कुंभ में साध्वी ने बताया जान का खतरा, कहा- अखाड़ा प्रमुख ने की बदतमीजी

मुंबई. नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ में नया विवाद सामने आया है। साध्वियों के अखाड़े को समान अधिकार दिलाने की जिद पर अड़ीं ‘परी अखाड़ा’ की पीठाधीश्वर त्रिकाल भवंता ने अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। साध्वी ने मंगलवार को कुंभ के ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान अपने साथ हुई धक्का-मुक्की के लिए महंत ज्ञानदास को जिम्मेदार ठहराया है और उनसे जान को खतरा बताकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं, महंत ज्ञानदास ने कहा कि किसी ने साध्वी को बाहर से भेजा है और मुझे फंसाने की कोशिश की गई है।
क्या लगाया आरोप
साध्वी का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मंच पर रहते हुए महंत ज्ञानदास के इशारे पर कुछ लोगों ने उनसे धक्का-मुक्की की और माइक छीन लिया। उन्होंने कहा, ”घटना के बाद मैं बेहद डर गई हूं, मुझ पर मेला क्षेत्र में किसी भी समय हमला हो सकता है।”
साध्वी भवंता ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह बदसलूकी करने वाले लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएंगी। गौरतलब है कि ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान साध्वी भवंता ने मंच पर जाकर महिला संतों के ‘परी अखाड़ा’ 14वें अखाड़े के रूप में कुंभ में समान अधिकार और स्थान देने की मांग की थी। उस दौरान फडणवीस भी मंच पर मौजूद थे।