इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके 36 साल के वॉटसन ने चेन्नई को जीत दिलाई, धोनी ने कहा- उम्र महज आंकड़ा

मुंबई.  दो साल के बैन के बाद लौटी चेन्नई सुपरकिंग्स ने तीसरी बार आईपीएल जीत लिया। यह ऐसी टीम है जिसकी आईपीएल ऑक्शन के दौरान आलोचना हुई थी। इसकी दो वजह थी। पहली- चेन्नई में बाकी टीमों की तुलना में उम्रदराज खिलाड़ी अा गए। दूसरी- टीम में ऐसे कई खिलाड़ी थे जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ फाइनल में उतरी चेन्नई की टीम के 11 में से 9 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लंबे समय से दूर हैं। फाइनल में चेन्नई की जीत पक्की करने वाले 36 साल के शेन वॉटसन (117 रन नाबाद) तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। ऐसे खिलाड़ियों के दम पर धोनी ने अपनी टीम को चैम्पियन बनाया। ट्रॉफी लेने के बाद चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा, “‘हम उम्र के बारे में बहुत बात करते हैं, लेकिन इससे ज्यादा महत्वपूर्ण फिटनेस है। ये मायने नहीं रखता कि आप की उम्र 19-20 साल ज्यादा है।उम्र केवल नंबर है, लेकिन इसके लिए आपको बहुत फिट रहना होगा।’’

सीएसके में सिर्फ धोनी ऐसे खिलाड़ी जो राष्ट्रीय टीम के स्थायी सदस्य हैं

– फाइनल जीतने वाली चेन्नई की टीम के 11 में से 7 खिलाड़ी अपने देश की टी-20 टीमों से बाहर हैं। ये खिलाड़ी हैं अंबाती रायुडू (हाल ही में वनडे टीम के लिए चुने गए हैं), फाफ डु प्लेसी, ड्वेन ब्रावो, रवींद्र जडेजा, कर्ण शर्मा, शार्दूल ठाकुर और लुंगी एंगिडी।
– सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी भारत की टी-20 टीम के स्थायी सदस्य हैं।
– वॉटसन संन्यास ले चुके हैं। दीपक चाहर ने अभी तक डेब्यू नहीं किया है। सुरेश रैना की भी भारतीय टीम में स्थायी जगह नहीं है।

मैच एनालिसिस : वॉटसन-रैना के बीच 117 रन की साझेदारी रही टर्निंग प्वाइंट

– फाइनल में चेन्नई के लिए टर्निंग प्वाइंट वॉटसन और रैना के बीच शतकीय साझेदारी रही। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 57 गेंदों पर 117 रन बनाए। वॉटसन ने विकेट के सामने 91 रन बनाए।
– चेन्नई के 4 ओवर में सिर्फ 16 रन ही बने थे, लेकिन दोनों ने स्कोर 133 पर पहुंचाया और जीत की राह आसान की। रैना 14वें ओवर में ब्रैथवेट की गेंद पर विकेटकीपर श्रीवत्स गोस्वामी के हाथों लपके गए।
– चेन्नई की पारी एक और खास बात यह रही कि वॉटसन और रैना ने राशिद के ओवरों में रन बनाने की बजाए सिद्धार्थ कौल और संदीप शर्मा को टारगेट किया। दोनों ने सिद्धार्थ के 2 ओवर में 32 और संदीप के आखिरी 2 ओवर में 42 रन बनाए। वॉटसन ने संदीप के एक ओवर में 26 रन बनाए।

संदीप शर्मा आईपीएल फाइनल के तीसरे सबसे महंगे गेंदबाज 

– धोनी ने इस मैच में हरभजन सिंह की जगह कर्ण शर्मा को मौका दिया। कर्ण ने भी कप्तान के फैसले को सही साबित किया। उन्होने अपने दूसरे ओवर में चेन्नई के लिए परेशानी बन रहे सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान केन विलियम्सन को 47 रन के निजी स्कोर पर धोनी के हाथों स्टंप कराया।
– 19वां ओवर लुंगी एंगिडी ने फेंका। पहली 5 गेंद पर सिर्फ 2 रन बने। आखिरी गेंद पर ब्रैथवेट ने छक्का मारा। शार्दुल ठाकुर ने 20वां ओवर फेंका। पहली 4 गेंद में सिर्फ 4 रन दिए। 5वीं गेंद पर ब्रैथवेट ने छक्का जड़ दिया। हालांकि अगली ही गेंद पर रायुडू ने उन्हें मिडऑन पर लपक लिया।
– संदीप शर्मा आईपीएल फाइनल के तीसरे सबसे महंगे गेंदबाज रहे। उन्होंने 4 ओवर में 52 रन दिए। आईपीएल फाइनल के सबसे महंगे गेंदबाज वॉटसन हैं। उन्होंने 2016 में हैदराबाद के खिलाफ 4 ओवर में 61 रन दिए थे। 2014 आईपीएल फाइनल में करनवीर सिंह ने 54 रन खर्च किए थे।

– चेन्नई ने बीच के 9 ओवरों में 111 रन बनाए। यह इस आईपीएल में बीच के 9 ओवरों में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया सर्वाधिक स्कोर है।

अंबाती रहे चेन्नई के टॉप स्कोरर, 597 रन बनाए

– चेन्नई को फाइनल तक पहुंचाने में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और अंबाती रायुडू ने भी अहम भूमिका निभाई।
– रायुडू ने 16 मैच की 16 पारियों में 42.64 की औसत से 597 रन बनाए हैं। टॉप बल्लेबाज की सूची में वे चौथे, जबकि सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में 7वें नंबर पर हैं।
– धोनी ने इस सीजन में आईपीएल का अपना दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने 16 मैच की 15 पारियों में 75.83 की औसत से 455 रन बनाए। इससे पहले 2013 में किया गया प्रदर्शन उनका सर्वश्रेष्ठ था। तब उन्होंने 18 मैच में 461 रन बनाए थे।
– वॉटसन चेन्नई की ओर से रन बनाने वालों के मामले में दूसरे नंबर पर रहे। उन्होंने 15 मैच की 15 पारियों में 39.64 की औसत से 555 रन बनाए। इसके अलावा गेंद से भी अपना योगदान दिया है। उन्होंने 8.96 रन की औसत से 6 विकेट लिए।
– उनके अलावा ड्वेन ब्रावो ने भी गेंद और बल्ले दोनों से टीम का अच्छा साथ निभाया। ब्रावो ने 16 मैच में 35.25 की औसत से 141 रन बनाए। उन्होंने 9.96 की औसत से 14 विकेट भी लिए।

चेन्नई के लिए शार्दुल ने लिए सबसे ज्यादा 16 विकेट

– सनराइजर्स हैदराबाद के मुकाबले चेन्नई सुपरकिंग्स का गेंदबाजी आक्रमण कमजोर था, लेकिन धोनी ने सही संयोजन का इस्तेमाल कर टीम को ट्रॉफी दिलाई।
– चेन्नई की ओर से शार्दुल ठाकुर सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। उन्होंने 13 मैच में 9.23 की औसत से 16 विकेट लिए।
– शार्दुल के अलावा दीपक चाहर ने 12 मैच में 10 और लुंगी एंगिडी ने 7 मैच में 11 विकेट लिए। चाहर ने पावरप्ले में 7.5 के इकोनॉमी रेट से गेंदबाजी की है।

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