ओडिशा पर शाह का फोकस, बूथ से BJP को मजबूत करने की कवायद

बीजेपी ओडिशा में कमल खिलाने की तैयारी में जुटी हुई है. अगले साल होने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव को फतह करने के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में जुट गए हैं.  रविवार को शाह ने इसी के मद्देनजर राज्य की सभी 21 लोकसभा सीटों के पार्टी नेताओं और प्रभारियों के साथ बैठक की.

शाह की ओडिशा यात्रा जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने और समझने के लिए के लिए देश के सभी राज्यों के दौरा करने के अभियान का हिस्सा है, जिसे जुलाई के अंत तक पूरा करना है. बीजेपी के लिए ओडिशा उन महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है जहां पार्टी को उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और गुजरात जैसे हिंदी पट्टी वाले राज्यों में होने वाले नुकसान से भरपाई करना की उम्मीद है. यही वजह है कि बीजेपी ओडिशा को लेकर पूरी तरह से संजीदा है.

अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी ने सारा फोकस ओडिशा पर लगा दिया है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर राज्य पर टिकी हुई हैं. पीएम मोदी ने 26 मई को अपनी सरकार की चौथी सालगिरह मनाने के लिए ओडिशा को चुना. राज्य के कटक में उन्होंने एक रैली को संबोधित किया था.

बता दें कि बीजेपी ने अप्रैल 2017 में भुवनेश्वर में अपना राष्ट्रीय कार्यकारिणी भी आयोजित की थी. हालांकि इस साल फरवरी में बीजापुर उपचुनाव में बीजेपी कुछ खास नहीं कर पाई. बीजेडी से बीजेपी काफी पीछे रही. दोनों पार्टियों के बीच भारी अंतर से पता चलता है कि बीजेडी को मात देने के लिए बीजेपी को लंबा सफर तय करना होगा.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भुवनेश्वर में प्रभारियों और सहप्रभारियों को संबोधित किया. सूत्रों के मुताबिक शाह ने पार्टी से बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए कहा. उन्होंने राज्य की 21 लोकसभा सीटों  के प्रभारियों और एक सोशल मीडिया के वर्कशाप को संबोधित किया.

2019 के लोकसभा के लिए बीजेपी कोस्टल क्षेत्र की सीटों पर फोकस केंद्रित किया हुआ है. इसी के तहत ओडिशा भी आता है, लेकिन नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजेडी राज्य में काफी मजबूत है. बीजेडी 2000 से ओडिशा की सत्ता में काबिज है. 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद राज्य की 21 सीटों में से 20 सीटें बीजेडी ने जीती थी.

सूत्रों के मुताबिक शाह ने पार्टी नेताओं से मोदी सरकार की कल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन के बारे में पूछताछ की.

भुवनेश्वर, पुरी और कटक लोकसभा के तहत आने वाली 21 विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्येक पंचायत से दो नेताओं के साथ बैठक आयोजित की जाएगी.

बता दें कि शाह ने ओडिशा में पिछले साल ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत है’ अभियान के जरिए बूथ संपर्क कार्यक्रम शुरू किया था. पार्टी के नेताओं को प्रत्येक बूथ के घर-घर जाकर बीजेपी की नीतियों और मोदी सरकार के द्वारा शुरु किए गए योजनाओं के प्रचार प्रसार करने का काम सौंपा गया था, ताकि लोगों को बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के कामकाज का पता चल सके.

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