इन्दौर से किसे मिलेगा स्थान और कौन छुटेगा,सभी की नजर

  • विधायक रमेश मेन्दोला व उषा ठाकुर के नाम प्राथमिकता पर

शैलेन्द्र सिंह पंवार, इन्दौर। शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार की कवायदें रविवार से फिर तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा व संगठन महामंत्री सुहास भगत के दिल्ली पहुंचने से इन कवायदों को और बल मिला है। 20 से 25 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाने की तैयारियां कर ली गई है, कल या परसों मंत्रिमंडल का विस्तार होने की खबरें आ रही है। मंत्रिमंडल में इन्दौर से किस विधायक को स्थान मिलेगा और कौन छुटेगा, इस पर सभी की नजर है।

संगठन के व्दारा जो सूची तैयार की गई है, उसमे विधायक रमेश मेन्दोला व उषा ठाकुर का नाम प्राथमिकता पर है, जबकि विधायक मालिनी गौड़ को शिवराज व केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से आस है। इन तीनों ही नामों पर सहमति नहीं पर सर्वसम्मत नाम के तौर पर विधायक महेन्द्र हार्डिया का विकल्प भी खुला है। वे सबसे सीनियर है और पहले भी मंत्री रह चुके है। सूत्रों की माने तो विधायक मेन्दोला को कैलाश विजयवर्गीय के साथ ही अब शिवराज का भी समर्थन मिल रहा है, भगत को भी उनसे कोई खास दिक्कत नहीं है। तीन बार के विधायक मेन्दोला ने इन्दौर ही नहीं, प्रदेश में भी अपनी पहचान बनाई है। जबकि विधायक ठाकुर के लिए संगठन से जुडे कुछ पदाधिकारी पैरवी कर रहे है, दिल्ली से भी उन्होने मदद ली है। हालांकि मंत्री तुलसी सिलावट के कारण उन्हे दिक्कतें भी है, सिलावट भी ग्रामीण से आते है और ठाकुर भी ग्रामीण विधायक है, जबकि संगठन की मंशा इन्दौर शहर को प्राथमिकता देने की है। धार विधायक नीना वर्मा के कारण भी उन्हे कुछ दिक्कतें है, महू विधानसभा धार लोकसभा का हिस्सा है। नीना के लिए विक्रम वर्मा ने दिल्ली से मदद ली है, शिवराज व तोमर ने भी उन्हे आश्वासन दिया है।।

■ गौड़ महिला कोटे से व हार्डिया सर्वसम्मत विकल्प
विधायक गौड़ को लेकर संगठन कोई खास गंभीर नहीं है, लेकिन उन्हे शिवराज व तोमर से आस है, महिला कोटे से ही उनका रास्ता खुल सकता है। वैसे गौड़ की उम्मीदें बेहद की कम है, क्योंकि संगठन उनकी तुलना में मेन्दोला व ठाकुर को ज्यादा प्राथमिकता दे रहा है। विधायक हार्डिया को अभी तक कोई संकेत शिवराज या संगठन की और से नहीं मिले है, लेकिन सर्वसम्मत व जातिगत समीकरणों के लिहाज उनके नाम को अभी तक दरकिनार नहीं किया गया है, वे इन्दौर में सबसे सीनियर विधायक भी है। हालांकि आयु का बंधन उनके लिए आड़े आ सकता है, क्योंकि 60 पार कम से कम चेहरों को मौका देने पर सहमति बन रही है।

■ तोमर व मिश्रा की पंसद को महत्व
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर शिवराज,शर्मा व भगत रविवार को ही केन्द्रीय मंत्री तोमर सहित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन महामंत्री वी संतोष व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिल लिए थे, सोमवार को भी मेल मुलाकात का दौर जारी रहा। सूत्रों की माने तो राष्ट्रीय नेतृत्व शिवराज के बजाए तोमर, नरोत्तम मिश्रा व संगठन के पसंद को अधिक प्राथमिकता दे रहा है। इसके चलते भी मिश्रा को अचानक दिल्ली बुला लिया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *