कोल घोटाला में बीजेपी ने मांगा प्रधानमंत्री का इस्तीफे

कोल ब्लाक आवंटन घोटाले को लेकर सरकार के खिलाफ अपने हमले की धार को तेज करते हुए भाजपा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विधि मंत्री अश्विनी कुमार के इस्तीफे की मांग की।

वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता में यहां हुई भाजपा संसदीय दल की बैठक में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया और सरकार पर कोयला घोटाले में सच को सामने आने से रोकने का आरोप लगाया। गौरतलब है कि विपक्षी दल ने कल इस मुद्दे को लेकर संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी थी। भाजपा कोयला घोटाला जांच के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय में दिए गए सीबीआई के हलफनामे में कथित हस्तक्षेप किए जाने में विधि मंत्री की भूमिका को लेकर संसद में उनके बयान की मांग कर रही थी।

राज्यसभा में भाजपा के उप नेता रवि शंकर प्रसाद ने बैठक के बाद कहा, ‘भाजपा ने यह मांग करने का फैसला किया है कि विभिन्न घोटालों में लिप्त रहने और सचाई को सामने आने से रोकने के सरकार के प्रयासों को देखते हुए डा मनमोहन सिंह को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और अश्विनी कुमार को बर्खास्त किया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि पार्टी ने औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री के इस्तीफे और विधि मंत्री को बर्खास्त किए जाने की मांग की है।

प्रसाद ने कहा कि पार्टी का यह विचार है कि सिंह के नेतृत्व में संप्रग सरकार ने देश के हर संस्थान को नष्ट करके उन्हें पंगुबना दिया है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया, ‘संप्रग सरकार पहले भ्रष्टाचार में लिप्त रहती है और उसके बाद सचाई पर पर्दा डालने के लिए संस्थानों को कमजोर बनाती है। लेकिन देश के सामने उसकी पोल खुल चुकी है। संप्रग सरकार शासन करने का अपना अधिकार खो चुकी है। भाजपा मांग करती है कि प्रधानमंत्री और विधि मंत्री तुरंत इस्तीफा दें।’