कोच्चि मेट्रो इनॉगरेशन के दौरान मोदी पर था आतंकी हमले का खतरा

कोच्चि. कोच्चि मेट्रो का इनॉगरेशन करने 17 जून को केरल पहुंचे नरेंद्र मोदी पर आतंकी हमले का खतरा था। यह दावा केरल के डीजीपी टीपी सेनकुमार ने मंगलवार को किया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के दौरे के दिन शनिवार को यहां बड़े खतरे की आशंका थी। यात्रा के दिन यहां एक आतंकी मॉड्यूल मौजूद था।” हालांकि, मॉड्यूल का ज्यादा ब्यौरा देने से उन्होंने इनकार कर दिया। डीजीपी ने मोदी के दौरे से एक दिन पहले केरल हाईकोर्ट के पास प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज को जायज बताते हुए यह बात कही।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बरसाईं थी लाठियां…
– पुतुव्यपे इलाके के पास एक एलपीजी टर्मिनल के निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठियां बरसाई थीं। इस घटना में करीब 20 लोग घायल हो गए थे।
– बता दें कि मोदी शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच कोच्चि पहुंचे थे। उन्होंने कोच्चि मेट्रो का इनॉगरेशन किया था। साथ ही गवर्नर पी सदाशिवम, केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू और मुख्यमंत्री पी. विजयन के साथ मेट्रो में सफर भी किया था।
प्रदर्शन के पीछे थी चरमपंथी ताकतें: डीजीपी
– सेनकुमार ने दावा किया कि प्रदर्शन के पीछे चरमपंथी ताकतें थीं। प्रदर्शन बिना किसी पूर्व सूचना के किया गया था।
– सेनकुमार ने कहा, “प्रदर्शनकारियों ने अचानक उस रास्ते पर परेशानी खड़ी करने की कोशिश की, जहां से 17 जून को प्रधानमंत्री का काफिला गुजरना था। प्रदर्शन उस वक्त किया गया, जब एसपीजी सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां रास्ते का परीक्षण कर रही थीं।’’
– “सूचनाओं के आधार पर ही प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया गया था। उनके खिलाफ पुलिस की कार्रवाई सही थी।”
डीसीपी पर कार्रवाई चाहता है विपक्ष, डीजीपी ने किया बचाव
– वहीं, लाठीचार्ज में 20 लोग घायल होने पर विपक्ष भड़का हुआ है। विपक्ष चाहता है कि लाठीचार्ज का आदेश देने वाले डीसीपी पर सख्त कार्रवाई हो।
– हालांकि, डीजीपी ने कोच्चि के डीसीपी यतीश चंद्र का बचाव किया। उन्होंने कहा कि डीसीपी ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया। उलटा उन्होंने सवाल किया, क्या उनकी कार्रवाई का कोई वीडियो दिखा सकते हैं।