केजरीवाल ने स्वर्ण मंदिर में धोए बर्तन, धार्मिक भावनाएं आहत करने पर मांगी माफी

अमृतसर. आम आदमी पार्टी का अपने मैनिफेस्टो की धर्मग्रंथों से तुलना करना भारी पड़ गया है। रविवार को अरविंद केजरीवाल स्वर्ण मंदिर पहुंचकर सेवादार बन गए। यहां उन्होंने बर्तन धोए। बर्तन धोने के बाद केजरीवाल ने कहा कि अब मन को बहुत शांति मिली है। उन्होंने पार्टी की तरफ से अनचाहे में हुई गलती के लिए माफी भी मांगी।
केजरीवाल ने की सामुदायिक सेवा…
– स्वर्ण मंदिर जाकर उन्होंने सामुदायिक सेवा की।
– मंदिर में केजरीवाल पूरी तरह सिख धर्म का पालन करते नजर आए। मंदिर में उन्होंने सिर को कपड़े से ढंका था।
– करीब 45 मिनट तक मंदिर में रहे केजरीवाल ने पहले प्रार्थना की।
– इसके बाद उन्होंने लंगर हॉल (सामुदायिक किचन) में बर्तन धोए।
– केजरीवाल ने मैनिफेस्टो की तुलना धर्मग्रंथों से किए जाने को लेकर माफी भी मांगी।
क्या है मामला?
 – इस महीने की शुरुआत में आप स्पोक्सपर्सन आशीष खेतान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।
– आशीष पर सिखों की भावनाओं को आहत करने का आरोप था। उन्होंने मैनिफेस्टो की तुलना धर्मग्रंथ से की थी।
– आशीष ने मैनिफेस्टो के लिए कहा था, ‘ये हमारी बाइबल है, हमारी गीता और गुरु ग्रंथ साहिब है।’
– खेतान ने ये कमेंट 51-बिंदुओं वाले मैनिफेस्टो को जारी करते हुए किया था।
– इसके चलते केजरीवाल को सोशल मीडिया पर #KejriinsultsGoldenTemple से काफी क्रिटिसाइज किया गया था।
खेतान ने भी मांगी थी माफी
– खेतान ने माफी मांगते हुए कहा था कि उनका मकसद पवित्र धर्मग्रंथ का अपमान करना नहीं था।
– लेकिन कई सिख लीडर्स ने कहा कि महज माफी मांग लेना काफी नहीं है।
– पंजाब के डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने इसे ईशनिंदा जैसा काम बताया।
क्यों सुर्खियों में आया मामला?
– दरअसल पंजाब में अगले साल असेंबली इलेक्शन होने हैं।
– इसको लेकर आम आदमी पार्टी ने कैम्पेन शुरू कर दिया है। केजरीवाल समेत कई नेता राज्य का दौरा कर रहे हैं।
– आप खुद को तीसरी बड़ी पार्टी मानकर सत्ता में आने का सपना देख रही है। पंजाब से ही आप के 4 सांसद भी हैं।
– पंजाब में अभी तक बीजेपी-अकाली दल और कांग्रेस के बीच ही टक्कर रही है।