कैबिनेट के बड़े फ़ैसले, देश भर में बांधों की सुरक्षा के लिए बनेगा नया कानून

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आज कई अहम फैसले किए गए। कैबिनेट ने देश भर में बांधों की सुरक्षा के लिए नया कानून बनाने का फैसला किया है तो नॉर्थ इस्टर्न काउंसिल को और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए गृह मंत्री को इसका अध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ है। मंत्रिमंडल ने एचडीएफसी बैंक में  प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के एक बड़े प्रस्ताव को मंजूर किया है।

देश में बांधों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के मकसद से केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बांध सुरक्षा विधेयक 2018 को मंजूरी दी है। विधेयक के कानून बनने से बांधों का ना सिर्फ बेहतर तरीके से संचालन और रखरखाव किया जा सकेगा बल्कि उसकी निगरानी और निरीक्षण भी ठीक से हो सकेगा। बिल में बांध सुरक्षा को लेकर एक राष्ट्रीय समिति बनाने का प्रावधान है, जो इसके लिए नीति बनाने का सुझाव देगी। इसके अलावा नियामक तंत्र के रुप में राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण भी बनाया जा सकेगा।

पूर्वोत्तर क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर राज्यों के बीच समन्व्य बढ़ाने के मकसद से भी एक बड़ा फैसला लिया है। नॉर्थ इस्टर्न काउंसिल की अध्यक्षता अब गृह मंत्री करेंगे। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मामलों के मंत्री इसके उपाध्यक्ष होंगे।
सरकार ने देश की बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय को हरी झंडी दे दी है।  इसके तहत एचडीएफसी बेंक में 24 हजार करोड़ रुपए के अतरिक्त विदेशी निवेश को मंजूरी दी गई है।

कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से कैबिनेट ने करीब सवा दो  हजार करोड़ रुपए के एक प्रस्ताव को मंजूर किया है। सरकार ने मध्यम वर्ग के लोगों को राहत देते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एमआईजी 1 और एमआईजी 2 वर्ग योजना में लाभ पाने के लिए फ्लैट के क्षेत्रफल का दायरा बढा दिया है। इसके अलावा दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे पुनर्विकास कार्यों के तहत मंत्रिमंडल ने करीब पौने चार एकड़ जमीन एक निजी कंपनी को होटल बनाने के लिए लीज़ पर देने के फैसले को भी मंजूर किया है।