और गिरे भाव, पांच साल बाद 25 हजार के नीचे आया सोना

नई दिल्ली. सोने की कीमत सोमवार को चार फीसदी नीचे आ गई। 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत 25 हजार रुपए के नीचे चली गई। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पिछले पांच साल में सोने के भाव में यह सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले मार्च 2010 में सोने की कीमत में ऐसी गिरावट हुई थी।
सोमवार को कॉमैक्स पर सोना करीब 4 फीसदी की गिरावट के साथ 1080 डॉलर प्रति औंस के स्तर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट का असर घरेलू बाजार में भी दिखाई दिया और एमसीएक्स पर सोने की कीमतें फिसलकर 24,904 रुपए तक आ गई हैं, जो कि अगस्त 2011 के बाद निचला स्तर है।
और कम होगी कीमत
अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना और डॉलर में जोरदार तेजी के चलते सोने की कीमतें और घटेंगी। कॉमैक्स पर सोना 12 डॉलर की गिरावट के साथ 1132 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल सोने की कीमतें अगले तीन महीने में 24,000 रुपए तक आ सकती हैं। ANZ Bank के विशेषज्ञ विक्टर थिनपिरिया ने कहा, ”ऐसा लगता है कि मार्केट में मौजूदा लो लिक्विडिटी माहौल का कोई फायदा लेना चाहता है। इसलिए कीमतें नीचे गिराई जा रही हैं।”
सोना सस्ता होने के कारण
* इनवेस्टर्स को उम्मीद है कि अमेरिकी डॉलर मजबूत होगा, इसलिए गोल्ड के शेयर बेचे जा रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दर में बढ़ोत्तरी करेगा।
* भारत में सोने के बजाय शेयर से ज्यादा कमाई की उम्मीद। भारत में सोने की खरीद पैसा सुरक्षित करने के मकसद से होती है। अभी शेयर मार्केट तेज है। लोग यहीं पैसा लगा रहे हैं। 2 साल में शेयर ने 43 फीसदी रिटर्न दिया।
* सोने के प्रमुख आयातक देशों भारत एवं चीन में इसकी मांग में गिरावट आई है। भारत का गोल्‍ड इम्‍पोर्ट भी जून में लगभग 37 फीसदी कम होकर 1.96 बिलियन डॉलर रह गया।
* ग्रीस संकट सुलझने से शेयर मार्केट में तेजी आई है। डॉलर की डिमांड में भी तेजी है। डॉलर के मजबूत होने से सोने के दामों में गिरावट बढ़ी।
* चीन की पस्त अर्थव्यवस्था के बावजूद शेयर मार्केट 150 फीसदी तक चढ़े। इससे सोने और उससे बनी ज्वैलरी डिमांड 10 फीसदी घटी। जून के अंत तक चीन का गोल्ड रिजर्व 57 फीसदी बढ़ा है, इसके बावजूद 2009 के मुकाबले कम है। कारोबारियों के मुताबिक, चीन सोना खरीद रहा है, लेकिन उसकी रफ्तार धीमी है।

* प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर का मई के बाद उच्चतम स्तर पर पहुंचने से भी इसकी कीमत में गिरावट देखी गई।

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