कोलकाता हादसे के पीड़ितों से मिले राहुल गांधी, कहा- राजनीति करने नहीं आया हूं

कोलकाता.यहां के बड़ा बाजार इलाके में हुए फ्लाईओवर हादसे का जायजा लेने शनिवार को राहुल गांधी कोलकाला पहुंचे। साइट का दौरा कर पीड़ितों से मिले। इस दौरान उन्होंने कहा, ”मैं यहां राजनीति करने नहीं आया हूं।” हादसे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ब्रिज बना रही कंपनी ने कहा कि घटना के पीछे बम ब्लास्ट कारण हो सकता है। इस एंगल की भी जांच होनी चाहिए। गुरुवार को इनकी ओर से कहा गया था कि यह ‘भगवान की मर्जी’ थी। इस बीच ये बात सामने आई है कि हैदराबाद बेस ये कंपनी आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में सालों पहले से ब्लैक लिस्टेड है। हादसे में मरने वालों का आंकड़ा 26 हो गया है।
दो राज्यों में कब और क्यों ब्लैक लिस्टेड हुई थी कंपनी…
 – फ्लाईओवर बना रही हैदराबाद बेस कंपनी IVRCL अपने ही राज्य आंंध्र प्रदेश में 2009 में बैन कर दी गई थी।
– कंपनी को स्टेट लेबर डिपार्टमेंट की रेकमेंडेशन पर अगस्त 2009 में ब्लैकलिस्ट में डाल दिया गया था।
– फरवरी 2011 में कंपनी को उत्तर प्रदेश जल निगम की रिक्वेस्ट पर यूपी गवर्नमेंट ने भी ब्लैकलिस्ट कर दिया।
– IVRCL और SPML नाम की एक और कंपनी पर वॉटर एंड सीवरेज प्रोजेक्ट में घटिया मटेरियल यूज करने का आरोप था।
– अपोजिशन का कहना है कि सरकार इस ब्रिज को जल्द से जल्द पूरा करना चाहती थी जिसके कारण लापरवाही बड़ी वजह हो सकती है।
– दरअसल, सीएम ममता बनर्जी ने पिछले साल नबंवर में अनाउंस किया था कि वे फरवरी 2016 में फ्लाईओवर का उद्घाटन करेंगी।
– बड़ा सवाल है कि क्या असेंबली इलेक्शन से पहले ब्रिज को शुरू कर टीएमसी सरकार वोटिंग में फायदा लेना चाहती थी?
अपडेट्स…
 – एक फॉरेंसिक टीम ने हादसे वाली जगह पहुंचकर सेंपल लिए हैं।
– बिल्डर कंपनी के अधिकारियों से पूछताछ के लिए हैदराबाद पहुंची कोलकाता पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लिया।
– फ्लाई ओवर बना रही बिल्डर कंपनी IVRCL ने प्रेसकॉन्फ्रेंस कर अपनी सफाई दी।
– कंपनी के लीगल एडवाइजर्स ने कहा, ”हादसे का हमें दुख है। इसकी वजह की पड़ताल करेंगे। लापरवाही जैसी कोई बात नहीं है।”
– ”एफआईआर की जानकारी अब तक नहीं मिली है और ना ही कंपनी के किसी अधिकारी से पूछताछ हुई।”
– बीजेपी ने भी प्रेसकॉन्फ्रेंस कर ममता सरकार पर करप्शन का आरोप लगाया।
– केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ”टीएमसी सरकार ने 5 साल में 5 बड़े काम भी नहीं किए।”
– कोलकाता हाईकोर्ट में फाइल एक पिटीशन में IVRCL के क्वालिटी सर्टिफिकेट और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी की जानकारी मांगी गई।
मलबा हटाने का काम पूरा हुआ: आर्मी
 – गुरुवार को फ्लाईओवर का 100 मीटर से बड़ा हिस्सा ढह गया। इसकी चपेट में आकर 24 लोगों की मौत हो गई। 60 से ज्यादा जख्मी हैं।
– मलबा इतना ज्यादा था कि 140 टन वजनी क्रेन भी लोहे की एक गर्डर को नहीं उठा सकी।
– रात को कोलकाता में बारिश भी हुई, जिसकी वजह से रेस्क्यू में दिक्कत आई। मलबा हटाने का काम अभी जारी है।
– हादसे की वजह के बारे में IVRCL ने कहा, ”27 साल में हमारे साथ ऐसा पहले नहीं हुआ। यह और कुछ नहीं, एक्ट ऑफ गॉड है।”
– बिल्डर कंपनी के खिलाफ तीन केस दर्ज किए गए हैं। ममता ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
– ब्रिगेडियर हरीश कुरेजा ने कहा कि रेस्क्यू पूरा हो चुका है, किसी के मलबे में फंसे होने की आशंका नहीं है।
चश्मदीदों ने कहा- लगा जैसे भूकंप आ गया
 – लोगों को बाहर निकालने के लिए 5 एनडीआरएफ और आर्मी की टीम जुट गईं।
– इलेक्शन कैम्पेन छोड़कर मौके पर पहुंची ममता बनर्जी ने कहा, ”रेस्क्यू जारी है। यह ब्रिज लेफ्ट की सरकार में पास हुआ था।”
– एक चश्मदीद ने बताया कि जैसे ही ब्रिज का बड़ा हिस्सा भर-भरा कर गिरा, लगा कि भूकंप आ गया।
– एक कारोबारी का दावा है कि उनकी आंखों के सामने चंद सेकंड में फ्लाईओवर ढह गया। कई लोगों को दबते देखा।
– पूनम जालान नाम की महिला ने कहा, ”वहां कई लोग दबे थे। ब्रिज गिरते ही हमारे घर तक हिल गए। बाहर आने पर पता चला कि इतना बड़ा हादसा हो गया है।”
– हादसे के वक्त फ्लाईओवर के नीचे से ट्रैफिक चालू था। मलबे में दर्जनों गाड़ियां, ऑटो, टैक्सी और एक मिनी बस आ गई।
7 साल से हैदराबाद की कंपनी बना ही रही है ब्रिज
 – 24 फरवरी, 2009 को बनना शुरू हुआ 2 किलोमीटर लंबा ये फ्लाईओवर 18 महीने में बनकर तैयार होना था।
– फ्लाईओवर दो हिस्से में बनना है। 1.6 किलोमीटर लंबा पहला हिस्सा गिरीश पार्क और हावड़ा ब्रिज को लिंक करेगा।
– 600 मीटर लंबा दूसरा हिस्सा पोस्टा क्रॉसिंग और निमताला गेट स्ट्रीट की ओर जाएगा।
– इसके लिए उस वक्त लेफ्ट सरकार ने 164 करोड़ रुपए का बजट रखा था।
– कोलकाता मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (केएमडीए) ने फ्लाईओवर का कॉन्ट्रैक्ट IVRCL नाम की हैदराबाद बेस्ड कंपनी को दिया था।
– हादसे के बाद कंपनी के हैदराबाद ऑफिस के सभी कमर्चारी ऑफिस से फरार हो गए। सीएमडी सुधीर रेड्डी और अशोक रेड्डी से भी कॉन्टैक्ट नहीं हो रहा है।
– पहले भी कई बार डेडलाइन बढ़ी। इस महीने इसका काम पूरा होना था। लेकिन कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट ने अपनी जमीन केएमडीए को ट्रांसफर नहीं की। इसके चलते एक बार फिर इसकी डेडलाइन बढ़ानी पड़ी।
– कंस्ट्रक्शन से जुड़े एक इंजीनियर के मुताबिक, 164 करोड़ रुपए के बजट वाले इस फ्लाईओवर में अब तक 250 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं।
ममता ने किया था फरवरी में ओपन करने का एलान
– 2.2 किलोमीटर लंबा ये ब्रिज अगस्त 2011 में पब्लिक के लिए ओपन होना था।
– नवंबर 2015 में नौवीं बार इसकी डेडलाइन बढ़ाई गई।
– ममता बनर्जी ने नवंबर 2015 में एलान किया था कि विवेकानंद रोड फ्लाईओवर का फरवरी 2016 में इनॉगरेशन होगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
– 31 मार्च तक इस 2.2 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का 76% काम ही पूरा हो सका था।
– गुरुवार सुबह गिरीश पार्क एरिया में यह पुल ढह गया। इसमें कई लोगों की जान चली गई।
– कंपनी की शिकायत थी कि पुलिस उसे रात 11 से सुबह 5 बजे तक ही काम करने दे रही थी। उसका कहना था कि दिन में ट्रैफिक बहुत ज्यादा होता है ऐसे में कंपनी दिन में काम नहीं कर सकती।
बिल्डर ने हादसे को ‘एक्ट ऑफ गॉड’ बताया
 – बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यह पूरी तरह से करप्शन का नतीजा है। हादसे की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
– सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि इसे लापरवाही नहीं कह सकते हैं। जांच के बाद ही ये सामने आएगा कि हादसे के पीछे क्या वजह रही।
– वहीं, ब्रिज बना रही कंपनी IVRCL कंपनी के केपी राव ने पल्ला झाड़ते हुए हादसे को ‘एक्ट ऑफ गॉड’ करार दिया।
– उन्होंने कहा कि फ्लाई ओवर का 45 फीसदी काम बाकी था। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। हम भी शॉक्ड हैं।
रात में ही हुई थी ढलाई
 – ये फ्लाईओवर कोलकाता से हावड़ा की ओर जाने वाले रास्ते पर बन रहा था। इसका नाम विवेकानंद ब्रिज है।
– मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हादसा 12.25 बजे हुआ। इलाका बहुत संकरा है और फ्लाईओवर के काम के बावजूद नीचे से गाड़ियां की आवाजाही जारी है।
– बताया जा रहा है कि ब्रिज का जो हिस्सा ढहा है, उसकी ढलाई बुधवार रात में हुई थी।
2013 में भी हुआ था ऐसा ही हादसा
– 2013 में कोलकाता के उल्टाडंगा इलाके में बने एक फ्लाईओवर का अधिकांश हिस्सा ढह गया था।
– इस हदासे में 3 लोग घायल हुए थे।
– ये ब्रिज सुबह करीब साढ़े चार बजे ढहा था। उस वक्त ब्रिज पर ट्रैफिक नहीं होने के कारण बड़ा हादसा टल गया था।
– यह ब्रिज हादसे के दो साल पहले ही बनकर तैयार हुआ था।
ममता सरकार ने किया मुआवजे का एलान
 – आर्मी ने हर तरह की मदद का भरोसा दिया है। मौके पर हजारों लोगों की भीड़ जमा है। 2 हाइड्रोलिक क्रेन की मदद से आर्मी के जवान मलबे को हटाने में लगे हैं।
– ममता सरकार ने मरने वाले लोगों की फैमिली को 5 लाख, गंभीर जख्मी को 2 और मामूली रूप से जख्मी को 1 लाख रुपए का मुआवजा देने का एलान किया है।
– मोदी सरकार के मिनिस्टर किरण रिजिजू ने कहा कि लोगों को बचाने का काम जारी है। जरूररत पड़ी तो एनडीआरएफ और सीआरपीएफ की और टीमों को भेजेंगे।
– होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने कहा है कि एनडीआरएफ की टीम भेजी जा चुकी हैं। हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं मारे गए लोगों के लिए शोक व्यक्त करता हूं।
– नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख जताया है और केंद्र की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिया।
अपोजिशन ने ममता सरकार को बताया जिम्मेदार
 – सीपीएम संसाद मोहम्मद सलीम ने सवाल उठाते हुए कहा है कि आखिर क्यों ब्रिज का काम दिन में किया जा रहा था?
– केंद्र सरकार में मंत्री और बंगाल से सांसद बाबुल सुप्रियो ने फ्लाईओवर हादसे के पीछे लापरवाही का आरोप लगाया है।
– बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस हादसे के लिए ममता बनर्जी की सरकार जिम्मेदार है।
– वहीं, टीएमसी सांसद दिनेश त्रिवेदी ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि हादसे की जांच की जानी चाहिए।