इलेक्शन कमिश्नर ने कहा- देश के वोटर्स को जल्द मिलेगी ई-वोटिंग की सुविधा

रायपुर. वह दिन दूर नहीं जब देश के लोगों वोट डालने के लिए बूथों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे घर बैठे ही वोट डाल सकेंगे। सेंट्रल इलेक्शन कमिशन जल्द ही लोगों को ई-वोटिंग की सुविधा देने वाला है। इसके साथ ही अब पोस्टल बैलेट की जगह पर इलेक्ट्रानिक -पोस्टल बैलेट की सुविधा भी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से मिल जाएगी।
देश के इलेक्शन कमिश्नर ओपी रावत ने राजधानी रायपुर में गुरुवार को दैनिक भास्कर से खास चर्चा में यह जानकारी दी। रावत ने कहा कि ई वोटिंग के लिए तैयारी चल रही है। ग्रुप आफ मिनिस्टर्स इसकी निगरानी कर रहा है तो ग्रुप आफ टेक्नीकल एक्सपर्ट तकनीकी पहलुओं को देख रहा है।
ई-पोस्टल बैलेट भी शुरू होगा
रावत ने कहा कि जिनको पोस्टल बैलेट जारी होता है, उनमें से 10 से 15 फीसदी लोग ही उसका इस्तेमाल करते हैं। ई पोस्टल बैलेट सुविधा से वोटिंग बढ़ेगी। कोशिश है कि आने वाले विधानसभा चुनाव से ही यह सुविधा लागू कर दी जाए। पहले इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुछ फेस में लागू किया जाएगा। एक ही नाम से चुनाव लड़ने पर उन्होंने कहा कि इसका फैसला तो नेताओं को ही करना होगा।
रावत ने कहा कि चुनाव में उतरने वाले डमी उम्मीदवारों पर रोक लगाने का काम संसद के नियमों मे संशोधन करके ही किया जा सकता है। रावत का छत्तीसगढ़ से गहरा नाता है। वे 1978 में आईएएस की ट्रेनिंग के बाद अंबिकापुर में फ्रेशर अफसर के रूप में डिप्टी कलेक्टर नियुक्त किए गए थे। वे रायपुर में 1982 में एडिशनल कलेक्टर रह चुके हैं। वे इंदौर के कलेक्टर भी रह चुके हैं। इंदौर में उन्होंने अजीत जोगी से चार्ज लिया था जब वे कलेक्टरी छोड़कर राजनीति में जा रहे थे। रावत मूलतः झांसी के रहने वाले हैं।
राज्यों के सिस्टम से गुरेज नहीं
रावत ने कहा कि अगर राज्यों में कुछ अच्छा हो रहा है, तो उसे भी अपनाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ में बिना लाइन में लगे अपॉइंटमेंट लेकर वोट डालने का सिस्टम बनाया है उसका वे रिव्यू करेंगे। चुनाव में गाड़ी देने में आनाकानी करने वाले ट्रांसपोर्टर के लिए भी एक सिस्टम बनाया गया है। इसे सुगम नाम दिया गया है। इससे पेमेंट संबंधी दिक्कतें नहीं आएंगी।

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