उद्धव ठाकरे से मुलाकात से पहले अमित शाह को शिवसेना का झटका, बोली- अकेले लड़ेंगे 2019 का चुनाव

मुंबई: केंद्र और महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सहयोगी शिवसेना ने एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा है कि वह 2019 में लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेगी. साथ ही शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि संपर्क मुहीम के तहत मोदी विश्व भ्रमण पर और अमित शाह देश भ्रमण पर हैं. वे उपचुनाव में बीजेपी की दुर्दशा होने के बाद क्यों मिल रहे हैं? यह बड़ा सवाल है. शिवसेना ने बीजेपी के ‘संपर्क फॉर समर्थन’ मुहिम को संपर्क घोटाला करार दिया.

शिवसेना ने बीजेपी पर ऐसे समय में निशाना साधा है जब अमित शाह ‘संपर्क फॉर समर्थन’ के तहत आज मुंबई जाकर उद्धव ठाकरे से मुलाकात करने वाले हैं. अमित शाह की कोशिश है की शिवसेना 2019 का चुनाव साथ लड़े. वहीं शिवसेना लगातार बीजेपी के खिलाफ बयानबाजी कर रही है. हाल ही में पालघर लोकसभा उपचुनाव में शिवसेना ने बीजेपी के खिलाफ उम्मीदवार उतारे थे.

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में ‘चलो ‘संपर्क’ खेलें!’ हेडलाइन से लिखे संपादकीय में कहा, ”उपचुनाव में बीजेपी की दुर्दशा होने के बाद क्यों मिल रहे हैं? यह भी एक सवाल है. 2019 का चुनाव शिवसेना अपने दम पर लड़ने वाली है. पालघर उपचुनाव के नतीजे ने शिवसेना का स्वबल दिखा दिया है. ऐसे में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस संपर्क अभियान के पीछे 2019 का सार्वजनिक चुनाव एक वजह हो सकती है. लेकिन मूलत: सत्ताधारी दल का जनता से संपर्क टूट गया है और उसके पीछे की वजह ढूंढनी होगी.”

सामना में आगे लिखा गया है, ”आंध्र प्रदेश के चंद्रबाबू नायडू ने बीजेपी के संपर्क तोड़ लिया है इसलिए शाह के संपर्क अभियान में नायडू मुलाकात का समावेश है क्या? चंद्रबाबू नहीं होंगे तो आंध्र में जगनमोहन रेड्डी संपर्क के लिए तैयार हैं ही. सच तो यह है कि सबसे बड़ा संपर्क घोटाला बिहार में जारी है. नीतीश कुमार का जनता दल यूनाइटेड और बीजेपी की संयुक्त सरकार बिहार में आई लेकिन इन दोनों में दूसरा, तीसरा, हनीमून खत्म होता दिखाई दे रहा है. नीतीश ने नोटबंदी पर सवाल उठाए हैं. शुरू में नीतीश नोटबंदी के वकील थे और नोटबंदी से भ्रष्टाचार खत्म होगा, कालाधन बाहर आएगा, ऐसा सपना देख रहे थे. उसी स्वप्नावस्था में उन्होंने बीजेपी से गंधर्व विवाह कर नया संपर्क निर्माण किया. अब वे सपने से जाग चुके हैं. नीतीश का जनाधार गिरने लगा है. उन्हें लग रहा था कि लालू को जेल भेजने से बिहार का मैदान खाली हो जाएगा, लेकिन भ्रम टूट गया.”

शिवसेना ने कहा कि राजस्थान, मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन की हवा बह रही है. महाराष्ट्र में भी सत्ता परिवर्तन अटल है. अमित शाह का लक्ष्य लोकसभा में कम से कम 350 सीट जीतने का है. 350 सीट मिलेगी तो वह अयोध्या मे राम मंदिर बनाएंगे, ऐसा बीड़ा उन्होंने उठाया है. उनकी जिद को सलाम करना होगा.

सामना में कहा गया है, ”देश में पेट्रोल के भाव भड़कने से महंगाई बढ़ रही है. किसान हड़ताल पर हैं और किसानों का सरकार से संपर्क टूटने के कारण हड़ताल को असफल करने का काम जारी है. पालघर साम, दाम, दंड, भेद में जीता. उसी तरह साम, दाम दंड, भेद का इस्तेमाल कर किसानों की हड़ताल तोड़ने का काम जारी है. ऐसी परिस्थिति में मोदी दुनिया में और शाह देश में सपर्क मुहिम चला रहे हैं.”