आसान कारोबार वाले राज्यों की रैंकिंग, कारोबारी सुगमता में आंध्र नंबर वन

डीआईपीपी ने आसान कारोबार वाले राज्यों की रैंकिंग है जिसमें आंध्रप्रदेश ने सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुई बाजी मारी है, तेलंगाना दूसरे और हरियाणा तीसरे स्थान पर रहा, डीआईपीपी सचिव ने कहा भारत की ओवरऑल रैंकिंग पर इसका सकारात्मक असर पडेगा।

केंद्र सरकार देश में कारोबार को आसान बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उसकी कोशिशों का नतीजा है कि कारोबार सुगमता में भारत की रैंकिंग में भी जोरदार उछाल आया है। केंद्र सरकार राज्यों को भी इसके लिए प्रोत्साहन दे रही है। मंगलवार को औद्यौगिक नीति और संवर्धन विभाग डीआईपीपी ने आसान कारोबार वाले राज्यों की रैंकिंग जारी की।

रैंकिंग पर गौर करें तो–  रैंकिंग में आंध्रप्रदेश ने सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुई बाजी मार ली है। आंध्रप्रदेश को कुल 98.42 अंक मिले हैं। इसमें तेलंगाना को दूसरा स्थान मिला है और 98.33 अंक मिले हैं। रैंकिंग में हरियाणा तीसरे स्थान पर है और उसे 98.07 अंक मिले हैं। सूची में चौंथे स्थान पर झारखंड और पांचवें स्थान पर गुजरात है। झारखंड को कुल 97.99 फीसदी अंक मिले जबकि गुजरात को 97.96 फीसदी अंक मिले। लिस्ट में छत्तीसगढ़ छठे, मध्यप्रदेश सातवें और कर्नाटक आठवें स्थान पर रहा। राजस्थान को सूची में 95.68 अंक के साथ नौंवा स्थान मिला जबकि पश्चिम बंगाल दसवें नबंर पर रहा। रैंकिंग में हिमाचल प्रदेश , असम और बिहार सबसे तेज आगे बढने वाले राज्य के रुप में सामने आए हैं।

यह रैंकिंग विश्व बैंक और डीआईपीपी मिलकर तैयार करती है। इस रैंकिंग में कंस्ट्रक्शन परमिट, श्रम कानून, पर्यावरण रजिस्ट्रेशन, जमीन की उपलब्धता और सिंगल विंडो सिस्टम को पैमाना बनाया जाता है।

रैंकिग में आंध्र प्रदेश नंबर वन है इसका मतलब है कि यहां कारोबार करने की सबसे ज्यादा सहूलियत है। कारोबार सुगमता की रैंकिंग शुरू करने की सबसे बड़ी वजह यह है कि सरकार राज्यों में एक प्रतियोगिता चाहती थी. सरकार चाहती थी कि बिजनेस के लिए बेहतर माहौल मुहैया कराने में राज्य एक दूसरे से होड़ करें।