कोच नहीं बनना चाहते थे राहुल द्रविड़, सचिन ने किया फोन तो नहीं कर सके इनकार

खेल डेस्क. सचिन तेंडुलकर, सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण के बीसीसीआई से बतौर एडवाइजर जुड़ने के बाद राहुल द्रविड़ ने भी अंडर-19 और इंडिया-ए का कोच बनना स्वीकार कर लिया है। वर्ल्ड कप-2015 के बाद डंकन फ्लेचर की जगह नए कोच की चर्चा शुरू हुई तो राहुल और सौरव का नाम ही सबसे ऊपर था। सौरव गांगुली जब सलाहकार समिति में चले गए तो राहुल के कोच बनाए जाने की चर्चा जोर पकड़ी। हालांकि, वह बीसीसीआई में किसी भी प्रकार का दायित्व नहीं संभालना चाहते थे। बीसीसीआई के सूत्रों के अनुसार, राहुल का नाम इससे पहले सीनियर टीम इंडिया के कोच पद के लिए उछला था। द्रविड़ ने इनकार कर दिया था क्योंकि वे कोचिंग के गुर सीखना चाहते थे। द्रविड़ ने व्यस्तता का हवाला भी दिया था लेकिन सचिन को वे मना नहीं कर सके। सचिन तेंडुलकर ने जब उन्हें कॉल किया तो वे राजी हो गए। जानकार मानते हैं कि टेस्ट, वनडे, टी-20 मिलाकर 509 मैच खेलकर 24208 रन बनाने वाले राहुल द्रविड़ का कोच बनना भारतीय क्रिकेट में नया बदलाव लाएगा।

 

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