किसानों का रामलीला मैदान में पहुंचना शुरू, कल करेंगे संसद भवन की ओर मार्च

कर्ज माफी सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर दिल्ली में होने वाले दो दिवसीय आंदोलन में देश भर के किसान रामलीला मैदान में पहुंचना शुरू हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, ‘किसानों का मुक्ति मार्च’ के तहत बृहस्पतिवार शाम तक सभी किसान रामलीला मैदान में इकठ्ठा होंगे और फिर शुक्रवार सुबह रामलीला मैदान से संसद भवन की तरफ मार्च करेंगे।

पहले कहा जा रहा था कि ये दिल्ली के जंतर मंतर पर इकट्ठा होंगे, लेकिन यहां पर एक हजार किसानों के ही इकट्ठा होने की इजाजत है। संख्या अधिक होने पर इन्हें रामलीला मैदान की ओर रुख करना होगा और एेसा ही हो रहा है।
पूरे देश में पदयात्रा के बाद बड़ी संख्या में किसान 29 और 30 नवंबर को दिल्ली आने वाले आठ प्रमुख रास्तों से दाखिल हो रहे हैं। इसमें देश भर के 213 किसान संगठन प्रतिभाग करेंगे।
किसानों के प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक, किसान मुक्ति यात्रा नाम से किए जा रहे इस विशाल प्रदर्शन में किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटेंगे और फिर वहां से संसद के लिए मार्च करेंगे।
वहीं, सुरक्षा व कानून व्यवस्था के बाबत दिल्ली पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस की ओर कहा गया है कि किसान रामलीला मैदान आ सकते हैं, लेकिन यहां से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर देशभर के 200 से ज्यादा किसान मजदूर संगठन दो दिनों तक दिल्ली में जुट रहे हैं।

एडवाइजरी में एक बात और कही गई है कि जंतर-मंतर पर एक हजार से ज्यादा लोगों का जमा होना प्रतिबंधित है, ऐसे में अगर किसानों की संख्या इससे ज्यादा जाती है तो उन्हें रामलीला मैदान में धरना-प्रदर्शन करना होगा।

रामलीला में जुटने वाले सभी किसान अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के बैनर तले एकत्रित हुए हैं, जबकि किसानों के इस मार्च की अगुवाई योगेंद्र यादव कर रहे हैं। यहां पर बता दें कि गत 2 अक्टूबर को दिल्ली-यूपी गेट पर उत्तर प्रदेश के किसानों व दिल्ली पुलिस के बीच काफी संघर्ष हुआ था। किसानों को पुलिस ने दिल्ली में आने की अनुपति नहीं दी थी। इस पर किसान उग्र न हो जाए, इसको ध्यान में रखते हुए आनंद विहार स्टेशन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

ये हैं किसानों की अहम मांगें

  1. किसान की पूरी तरह कर्ज माफी
  2. फसलों की लागत का डेढ़ गुना मुआवजे की मांग
  3. एमएस स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट को पूरी तरह से लागू करने की मांग
  4. किसानों को पेंशन देने की मांग

 किसानों के लिए विशेष सत्र की मांग तेज
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने 11 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के बीच किसानों के लिए अलग से विशेष सत्र बुलाने की मांग तेज कर दी है। इसको लेकर कई संगठनों से जुड़े लोगों ने बुधवार को आइटीओ चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल जनवादी लेखक संघ के महासचिव संजीव कुमार ने कहा कि तमाम प्रयासों के बाद भी किसानों की दशा बेहद खराब है। उन पर विशेष ध्यान देने और योजना बनाने की जरूरत है, इसलिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर 30 नवंबर को संसद मार्ग पर किसान रैली होगी। सामाजिक कार्यकर्ता मलयश्री हाशमी ने कहा कि यह सत्र कम से कम 21 दिनों का हो। लेखक हरियश राय ने कहा कि विशेष सत्र में किसानों के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा हो।

डीयू के शिक्षकों ने किसानों को दिया समर्थन
डीयू के शिक्षक एवं छात्र किसानों के समर्थन में शुक्रवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने जा रही रैली में शामिल होंगे। वे गुरुवार को अंबेडकर स्टेडियम में किसानों को खाने के पैकेट भी बांटेंगे।

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