एंजेला मर्केल के साथ बातचीत काफी अच्छी रही: जर्मनी पहुंचकर मोदी ने कहा

बर्लिन.4 देशों के 6 दिन के दौरे पर निकले नरेंद्र मोदी सोमवार शाम जर्मनी पहुंचे। दौरे की शुरुआत जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के प्राइवेट डिनर के साथ हुई। इससे पहले दोनों नेताओं ने टहलते हुए बात की। इस मीटिंग के बाद मोदी ने ट्वीट कर बताया- “बातचीत बहुत अच्छी रही।” बता दें कि मोदी जर्मनी के बाद, रूस, स्पेन और फ्रांस का दौरा करेंगे। इस दौरान में 20 से ज्यादा प्रोग्राम में शामिल होंगे।
मर्केल ने शलॉस मीजेबर्ग में मोदी की अगवानीकी…
– जर्मनी के ब्रैंडनबर्ग जिले में स्थित 18वीं सदी के पैलेस शलॉस मीजेबर्ग के बाग में शाम की खिली धूप में दोनों नेता साथ में टहले। शलॉस मीजेबर्ग की विजिटर बुक में मोदी ने हस्ताक्षर भी किए। चांसलर मर्केल ने प्राइवेट डिनर से पहले शलॉस मीजेबर्ग में मोदी की अगवानी की।
– बाद में मोदी ने बताया- “एंजेला मर्केल के साथ उनकी बातचीत काफी अच्छी रही।” चांसलर मर्केल ने प्राइवेट डिनर से शलॉस मीजेबर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवानी की।
– मीटिंग को एक बेहद अनौपचारिक मामला बताया गया। फॉरेन मिनिस्ट्री ने एक बयान में कहा, “यह एक फायदेमंद भागीदारी है।”
– इसी बीच, मोदी के साथ गए सीनियर मिनिस्टर ने भी अपने समकक्ष जर्मन नेताओं से बातचीत की। इनमें कॉमर्स मिनिस्टर निर्मला सीतारमण, एनर्जी मिनिस्टर पीयूष गोयल और विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर शामिल हैं।
काउंटर टेररिज्म की स्ट्रैटजी तैयार करेंगे: मोदी
मोदी सोमवार की शाम जर्मनी पहुंच गए थे। उन्होंने ट्वीट कर कहा , “मैं और जर्मन चांसलर काउंटर टेररिज्म के लिए स्ट्रैटजी तैयार करने की कोशिश करेंगे। मुझे भरोसा है कि इस विजिट से भारत और जर्मनी के रिश्ते मजबूत होंगे और दोनों देशों को फायदा होगा।”
– इसके पहले एक फेसबुक पोस्ट में पीएम ने कहा- “मैं और जर्मन चांसलर दोनों देशों के बीच ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, सिक्युरिटी और काउंटर टेररिज्म के लिए स्ट्रैटजी तैयार करने की कोशिश करेंगे।”
– एक जर्मन न्यूज पेपर को दिए इंटरव्यू में पीएम ने आतंकवाद को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। यूरोपीय देशों से अपील में मोदी ने कहा कि वो आतंकवाद के खिलाफ पुख्ता तरीके से काम करें। उन्होंने कहा- यूरोप में भी कई आतंकी हमले हुए हैं। ताजा मामला ब्रिटेन के मैनचेस्टर का है।
क्या है प्रोग्राम?
मोदी का दूसरा जर्मनी दौरा है। 30 मई को यहां वे जर्मन चांसलर एंंजेला मर्केल के साथ मीटिंग करेंगे। यह बातचीत चौथे इंडिया-जर्मनी इंटर-गवर्नमेंटल कॉन्सुलेशन्स (आईसीजी) के तहत होगी। इसके बाद दोनों नेता भारत-जर्मनी के बिजनेस लीडर्स से मिलेंगे।
– मोदी बाद में जर्मनी के प्रेसिडेंट डॉ. फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर से मुलाकात करेंगे। 30 मई की रात में पीएम स्पेन रवाना होंगे।
एजेंडा: भारत में जर्मनी की 1600 कंपनियां हैं। इनमेंं 600 ज्वाइंट वेंचर हैं। यहां डिफेंस और सोलर एनर्जी से जुड़े कई बड़े समझौते हो सकते हैं। मोदी की कोशिश मेक इन इंडिया के तहत कई बड़ी कंपनियों को भारत लाने की होगी।
कारोबार:जर्मनी भारत में सातवां सबसे बड़ा इन्वेस्टर है। अप्रैल 2000 से मार्च 2017 तक 9.69 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट हो चुका है। 2016 में 19.48 अरब डॉलर का कारोबार हुआ।

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