खुद को कोसते रहेंगे तो दुनिया हमें क्यों देखेगी?

नई दिल्ली. आर्ट ऑफ लिविंग के 35 साल पूरे होने के मौके पर दिल्ली में यमुना किनारे वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल शुरू हो गया। शुक्रवार को अोपनिंग सेरेमनी में पहुंचे नरेंद्र मोदी ने स्पीच में कहा, ”हम दुनिया की आवश्यकताओं को कुछ न कुछ, किसी न किसी रूप में परिपूर्ण कर सकते हैं। ये तब हो सकता है जब हमें इस महान विरासत पर गर्व हो। हम खुद को कोसते रहेंगे तो दुनिया हमारी ओर क्यों देखेगी।”
फेस्टिवल की ओपनिंग सेरेमनी में और क्या हुआ…
 1. मोदी ने क्या कहा?
 – मोदी ने कहा, ”भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है। दुनिया मानवीय मूल्यों से जुड़ सकती है। मैं श्रीश्री का अभिनंदन करता हूं कि 35 साल से दुनिया के 150 साल से ज्यादा देशों में इसी ताकत के भरोसे फैल चुका है। ऑर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से विश्व को भारत की एक अलग पहचान कराने में इस कार्य ने बहुत बड़ा योगदान किया।”
– ”कुछ समय पहले जब मंगोलिया गया था। मैं हैरान था कि एक स्टेडियम में ऑर्ट ऑफ लिविंग के बंधुओं ने मेरा रिसेप्शन रखा था। भारतीय बहुत कम थे। पूरा स्टेडियम मंगोलियन नागरिकों से भरा था। वहां उन्होंने भारतीय संस्कृति का परिचय कराया। ये प्रेरक था।”
– ”यह कला का कुंभ मेला है।”
– ” हमने उपनिषद से उपग्रह की यात्राएं की है।”
– ”तन को डुलाने वाले संगीत से बाजार भरा पड़ा है लेकिन मन को डुलाने वाला संगीत केवल हिंदुस्तान में भरा है।”
– ”भारत में पारिवारिकता हमारी ऐसी धरोहर है जिसे देखकर लोगों को आश्चर्य होता है। दुनिया को जोड़ने में श्रीश्री का बड़ा योगदान है।”
– इस दौरान कलाकारों ने मोदी-मोदी के नारे लगाए।
2. रविशंकर ने क्या दी स्पीच?
 – श्रीश्री ने कहा,” जीवन जीने की कला एक आंदोलन है। संस्था है। दिल और दिमागों को जोड़ने की अनूठी कला है।”
– “‘5 सूत्र जो मानव जाती को जोड़ते हैं। वे हैं- क्रीड़ा, कला, विचार और व्यापार और आध्यात्म।”
– ”आज यह साकार हो उठा है कि विश्व एक परिवार है- आज लग रहा है वसुधैव कुटंबकम है।”
– ”सबकुछ अपने भीतर समेटने की कला है अध्यात्म।”
– ” व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन अलग नहीं दिखना चाहिए अगर ऐसा है तो इसका मतलब जीवन में कुछ कमी है।”
– ”संघर्ष और उत्सव दोनों साथ चलते हैं लेकिन संघर्ष को उत्सव में बदलना एक कला है। यही कला आर्ट ऑफ लिविंग है।”
– ”कुछ गलत करना हो तो कोई विघ्न नहीं आता, लेकिन जब कोई अच्छा काम करना हो तो विध्न आते हैं। लेकिन इन सबकों पार कर लेने में जो आनंद आता है उसका अलग मजा है।”
– ”मुस्कराते रहे सबको गले लगाते रहो। जो सबका है वो हमारा अपना है।”
3. फेस्टिवल में क्या-क्या हुआ?
 – 9 तरह से स्पेशल म्यूजिकल परफॉर्मेंस दी गई। इसमें 50 तरह के म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट बजाए गए। 8500 आर्टिस्ट ने हिस्सा लिया।
– 1700 आर्टिस्ट ने कथक डांस पेश किया।
– ये आर्टिस्ट बुल्गारिया, तुर्की, जापान सहित दूसरे देशों के भी शामिल हैं।
– प्रोग्राम की शुरुआत 1 हजार 50 पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार से हुई। इससे पहले बारिश के कारण प्रोग्राम शुरू होने में देरी हुई।
सिक्युरिटी के कड़े इंतजाम
– प्रोग्राम में 35 लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। इतनी बड़ी तादाद में लोगों को कंट्रोल करने के लिए सिक्युरिटी के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
– दिल्ली और यूपी पुलिस के 8000 के जवानों के अलावा एसपीजी और एनएसजी की भी तैनाती की गई है।
– आतंकी हमले के खतरे से निपटने के लिए SWAT कमांडो भी लगाए गए हैं।
– खुफिया एजेंसियों ने भी वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल पर टेररिस्ट अटैक की आशंका जाहिर की है।
– इसके अलावा ईगल कमांडो की टीम और 1500 स्नाइपर्स सहित पैरा मिलिट्री फोर्स के कमांडो शामिल हैं।
– पूरे एरिया पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। इसके लिए एक दर्जन से से ज्यादा टेम्परेरी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
– भीड़ के मैनेजमेंट के लिए पंटून पुल पर वालेंटियर्स की तैनाती भी होगी।
10 हजार कार और 800 बसों की पार्किंग
प्रोग्राम स्थल पर दिल्ली पुलिस ने दस हजार कारों को पार्किंग की इजाजत दी है। दस हजार कारों के पास जारी किए हैं।
– इसके अलावा 800 बसें भी प्रोग्राम स्थल तक जा सकेंगी।
– बसों की पार्किंग के लिए मिलेनियम बस डिपो और राजघाट के पास जगह मुहैया कराई गई है।
कई रूट्स पर डायवर्ट किया गया ट्रैफिक
 – दिल्ली में 11 से 13 मार्च तक 2 बड़े प्रोग्राम और करीब 20 हजार शादियां हैं।
– इनमें वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल और राधास्वामी सत्संग न्यास का साउथ दिल्ली के फतेहपुर बेरी एरिया में प्रोग्राम है। इस वजह से दिल्ली में कई रूट्स पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।
– ट्रैफिक पुलिस ने आश्रम चौक, महरौली और छतरपुर के अलावा दक्षिणी दिल्ली के कई इलाकों के रूट्स में बदलाव किए हैं।
– 1700 ट्रैफिक पुलिस वालों को भी तैनात किया गया है।
– दिल्ली में एंट्री के लिए ये रूट तय किए गए हैं- नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर महामाया फ्लाईओवर से पहले आम्रपाली कट, सेक्टर 94 से ओखला बैराज होते हुए सरिता विहार से डीएनडी के रास्ते दिल्ली में एंट्री हो सकेगी।
दिल्ली में यहां से भी एंट्री ले सकते हैं
 – चिल्ला खेल परिसर चौराहे से गोल चक्कर, न्यू अशोक नगर से दिल्ली में एंट्री।
– महामाया फ़्लाईओवर से सेक्टर 37, डिग्री कॉलेज झुंडपुरा, एनएच 24 के रास्ते दिल्ली में एंट्री।
– फिल्म सिटी पुल से निठारी, सेक्टर 31, 25 चौक से झुंडपुरा/ एनएच 24 के रास्ते दिल्ली में एंट्री।
– सेक्टर 14 ए फ्लाईओवर से गोलचक्कर, सेक्टर 11- चौकी चौक से झुंडपुरा के रास्ते दिल्ली में एंट्री।
ऑर्गनाइजर्स का दावा,दुनिया का सबसे बड़ा स्टेज
– फेमस आर्ट डायरेक्टर नितिन देसाई ने tatparpatrika.com से बातचीत में दावा किया कि प्रोग्राम के लिए बनाया जा रहा स्टेज दुनिया का सबसे बड़ा टेम्परेरी स्टेज है।
– उन्होंने बताया कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में इसे दर्ज कराने के लिए एप्लिकेशन दी गई है।
– नितिन के मुताबिक, ”एक नॉर्मल फुटबॉल स्टेडियम प्ले ग्राउंड और ऑडियंस गैलरी को मिलाकर 3 एकड़ का होता है। ओवल शेप में बना फेस्टिवल का मंच करीब 7 एकड़ में तैयार किया गया है। इस तरह यह स्टेज फुटबॉल ग्राउंड से ढाई गुना ज्यादा बड़ा है।”
– इस स्टेज पर तीन दिनों में 35,973 कलाकार परफॉर्म करेंगे।
प्रोग्राम में शामिल होंगे कई देशों के हेड
 – फेस्टिवल में शामिल होने के लिए कई देशों के हेड्स को इनवाइट किया गया है।
– प्रोग्राम में दुनिया भर के 155 देशों के रिप्रेजेंटेटिव हिस्सा लेंगे।
– सूत्रों के मुताबिक, प्रोग्राम में श्रीलंका के प्रेसिडेंट भी शामिल होंगे।
– इसके अलावा, पाकिस्तान के पूर्व पीएम यूसुफ रजा गिलानी भी प्रोग्राम में शामिल होने वाले हैं।
– प्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी को भी शिरकत करनी थी। लेकिन प्रेसिडेंट प्रोग्राम में शामिल होने से इनकार कर चुके हैं।
– दिल्ली में होने के बावजूद जिम्बाब्वे के प्रेसिडेंट राबर्ट मुगाबे श्रीश्री के प्रोग्राम में शामिल नहीं होंगे।
– मुगाबे को इस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए खास मेहमान के तौर पर बुलाया गया था।
– सूत्रों के मुताबिक, मुगाबे प्रोटोकॉल और सिक्युरिटी इश्यू को लेकर प्रोग्राम में हिस्सा नहीं लेंगे।