करप्शन के आरोपी ललित मोदी की सुषमा ने कैसे की मदद, जानिए अभी

नई दिल्ली. मैच फिक्सिंग और वित्तीय अनियमितता का आरोप झेल रहे आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी की मदद करने के आरोपों को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि ललित मोदी की पत्नी कैंसर से पीड़ित थीं और उन्होंने मदद मानवीय आधार पर किया था। रविवार को मामला सामने आने के बाद सुषमा ने पीएम नरेंद्र मोदी से बात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उधर, विपक्ष ने इस मामले पर सुषमा स्वराज के इस्तीफे की मांग की है। बता दें कि एक मीडिया रिपोर्ट में सुषमा पर आरोप लगा है कि उन्होंने इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की जांच के घेरे में रहने वाले ललित मोदी की ब्रिटेन से निकलने में मदद की।

क्या है सुषमा पर आरोप

अंग्रेजी चैनल ‘टाइम्स नाऊ’ की रिपोर्ट के मुताबिक 2013 में लोकसभा में विपक्ष की नेता रहते हुए सुषमा स्वराज की ओर से ललित मोदी से ब्रिटेन में संपर्क साधा गया था। सुषमा के पति स्वराज कौशल उस वक्त ललित मोदी के जरिए ब्रिटेन में अपने भतीजे ज्योर्तिमय कौशल का एडमिशन कराना चाहते थे। आरोप है कि ललित मोदी की मदद से यह एडमिशन हो भी गया था। इसी के बाद सुषमा जब 2014 में मंत्री बनी तो ललित मोदी ने उनसे ब्रिटेन से निकलने में मदद करने के लिए संपर्क किया। बतातें चलें कि ब्रिटेन में लंबे समय से सांसद रहे भारतीय मूल के सांसद कीथ वॉज भी आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी की मदद करने के मामले में जांच का सामना कर रहे हैं। हालांकि, वॉज ने भी किसी गलती से इनकार किया है और कहा है कि वह ललित मोदी के मामले को और मामलों की तरह ही देख रहे थे।

सुषमा की सफाई
अंग्रेजी समाचार चैनल ‘टाइम्स नाऊ’ की खबर पर सुषमा स्वराज ने रविवार को ट्वीट कर अपनी सफाई पेश की। उन्होंने रिपोर्ट दिखाए जाने के कुछ देर बाद ही ट्वीट में कहा, ”जुलाई 2014 में ललित मोदी ने मुझसे बात की और कहा था कि उनकी पत्नी को कैंसर है और सर्जरी के लिए वह चार अगस्त को पुर्तगाल जाना चाहते हैं। उन्होंने मुझे बताया कि हॉस्पिटल में उन्हें पेपर पर हस्ताक्षर करने के लिए वहां मौजूद रहना होगा। ललित ने मुझे बताया कि उन्होंने लंदन में ट्रैवल डॉक्युमेंट्स के लिए अप्लाई किया है और ब्रितानी सरकार यात्रा दस्तावेज देने के लिए तैयार है लेकिन यूपीए सरकार के एक सर्कुलर की वजह से वह ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि इससे भारत-ब्रिटेन संबंधों पर असर पड़ेगा। मैंने मानवीय आधार पर ब्रिटेश हाई कमिश्नर से कहा कि मोदी की अपील की जांच करें और अगर मोदी को ब्रिटेन इजाजत देता है तो इससे दोनों देशों के संबंधों पर असर नहीं पड़ेगा। कुछ दिन बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने ललित मोदी का पासपोर्ट जब्त करने की याचिका भी खारिज कर दी थी। इसी संबंध में मैने यूके के सांसद कीथ वॉज से भी बात की थी। ज्योर्तिमय कौशल का ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी में एडमिशन एक साल पहले ही हो चुका था।”

ललित मोदी पर क्या है आरोप
ईडी ने ललित मोदी पर दो केस दर्ज कर रखे हैं। ललित मोदी ने वर्ल्ड स्पोर्ट्स को आईपीएल के प्रसारण के लिए 425 करोड़ का ठेका दिया था, ईडी इसकी जांच कर रही है। आईपीएल में मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी में नाम सामने आने के बाद 2010 में ललित मोदी भारत से लंदन चले गए हैं। ललित मोदी का कहना है कि जान पर खतरे की वजह से वह ब्रिटेन में रह रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय फेमा उल्लंघन मामले में ललित मोदी की तलाश कर रहा है।