केजरीवाल बोले- सिद्धू से पिछले हफ्ते मिला था, AAP ज्वाइन के लिए नहीं रखी शर्त

नई दिल्ली. नवजोत सिंह सिद्धू के आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। ऐसा कहा जा रहा है कि वे पंजाब सीएम कैंडिडेट की दावेदारी के साथ अपनी पत्नी नवजोत कौर के लिए टिकट चाहते हैं। अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को ट्वीट कर इन अफवाहों पर सफाई दी। उन्होंने लिखा- “मैं पिछले हफ्ते सिद्धू से मिला था, लेकिन उन्होंने पार्टी ज्वाइन करने के लिए कोई शर्त नहीं रखी है।” बता दें कि खबर यह भी आ रही है कि कांग्रेस भी सिद्धू को कोई बड़ा ऑफर दे सकती है।
रविंद ने ट्वीट में क्या लिखा…
– केजरीवाल ने शुक्रवार को तीन ट्वीट कर पहली बार इस मुद्दे पर बात रखी। इन्होंने पहले ट्वीट में लिखा- “नवजोत सिंह सिद्धू क्या आप में शामिल होंगे, इसे लेकर काफी अफवाह है। मेरा फर्ज है कि इस मामले में अपना पक्ष रखूं।”
– दूसरे ट्वीट में लिखा- “मैं पिछले हफ्ते उनसे मिला था। उन्होंने कोई शर्त नहीं रखी थी। उन्हें सोचने का मौका दिया जाना चाहिए।”
– तीसरे ट्वीट में कहा- “वह बहुत अच्छे इंसान और लेजेंंडरी क्रिकेटर रहे हैं। वह पार्टी ज्वाइन करें या नहीं, मैं उनका सम्मान करता रहूंगा।”
– बता दें कि कुछ दिन पहले ही नाराज सिद्धू ने बीजेपी और राज्यसभा मेंबरशिप से इस्तीफा दे दिया था। बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी से नाराजगी जताई थी।
– तब से कयास लगाए जा रहे हैं कि वह आप ज्वाइन कर सकते हैं। उधर, पंजाब कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने भी सिद्धू से बात करने की कोशिश की है।
आप ज्वाइन करने में कहांं फंसा है पेंच?
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिद्धू पंजाब सीएम कैंडिडेट की दावेदारी के साथ अपनी पत्नी नवजोत के लिए भी टिकट चाहते हैं। हालांकि, नवजोत कौर ने बीजेपी से इस्तीफा नहीं दिया है।
– वहीं, आप के संविधान के मुताबिक, एक घर से कोई भी दो व्यक्ति आप में पोस्ट या टिकट नहीं पा सकता।
– ऐसा कहा जा रहा है कि इसी मुद्दे पर सिद्धू और आप के बीच बातचीत अटकी हुई है।
सिद्धू ने कहा था – वे कहते हैं पंजाब से दूर रहो; ऐसा नहीं कर सकता था, इसलिए राज्यसभा छोड़ी
– राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद सिद्धू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें कहा था कि – “राज्यसभा से इस्तीफा मैंने इसलिए दिया, क्योंकि मुझे ये कहा गया था कि पंजाब की तरफ मुंह नहीं करोगे। और पंजाब से तुम दूर रहोगे।”
– ”धर्मों में सबसे बड़ा धर्म राष्ट्र धर्म होता है। तो फिर कैसे सिद्धू अपना वतन छोड़ दे?”
– ”ये नफे-नुकसान की बात नहीं है। ये पहली बार हुआ हो तो भी नाकाबिले बर्दाश्त है। ये तो तीसरी-चौथी बार हो रहा है, जब मेरे साथ नाइंसाफी हुई।’