कांग्रेस में राजनीति करने के लिए अपनी शर्तें मनवाने चाहते हैं जोगी, बदलेगी राह!

Tatpar 30 Aug 2013

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का कांग्रेस से अलग होकर अपनी राजनीति करने के संकेत साफ नजर आ रहे हैं। कांग्रेस में राजनीति करने के लिए जोगी अपनी शर्तें मनवाना चाहते हैं जबकि कांग्रेस उनकी बात मानने के लिए तैयार नहीं दिख रही है। ऐसे में जोगी कांग्रेस से अलग होकर छत्तीसगढ़ में राजनीति कर सकते हैं। जोगी खेमे के नेताओं के अनुसार जोगी की प्रमुख मांग है कि उन्हें चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बना दिया जाए। इसके अलावा उन्हें सांसद के बजाय विधायक का चुनाव लड़ाया जाए।

कांग्रेस जिस तरह से काम कर रही है उससे ऐसा नहीं लग रहा कि जोगी की बातों को पार्टी स्वीकार करेगी। संकेत मिल रहे हैं कि उन्हें चुनाव अभियान समिति का प्रमुख नहीं बनाया जाएगा। उनके स्थान पर किसी और आदिवासी नेता को चुनाव अभियान की कमान सौंप दी जाएगी। इससे जोगी की आदिवासी नेता को आगे करने की मांग भी पूरी हो जाएगी और जोगी को किनारे करने की मंशा भी।

जोगी को विधानसभा चुनाव लड़ाए जाने के संकेत भी नहीं दिख रहे हैं। कांग्रेस के वर्तमान पदाधिकारियों तक को यह संदेश स्पष्ट रुप से मिल चुका है कि जोगी को इस बार सांसद का चुनाव लड़ाकर उन्हें राज्य की राजनीति से दूर रखा जाएगा। उनके परिवार से रेणु जोगी और अमित जोगी को विधानसभा का चुनाव लड़ाया जा सकता है।

जोगी राज्य में प्रभारी महासचिव बीके हरिप्रसाद की भूमिका से भी नाराज हैं। वे चाहते हैं कि हरिप्रसाद को या तो साइड लाइन किया जाए या फिर उनके समानांतर किसी और नेता को यहां जिम्मेदारी दी जाए। इसी प्रकार वे अपने खिलाफ खुलेआम बोलने वाले भूपेश बघेल पर कार्रवाई की भी अपेक्षा रखते हैं। जोगी पार्टी की ओर से यह संदेश भी चाहते हैं कि चुनाव बाद विधायक दल के नेता का चयन विधायक करेंगे।

टिकट बंटवारे में भी वे अपनी ठोस भूमिका चाहते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि जोगी ने अपनी पीड़ा और अपनी मांगों के बारे में कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष सीपी जोशी से विस्तार से चर्चा की है। जोशी के जरिए वे अपनी बात पार्टी नेतृत्व तक पहुंचा चुके हैं। जोगी कांग्रेस में अपनी शर्तों पर रहना चाहते हैं। दूसरी ओर कांग्रेस के इरादे जोगी को मुख्य धारा में लाने का दिख नहीं रहा है।