इस दीपावली टेराकोटा के लक्ष्मी-गणेश पूजे जाएंगे; सीएम की घोषणा ने बढ़ाया शिल्‍पकारों का उत्‍साह

गोरखपुर । यूं तो हर वर्ष दीपावली में टेराकोटा शिल्पियों द्वारा बनाए गए दीये व लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं की बिक्री होती है लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग होने वाली है। स्थानीयता को प्रोत्साहन मिलने से टेराकोटा शिल्पकारों का मानना है कि अबकी मांग जरूर बढ़ेगी।

सीएम के बयान ने बढ़ाया हौसला

प्रधानमंत्री की ओर से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील के बाद से ही शिल्पकारों में उत्साह था। मुख्यमंत्री की ओर से आए बयान ने उनका हौसला और बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि दीपावली में लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं की जरूरत होगी। इस बार स्थानीय इकाइयां इसका विकल्प तैयार करें। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के टेराकोटा शिल्पकारों की तारीफ करते हुए कहा है कि ये चीन की तुलना में काफी अच्‍छी प्रतिमा बनाते हैं।

दूसरे प्रदेशों में भी जाते हैं उत्पाद

दीपावली के अवसर पर टेराकोटा शिल्पकारों की ओर से बनाए गए कलश वाले दीये की खूब मांग होती है। इसके अलावा हाथी स्टैंड व लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा को भी पसंद किया जाता है। यहां से उत्पाद गुजरात, महाराष्ट्र आदि प्रदेशों में जाते हैं।

पूजा की दृष्टि से शुद्ध होती हैं टेराकोटा की प्रतिमाएं

चीन से आने वाली प्रतिमा में प्लास्टिक का भी प्रयोग होता है, जिससे पूजा के लिए वे शुद्ध नहीं रह जातीं जबकि टेराकोटा की प्रतिमाएं पूरी तरह से मिट्टी की बनी और मिट्टी के रंग से रंगी होती हैं। इसलिए इन्हें पूरी तरह शुद्ध माना जाता है। चार इंच की प्रतिमा की कीमत पिछले साल तक चीन की तुलना में करीब 10 से 15 रुपये तथा 12 इंच की प्रतिमा की कीमत में करीब 50 रुपये का अंतर होता है। हालांकि शिल्पकारों का दावा है कि इस बार कीमत कुछ और कम हो सकती है।

हम एक समिति के माध्यम से कार्य करते हैं। दीपावली पर काफी ऑर्डर मिलता था। मुख्यमंत्री ने प्रशंसा कर टेराकोटा शिल्पकारों का हौसला बढ़ाया है। मांग बढऩे पर भी हम आपूर्ति के लिए पूरी तरह तैयार हैं। – राजन प्रजापति, अध्यक्ष, गोरखपुर टेराकोटा सहकारी समिति

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