इराक के फॉरेन मिनिस्टर से मिलीं सुषमा, 39 लापता भारतीयों पर शाम को बयान देंगी

नई दिल्ली.सुषमा स्वराज आज शाम 5 बजे संसद में इराक में लापता 39 भारतीयों पर बयान देंगी। सोमवार सुबह इराक के फॉरेन मिनिस्टर इब्राहिम अल जाफरी चार दिन की ऑफिशियल विजिट पर नई दिल्ली पहुंचे। जाफरी ने सबसे पहले सुषमा स्वराज से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच डेलिगेशन लेवल की बातचीत हुई। बता दें कि तीन साल पहले इराक के मोसुल से इन भारतीयों को आतंकी संगठन आईएसआईएस ने किडनैप किया था। मोसुल को आईएसआईएस के कब्जे से छुड़ाया जा चुका है। भारत को उम्मीद है कि अब इनका पता लगाया जा सकता है।
सरकार के दावे पर अपोजिशन को यकीन नहीं….
– 9 जुलाई को इराक के पीएम हैदर अल अबादी ने 9 जुलाई को एलान किया था कि 9 महीने चली जंग के बाद मोसुल को आईएस के कब्जे से छुड़ा लिया गया है।
– अबादी खुद मोसुल पहुंचे थे और आर्मी कमांडर्स की मौजूदगी में उन्होंने ये घोषणा की थी।
– अबादी के इस एलान के बाद सुषमा ने अपने जूनियर मिनिस्टर वीके. सिंह को इराक के इरबिल भेजा। सिंह से कहा गया था कि वो इरबिल पहुंचकर 39 लापता भारतीयों के बारे में जानकारी हासिल करें।
– सरकार ने कहा कि लापता भारतीय मोसुल से कुछ दूरी पर बादुश गांव की जेल में हो सकते हैं।
इराक के एम्बेसेडर के बयान के बाद विवाद
– 20 जुलाई को भारत में इराक के एम्बेसडर फाखरी-अल-इस्सा ने कहा था, ”इस्लामिक स्टेट (IS) के द्वारा अगवा किए 39 भारतीयों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता। कभी-कभी कोई खबर नहीं होना ही, अच्छी खबर होता है। हो सकता है कि वो सभी बादुश जेल में हों।”
– इसके बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि स्वराज ने इस मुद्दे पर देश को गुमराह किया। 19 जुलाई को कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने राज्यसभा में कहा, ”मंत्री ने देश को यह कहकर गुमराह किया कि 39 भारतीय बादुश की जेल में बंद हैं, जबकि हकीकत यह है कि उस जेल को आईएसआईएस ने तबाह कर दिया है।”
– इसके पहले ट्वीट में उन्होंने कहा था- ”मैं देश से झूठ बोलने और 39 परिवारों की भावनाओं से खिलवाड़ करने के लिए विदेश मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने के बारे में सोच रहा हूं।”
शाह ने किया था सुषमा का बचाव
– शनिवार को बीजेपी चीफ अमित शाह ने सुषमा स्वराज का बचाव किया था। शाह ने कहा था कि मोसुल में सभी भारतीयों को रेस्क्यू करने के लिए ऑपरेशन अभी जारी है। इस बारे में सरकार ने कभी देश को गुमराह नहीं किया।

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