कलाम के अाखिरी दिन के 3 किस्से : लेक्चर के बाद पूछना चाहते थे सरप्राइज क्वेश्चन

नई दिल्ली. डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आईआईएम शिलॉन्ग के स्टूडेंट्स से अपने लेक्चर के बाद एक सवाल पूछ पाते, इससे पहले ही वे बेहोश हो गए और फिर स्टूडेंट्स के बीच नहीं लौट सके। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम के सोमवार को अचानक यूं चले जाने के बाद छह साल से उनके पर्सनल असिस्टेंट रह सृजन पाल सिंह सोमवार की रात बेचैन रहे। उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखी। इसमें उन्होंने डॉ. कलाम के आखिरी दिन का ब्योरा दिया और तीन किस्से बताए। साथ ही वह सवाल भी बताया जो डॉ. कलाम के मन में था और जिसे वे आईआईएम स्टूडेंट्स से पूछना चाहते थे। पढ़ें सृजनपाल सिंह का दिया पूरा ब्योरा-
वह आखिरी सूट…
‘‘ कई घंटे बीत चुके हैं, हमने एकदूसरे से बात नहीं की है। …नींद कोसों दूर है। यादें रह-रहकर आ रही हैं। बीच-बीच में आंसू भी। 27 जुलाई को हमारा दिन दोपहर 12 बजे शुरू हुआ था। हमने गुवाहाटी की फ्लाइट ली। डॉ. कलाम 1ए अौर मैं 1सी सीट पर था। वे डार्क कॉलर वाला कलाम सूट पहने हुए थे। मैंने उन्हें कॉम्प्लीमेंट किया। कहा- नाइस कलर! मुझे क्या पता था कि डॉ. कलाम को मैं इस सूट में दोबारा नहीं देख पाऊंगा। ’’
‘‘ मानसून की बारिश के बीच हम ढाई घंटे में गुवाहाटी पहुंचे। खराब मौसम के कारण जब प्लेन झटका खाता था और मैं भी कांपने लगता था तो डॉ. कलाम विंडो गिरा देते थे और कहते थे- अब तुम्हें डर नहीं लगेगा। गुवाहाटी पहुंचने के बाद भी ढाई घंटे का सफर तय कर हम शिलॉन्ग पहुंचे। पांच घंटे के इस सफर के दौरान हम कई मुद्दों पर बात की, डिस्कस किया, डिबेट किया। हमने बीते छह साल में कितने ही सैकड़ों घंटों की फ्लाइट और ड्राइव एकसाथ की थी। हर सफर की तरह यह भी खास था। ’’

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *