ईमानदार नेतृत्व से छत्तीसगढ़ को मिला सुशासन: श्री लालकृष्ण आडवाणी

Tatpar 16 Sep 2013

पूर्व उप प्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी ने बिजली के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की लगातार हो रही तरक्की पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि डॉ. सिंह ने अपने ईमानदार नेतृत्व में पूरी ईमानदारी के साथ प्रदेश के विकास के लिए काम कर रहे हैं। उनके ईमानदार नेतृत्व से छत्तीसगढ़ को सुशासन मिला है। श्री आडवाणी ने देश की तरक्की के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को सूचना प्रौद्योगिकी के नये आविष्कारों की भी लगातार जानकारी रखनी चाहिए। श्री आडवाणी ने नये राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ के विकास और निर्माण का उल्लेख करते हुए सभी लोगों से प्रदेश सरकार को सहयोग प्रदान करने और सफल बनाने का आव्हान किया।
श्री आडवाणी आज दोपहर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहर कोरबा में राज्य सरकार के उपक्रम छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन कम्पनी द्वारा निर्मित पांच सौ मेगावाट के कोरबा पश्चिम ताप विद्युत संयंत्र का लोकार्पण करने के बाद वहां आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के ऊर्जा विभाग ने राज्य को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बना दिया है। यह जानकर भी मुझे बहुत खुशी हुई कि यहां के हर गांव में चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था है। छत्तीसगढ़ में सरप्लस बिजली है। एक समय ऐसा भी आया जब राष्ट्रीय पावर ग्रिड में तकनीकी खराबी से देश के कई राज्यों में बिजली की आपूर्ति ठप हो गई, तब ऐसे संकट के समय में छत्तीसगढ़ ने अपनी बिजली से उन राज्यों को रौशन किया। श्री आडवाणी ने छत्तीसगढ़ की तरह गुजरात के गांवों में भी चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए इसके लिए वहां के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की भी प्रशंसा की।
हसदेव ताप बिजली विस्तार परियोजना के तहत इस नये बिजली संयंत्र का निर्माण तीन हजार 671 करोड़ रूपए की लागत से किया गया है। इसके लोकार्पण के साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार की विद्युत उत्पादन कम्पनी के बिजली घरों की कुल उत्पादन क्षमता एक हजार 924 मेगावाट से बढ़कर दो हजार 424 मेगावाट तक पहुंच गयी है। श्री आडवानी ने कहा कि देश के किसी भी राज्य में जाता हूं तो मुझे खुशी होती है, लेकिन जब मैं देश के तीन नये राज्य छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड की यात्रा करता हूँ तो विशेष प्रसन्नता का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि यह इसलिए कि इन तीनों राज्यों का निर्माण जब तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार कर रही थी, उस समय केन्द्रीय गृहमंत्री के रूप में मुझे इन तीनों प्रदेशों के निर्माण के लिए राज्य पुनर्गठन विधेयक तैयार करने और संसद के दोनों सदनों में पेश करने का सौभाग्य मिला था। उन्होंने कहा कि श्री वाजपेयी की सरकार ने वर्ष 1998 की अपनी घोषणा के अनुरूप इन तीनों राज्यों का निर्माण किया। इसके लिए संवैधानिक आवश्यकता नहीं होने के बावजूद वाजपेयी जी ने पूर्ववर्ती राज्यों मध्यप्रदेश, बिहार और उत्तरप्रदेश की विधानसभाओं की भी सहमति प्राप्त की। तीनों विधानसभाओं में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ और अत्यंत शांतिपूर्ण और सौहार्द्र पूर्ण वातावरण में संसद में भी विधेयक पारित कर तीनों नये राज्यों का निर्माण किया गया। वाजपेयी जी ने ऐसी व्यवस्था की जिससे छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता को आनंद हो। श्री आडवाणी ने नये राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ के तेजी से हो रहे विकास और राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और उनकी सरकार के सभी मंत्रियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रशंसा की और प्रदेशवासियों को भी इसके लिए बधाई दी।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशवासियों की ओर से श्री आडवाणी का स्वागत किया। डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब एक स्वाभिमानी और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में विकास की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में आज लोकर्पित यह परियोजना एक नई क्रांति की बुनियाद बनेगी। उन्होंने समारोह में यह भी बताया कि इस संयंत्र का निर्माण राज्य सरकार ने अपने पैसों से किया है। आगामी नवम्बर-दिसम्बर में राज्य सरकार के पांच-पांच सौ मेगावाट के दो नये बिजली संयंत्रों का भी लोकार्पण होगा। इन्हें मिलाकर केवल तीन महीने के भीतर डेढ़ हजार मेगावाट के बिजली संयंत्रों का स्वयं के वित्तीय संसाधनों से निर्माण पूर्ण करने और उनमें उत्पादन शुरू करने का एक राष्ट्रीय कीर्तिमान छत्तीसगढ़ बनाने जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर यह भी कहा कि आज लोकार्पित कोरबा पश्चिम ताप बिजली संयंत्र के लिए जिन भूमि स्वामियों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, राज्य सरकार की आदर्श पुनर्वास नीति के तहत उनमे से प्रत्येक परिवार के आई.टी.आई. अथवा बारहवी कक्षा उत्तीर्ण सदस्य को नौकरी दी जाएगी। साथ ही नौकरी मिलने तक ऐसे प्रत्येक परिवार को साढ़े चार हजार रूपए का विशेष मासिक भत्ता दिया जाएगा, जबकि केन्द्र सरकार की पुनर्वास नीति में केवल दो हजार रूपए मासिक भत्ते का प्रावधान है। डॉ. रमन सिंह ने समारोह में बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली के उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरणके लिए 17 हजार करोड़ रूपए का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली आम जनता तक पहुंचे और लोगों के जीवन में बेहतर बदलाव लाए यह हमारा लक्ष्य है। जब देश के नेशनल ग्रिड में बिजली चली जाती है, तो छत्तीसगढ़ देश को बिजली देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब एक स्वाभिमानी और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में विकास की दिशा में अग्रसर है। कृषि उत्पादन में हमारी वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से दोगुनी हो चुकी है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज अगर बिजली पन्द्रह मिनट के लिए भी चली जाए तो सभी परेशान हो जाते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में आखिरी गांव और आखिरी घर तक बिजली पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। छत्तीसगढ़ देश का पहला बिजली कटौती मुक्त राज्य है और यहां बिजली अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे सस्ती है। राज्य सरकार की मंशा है कि छत्तीसगढ़ इसी तरह लगातार अगले कम से कम 50 वर्षों तक बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बना रहे। राज्य के आखिरी कोने तक और आखिरी घर तक छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव और कोई भी घर बिजली से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के समय जहां छत्तीसगढ़ में बिजली की कुल खपत 1600 मेगावाट थी, वहीं यह आज बढ़कर  3200 से 3400 मेगावाट तक पहुंच गयी है। उस समय केवल 72 हजार किसानों के सिंचाई पम्पों को बिजली का कनेक्शन मिला हुआ था, जो आज बढ़कर तीन लाख तक पहुंच गया है। यानि लगभग सवा दो लाख नये सिंचाई पम्प कनेक्शन किसानों को दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ देश का अकेला राज्य है, जहां किसानों को सिंचाई के लिए सालाना साढ़े सात हजार यूनिट बिजली निःशुल्क दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने आज लोकार्पित कोरबा पश्चिम ताप बिजली संयंत्र के निर्माण में सहयोगी बने सभी अधिकारियों, इंजीनियरों, कर्मचारियों, ठेकेदारों और श्रमिकों को बधाई दी। डॉ. रमन सिंह ने उन किसानों और भूस्वामियों को भी धन्यवाद जिन्होंने इस परियोजना के लिए अपनी जमीन दी है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सबके सहयोग से इस परियोजना का निर्माण पूरा हुआ है। उन सबके प्रति राज्य सरकार आभारी है। इस मौके पर गृह, जेल और सहकारिता मंत्री श्री ननकीराम कंवर, कृषि और श्रम मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शकुंतला कंवर, छत्तीसगढ़ विद्युत कम्पनी के अध्यक्ष श्री शिवराज सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अमन कुमार सिंह, राज्य सरकार की विद्युत कम्पनियों के सभी प्रबंध संचालक और अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।