केंद्र ऐक्ट ईस्ट नीति के प्रति गंभीर : कोविंद

उदयपुर (त्रिपुरा), सात जून (भाषा) राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज कहा कि केंद्र अपनी ऐक्ट ईस्ट की नीति को लागू करने के बारे में गंभीर है।

कोविंद ने यह बात गोमती जिले में त्रिपुरा सुंदरी मंदिर और दक्षिण त्रिपुरा जिले को जोड़ने वाले पुनर्निर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग को लोगों को समर्पित करने के दौरान कही।

73.71 किलोमीटर लंबे राजमार्ग को हाल में दो तरफा यातायात के लिये चौड़ा किया गया था। यह अब तक सिंगल लेन था।

कोविंद राज्य की दो दिवसीय यात्रा पर आज सुबह यहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह सड़क दक्षिण त्रिपुरा जिले और बांग्लादेश में चटगांव बंदरगाह के बीच संपर्क में सुधार करेगी।

उन्होंने यहां अपने भाषण में कहा , ‘‘ यह सड़क (भारत – बांग्लादेश सीमा पर) सबरूम में फेनी नदी पर निर्माणाधीन पुल की ओर ले जाएगी। एक बार पुल जब चालू हो जाएगा तो त्रिपुरा चटगांव से जुड़ जाएगा। ’’

उन्होंने कहा कि केंद्र इस राज्य के साथ – साथ समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र को विकसित बनाने का प्रयास कर रहा है।

कोविंद ने कहा , ‘‘ राजग सरकार पूर्वोत्तर में विकास परियोजनाएं शुरू करने को उत्सुक है। अकेले त्रिपुरा में 6000 करोड़ रुपये की लागत से 500 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। ’’

उन्होंने कहा कि सड़क परियोजनाएं लोगों को ‘ करीब ’ लाएंगी। उन्होंने याद किया कि अगरतला और कोलकाता के बीच दूरी बांग्लादेश के रास्ते तकरीबन 500 किलोमीटर थी जो 1947 में विभाजन के बाद 1700 किलोमीटर हो गई।

राष्ट्रपति ने राज्य में त्रिपुरा सरकार की लोक कल्याणकारी पहल की भी सराहना की।

उन्होंने कहा , ‘‘ पिछड़ा समुदाय के विकास के बिना देश प्रगति नहीं कर सकता। ’’

कोविंद ने कहा कि त्रिपुरा में आदिवासी समुदाय ने कई एथलीट दिये हैं जिन्होंने अपनी उपलब्धियों से भारत को गौरवान्वित किया है।

उन्होंने कहा , ‘‘ जाने – माने टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देववर्मन , इंडियन आइडल सौरवी देववर्मन , राष्ट्रीय महिला फुटबॉल खिलाड़ी लक्षिता देववर्मा , जिम्नास्ट दीपा कर्मकार ने देश के लिये ख्याति अर्जित की है। ’’

मुख्यमंत्री विप्लव देव और राज्यपाल तथागत रॉय ने भी कार्यक्रम में लोगों को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा , ‘‘ त्रिपुरा सरकार सबका साथ , सबका विकास के मंत्र में विश्वास करती है। ’’

उन्होंने कहा , ‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्रिपुरा को एक नयी दिशा दिखाई थी जब उन्होंने लोगों से हीरा — एच से हाईवे , आई से इंटरनेट वे , आर से रोडवेज और ए से एयरवेज अपनाने को कहा था। ’’

रॉय ने कहा कि राजग सरकार के सत्ता में आने से पहले पूर्वोत्तर क्षेत्र की अनदेखी की गई।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में पूजा भी की। यह देश में 51 शक्ति पीठों में से एक है।

शाम में राज्य सरकार राष्ट्रपति का नागरिक अभिनंदन करेगी। वह ‘ अनानास की रानी किस्म ’ को ‘ राजकीय फल ’ घोषित करेंगे।