केरल उच्‍च न्‍यायालय ने कहा – माओवादी होना अपराध नहीं।

केरल उच्च न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि माओवादी होना अपराध नहीं है और पुलिस किसी व्यक्ति को केवल माओवादी होने के कारण हिरासत में नहीं ले सकती। केरल पुलिस के विशेष दल द्वारा एक व्यक्ति को माओवादी होने के संदेह में गिरफ्तार करने के मामले में न्यायालय ने कल यह फैसला सुनाया। न्यायालय ने कहा कि हालांकि माओवादियों की राजनीतिक विचारधारा हमारे संविधान व्यवस्था के अनुसार नहीं है लेकिन माओवादी होना अपराध नहीं है। न्यायालय ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति या संगठन शारीरिक हिंसा में लिप्त है, तो कानूनी संस्थाएं उस व्यक्ति या संगठन को रोक सकती हैं या उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। न्यायालय ने गिरफ्तार व्यक्ति को दो महीने के अंदर एक लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।