किसानों को संकट से उबारना पहली प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बेमौसम बरसात और ओला वृष्टि से प्रभावित हुए किसानों की हरसंभव मदद की जायेगी। किसान घबरायें नहीं, उन्हें इस संकट से उबारना हमारी पहली प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री आज श्योपुर जिले के ग्राम बगडुआ और अशोकनगर जिले के ग्राम सोवत में ओला एवं अति वृष्टि से प्रभावित फसलों का अवलोकन करने के बाद मौके पर उपस्थित किसानों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्योपुर जिले में श्री रामप्रकाश मीणा, श्री नाथूलाल मीणा और प्रहलाद मीणा सहित अनेक किसानों के खेत जाकर फसलें देखी। उन्होंने अशोकनगर जिले में पीड़ित कृषक श्री देवीसिंह रघुवंशी, श्री शिवराम, श्री राजकुमार सिंह, श्री घनश्याम, श्री भूरेराम तथा श्री चेनसिंह साहू के खेत में पहुँचकर ओला वृष्टि प्रभावित फसलों को देखा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसान खून-पसीने से फसलों को सींचता है, उसकी आँखों में आँसू नहीं आने देंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ओला वृष्टि से फसलों की क्षति के सर्वे का कार्य राजस्व विभाग के साथ-साथ कृषि एवं ग्रामीण विकास के कर्मचारी संयुक्त रूप से करेंगे। इस कार्य में गाँव के लोगों का भी सहयोग लिया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि सर्वे का कार्य पूरी निष्पक्षता एवं पारर्दिशता के साथ करवायें। किसी भी कीमत में पीड़ित किसान का नाम सर्वें सूची में न छूटे। उन्होंने कहा कि ऐसे किसान जिनका 50 प्रतिशत से अधिक गेहूँ, सरसों आदि फसलों का नुकसान हुआ है, उन्हें 15 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के मान से राहत राशि दी जाएगी। साथ ही धनिया, मेथी जैसी मसाला फसलों के नुकसान पर 26 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत राशि दी जायेगी।

श्री चौहान ने कहा कि अगली फसल आने तक 50 प्रतिशत से अधिक नुकसानी वाले किसानों को गेहूँ, चावल, नमक एक रुपये किलो में उपलब्ध करवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि क्राप कंटिग एक्सपेरिमेंट अनिवार्य रूप से करवाया जायेगा, जिससे किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों की कर्ज वसूली स्थगित की जायेगी एवं अल्प अवधि ऋण को मध्यावधि ऋण में बदला जायेगा।