एयरफोर्स को थोड़ी देर में मिलेगी एक साथ 40 टारगेट ट्रैक कर सकने वाली ‘आकाश’

ग्वालियर. जमीन से हवा में मार करने वाली सुपरसोनिक मिसाइल ‘आकाश’ अब से कुछ देर बाद इंडियन एयरफोर्स को मिल जाएगी। ग्वालियर के महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन पर डिफेंस मिनिस्टर मनोहर पर्रिकर ये मिसाइल एयरफोर्स चीफ अरुप राहा को सौंपेंगे। आकाश मिसाइल 30 किलोमीटर दूर अपने टारगेट को हिट कर सकती है। इतना ही नहीं भारत में बनाई गई यह मिसाइल हवा में 18 हजार मीटर तक ऊपर जा सकती है।
इंडियन आर्मी के पास पहले से है आकाश मिसाइल
BEL का रडार सिस्टम आकाश मिसाइल के निशाने को सटीक बनाता है। आकाश मिसाइल अपनी रेंज में आने वाले दुश्मन के हेलीकॉप्टर, एयरक्राफ्ट और यूएवी को मार गिराती है। इंडियन आर्मी के पास पहले से ही आकाश मिसाइल है लेकिन एयरफोर्स के लिए इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं। आकाश मिसाइल में राजेन्द्र रडार लगाए गए हैं जिसे BEL ने तैयार किया है। राजेन्द्र रडार 100 किमी. की रेंज में एक साथ 40 टारगेट को ट्रैक कर सकता है। इसके बाद आकाश मिसाइल उन्हें टारगेट बना कर खत्म कर देती है।
92 पर्सेंट इंडियन मैन्युफैक्चरिंग
आकाश मिसाइल में लगे कंपोनेंट में से 92 फीसदी को देश में ही बनाया गया है। इस मिसाइल को डीआरडीओ और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने तैयार किया है।
BEL के मुताबिक पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का एक नायाब उदाहरण हैं। डीआरडीओ, बीईएल के अलावा टाटा पॉवर व एलएंडटी ने एक साथ मिलकर इसे तैयार किया है। कुछ प्राइवेट सेक्टर की कंपनीज ने भी इसमें हेल्प की है। जानकार इसे मेक इन इंडिया मिशन की ओर एक बड़ी कामयाबी बता रहे हैं।