कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग का डर, कर्नाटक के 14 MLAs को भेजा मुंबई

नई दिल्ली/बेंगलुरु.कांग्रेस ने कर्नाटक के 14 विधायकों को मुंबई के एक होटल में भेजा है। राज्यसभा इलेक्शन को लेकर हो रही हॉर्स ट्रेडिंग का स्टिंग सामने आने के बाद ऐसा किया गया है। 11 जून को यहां चार राज्यसभा सीटों के लिए पांच कैंडिडेट्स के बीच वोटिंग होनी है।
क्या बगावत से डरी है कांग्रेस…
– राज्यसभा में कर्नाटक की 12 सीटें हैं। फिलहाल 4 कांग्रेस और 5 बीजेपी के पास हैं। जेडीएस-निर्दलीय के पास 2 सीटें हैं, जबकि एक सीट विजय माल्या के इस्तीफे से खाली हुई है।
– इलेक्शन को देखते हुए कर्नाटक में कांग्रेस कुछ दिनों से निर्दलीय विधायकों से संपर्क साध रही थी।
– पिछले दिनों दो स्टिंग भी सामने आए थे। इसमें कांग्रेस कैंडिडेट केसी राममूर्ति एक निर्दलीय विधायक को करोड़ों की मदद देने की बात कहते दिखे थे।
– स्टेट बीजेपी प्रेसिडेंट बीएस येदियुरप्पा ने राज्यसभा इलेक्शन के लिए विधायकों को पैसे ऑफर करने के पीछे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का हाथ बताया है।
– बीजेपी और जेडीएस ने विधायकों की खरीद-फरोख्त की शिकायत इलेक्शन कमीशन से की है।
 राज्यसभा में क्या है सिचुएशन?
– 245 मेंबर्स वाले हाउस में अभी एनडीए के 62 सांसद हैं। सात नॉमिनेटेड मेंबर्स को शामिल कर दें तो एनडीए के 69 सांसद हो जाते हैं।
– कांग्रेस के 61 सांसद हैं। उसकी सहयोगी पार्टियों की संख्या मिला दें तो यूपीए के 80 सांसद हो जाते हैं।
– इसमें भी एआईएडीएमके, बीजेडी, तृणमूल, सपा और बसपा को मिला दें तो गैर-एनडीए सांसदों की संख्या 90 हो जाती है।
– 30 जून को राज्यसभा के एक-तिहाई सदस्य रिटायर होंगे। यहां सांसदों का टर्म 6 साल का होता है। हर दो साल में एक-तिहाई मेंबर रिटायर होते हैं।
बंगाल में साइन कराया गया था बॉन्ड
– कांग्रेस ने पिछले महीने हाल के इलेक्शन में जीते सभी 44 विधायकों से स्टाम्प पेपर पर साइन कराए थे।
– बॉन्ड में लिखा था कि सभी विधायक पार्टी प्रेसिडेंट सोनिया गांधी और राहुल गांधी के प्रति वफादारी रखेंगे।
– कांग्रेस को डर था कि उसके विधायक कहीं तृणमूल में शामिल ना हो जाएं।
क्या उत्तराखंड से कांग्रेस ने लिया सबक?
– बता दें कि कांग्रेस की सरकार वाले उत्तराखंड में कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ बगावत कर दी थी।
– 9 विधायकों के बागी होने के बाद हरीश रावत की सरकार गिर गई। हालांकि, कुछ दिन पहले कांग्रेस सरकार ने फिर बहुमत साबित कर दिया।
– केंद्र की सिफारिश पर उत्तराखंड में प्रेसिडेंट रूल भी लगा। विधायकों की खरीद-फरोख्त के स्टिंग में हरीश रावत सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं।

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