कभी गंदा नाला हुआ करती थी ये नदी, अब कुछ ऐसी आती है नजर

जम्मू। मंदिरों के शहर जम्मू के बीचों बीच बहने वाली तवी नदी को गुजरात के साबरमती रिवर फ्रंट की तरह खूबसूरत बनाया जाएगा। जम्मू में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। गुजरात से आई टीम ने तवी का जायजा लिया। साबरमती पर 1100 करोड़ खर्च हुए थे। तवी पर 1200 करोड़ खर्च का अनुमान है। बता दें कि करीब 15 साल पहले साबरमती रिवर एक गंदे नाले से कम नहीं थी। इसके किनारे पूरी तरह झुग्गी-झोपड़ियों में तब्दील हो गए थे। बाद में जब नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम बने तो इस नदी को पुनर्जीवित करने की एक परियोजना बनी। नदी के किनारे विकसित किए गए और अब ये साबरमती रिवरफ्रंट के तौर पर नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण उपलब्धियों के तौर पर गिनाया जाता है।
साबरमती नदी की तर्ज पर विकसित किए जाएंगे तवी के किनारे
> डिप्टी सीएम डॉ. निर्मलसिंह ने जिला विकास बोर्ड बैठक में कहा कि गुजरात की साबरमती नदी की तर्ज पर तवी के दोनों किनारे विकसित किए जाएंगे।
> अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की टीम ने तवी किनारे सिद्धड़ा गोल्फ कोर्स से लेकर चौथे पुल तक का जायजा लिया है।
> जैसे ही दिसंबर के पहले सप्ताह में रिपोर्ट मिलेगी, तुरंत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
केंद्र ने दी है राशि
> निर्मलसिंह ने बताया कि केंद्र ने जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए 80 हजार करोड़ का पैकेज दिया है। इसमें पर्यटन को बढ़ावा देने समेत शहरों के विकास के लिए भी व्यवस्था की गई है।
> यहां नदी को साफ रखने, बच्चों के लिए एम्यूजमेंट पार्क समेत अन्य तरह की सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।