चंडीगढ़ (रोहित रोहिला) . आर्थिक संकट से गुजर रही सूबा सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए अब प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त पर 1 फीसदी सेस लगाने की तैयारी कर रही है। सरकार को इससे हर साल 1500 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट में लाया जाएगा। 

कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही इसे अगले वित्तीय वर्ष से लागू कर दिया जाएगा। प्रस्ताव के तहत सरकार शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसे लागू करने के बारे में सोच रही है। हालांकि ग्रामीण इलाकों में सेस लगाने को लेकर अधिकारियों की ओर से फाइनल फैसला नहीं लिया गया है। क्योंकि लाॅ डोरे के अंदर की जमीन पर ही यह सेस लगाया जा सकेगा। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में नगर निगम, पुडा और गमाडा के एरिया में होने वाली खरीद फरोख्त पर सेस लगाया जाएगा। गौर हो कि पंजाब में प्राॅपर्टी की खरीद फरोख्त मामले में मोहाली अव्वल नंबर पर है। इसके बाद लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला और बठिंडा का नाम शामिल है।

लोगों पर पड़ सकती है दोहरी मार

सरकार सूबे में हर जिले में कलेक्टर रेट को भी रिव्यू कर रही है। अगर किसी शहर में रिव्यू के दौरान कलेक्टर रेट बढ़ाने की सिफारिश की गई और रेट बढ़ा तो ऐसे में प्राॅपर्टी खरीदने वाले को बढ़े हुए कलेक्टर रेट के अलावा 1 फीसदी सेस भी देना पड़ेगा। ऐसे में लोगों पर दोहरी मार पड़ेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *