कश्मीर में पत्थरबाजी कम हुईं, हमारे पास हथियारों की कमी नहीं

नई दिल्ली. आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा है कि कश्मीर पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है। वहां आर्मी, बीएसएफ, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस साथ मिलकर काम कर रहे हैं। रावत ने ये भी कहा कि आर्मी में किसी भी तरह से हथियारों की कमी नहीं है।
वेपन्स का हो रहा मॉडर्नाइजेशन…
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक रावत ने कहा कि हम वेपन्स का मॉडर्नाइजेशन कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी को अपग्रेड किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि आर्मी के पास जो हथियार हैं, उन्हें बेहतर किया जाए।”
– फील्ड मार्शल केएम करियप्पा को भारत रत्न देने के सवाल पर रावत ने कहा, “इस बारे में भारत सरकार जो भी तय करेगी, वह मान्य होगा।”
– बता दें कि गुरुवार को रावत वाराणसी पहुंचे थे। उन्होंने गंगा आरती में भी हिस्सा लिया था।
कुछ घटनाओं के बहाने लोग आर्मी और जनता को टारगेट कर रहे हैं
– रावत ने अक्टूबर में कश्मीर के चोटी कांड कहा था कि ऐसी घटनाओं के बहाने कुछ लोग आर्मी और आम जनता को टारगेट कर रहे हैं। ये देश के बाकी शहरों में भी हो चुका है और उसकी सच्चाई सामने आ चुकी है। लेकिन अब जो यहां हुआ, वह आतंकियों के फ्रस्ट्रेशन को दिखाता है। कश्मीर में पुलिस अपना काम कर रही है।” – बता दें कि घाटी में बीते दो महीने में चोटी काटने की 100 से ज्यादा घटनाओं की अफवाह उड़ी। साथ ही, मारपीट की भी कई घटनाएं सामने आईं। इसके विरोध में अलगाववादियों ने बंद का एलान किया था।
रैडिकलाइजेशन रोकने के लिए काम हो रहा
– आर्मी चीफ ने कहा, ”सेना को जो टास्क सौंपा जाता है, वो उसे बहुत अच्छी तरह से पूरा करती है। पाकिस्तान के लिए राजनीतिक तरीके से फैसले लेना चाहिए।”
– ”लोगों को रैडिकलाइजेशन कर बरगलाया जा रहा है। ये दुनिया के बाकी हिस्सों में भी होता है, लेकिन हम इसे गंभीरता से ले रहे हैं। जम्मू-कश्मीर सरकार, पुलिस और एडमिनिस्ट्रेशन मिलकर कोशिश कर रहे हैं कि जो कुछ भी सोशल मीडिया के जरिए हो रहा है, उससे लोगों को दूर रखा जाए।”

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