस्तान का दे तो दे…वो तो हैं हीं।”
– दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित के बेटे संदीप के बयान पर माफी मांगते हुए कहा- ”असल में मुझे लगता है कि मैंने गलत कहा। इसके लिए माफी मांगता हूं और बयान वापस लेता हूं।”
कांग्रेस ने जताया अफसोस
– किरकिरी से बचने के लिए कांग्रेस ने संदीप के बयान से किनारा करने में देरी नहीं की। पार्टी नेता मीम अफजल ने कहा- ”हम आर्मी का सम्मान करते हैं। आर्मी चीफ के लिए ऐसी बयानबाजी पर मुझे अफसोस है। संदीप को ऐसा नहीं कहना चाहिए।”
बीजेपी ने कहा- सोनिया माफी मांगें
– पार्टी स्पोक्सपर्सन संबित पात्रा ने कहा, ”कांग्रेस का एक नेता सेना और देश का अपमान करता है। उन्हें सड़क का गुंडा बताकर आर्मी का मनोबल तोड़ने की साजिश है। आर्मी है तो हम हैं और देश है। कांग्रेस संदीप को फौरन पार्टी से बाहर करे और सोनिया गांधी देश से माफी मांगें।”
– इसके पहले संदीप के बयान पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने ट्वीट कर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा- ”कांग्रेस के साथ परेशानी क्या है? उन्होंने आर्मी चीफ को ‘सड़क का गुंडा’ कहने की हिम्मत कैसे की।”
आर्मी चीफ को जनरल डायर बताया था
– बता दें कि पिछले दिनों हिस्टोरियन और बंगाली राइटर पार्थ चटर्जी ने सीपीएम के माउथपीस में पब्लिश हुए एक आर्टिकल में जनरल विपिन रावत की तुलना अंग्रेज जनरल डायर से की थी। उन्होंने ऐसा कहते हुए कश्मीर में पत्थरबाज को आर्मी जीप से बांधने वाली घटना का जिक्र किया था। इसका काफी विरोध हुआ, लेकिन चटर्जी अपनी बात पर कायम रहे।