कोल ब्लॉक आवंटन में तोड़े गए नियम-कानूनः सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने कोयला ब्लॉक आवंटन को मंगलवार को अवैध ठहराते हुए कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला मनमाना मालूम पड़ता है और इसके लिए जो प्रक्रिया अपनाई गई, वह कानून-सम्मत नहीं लगती।

न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को इस घोटले की जांच से संबंधित जानकारी केंद्र सरकार के साथ साझा न करने का निर्देश देते हुए कहा कि जिस प्रक्रिया के बारे में केंद्र सरकार बता रही है, प्रथम दृष्टया वह उचित व कानून-सम्मत नहीं लगती।

कोर्ट ने सीबीआई को इस बाबत एक हलफनामा दाखिल करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से ये भी पूछा है कि क्यों कुछ ही खास कंपनियों को कोल ब्लॉक आवंटन के लिए चुना गया। कोर्ट ने कहा कि आवंटन में किसी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

वकील एमएल शर्मा ने कहा कि सीबीआई ने ये बात मानी है कि आवंटन में अनियमितताएं हैं और इसका कोई मापदंड नहीं है। कोर्ट ने पूछा कि क्या आपने ये किसी राजनेता या अथॉरिटी से शेयर की है। इसके जवाब में सीबीआई ने कहा कि नहीं, उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया है। तब कोर्ट ने कहा कि ये सभी रिपोर्ट सीक्रेट रहेंगी और सील बंद लिफाफे में ही कोर्ट को दी जाएंगी। इसके बाद कोर्ट यह तय करेगा कि यह आवंटन किसी आधार पर हुआ है या नहीं। अगर ऐसा पता चलता है कि किसी आधार पर यह आवंटन नहीं हुआ तो इसपर कड़े कदम उठाए जाएंगे।