खेती के लिए ग्रैंड चैलेंज शुरू, यंग आंत्रप्रेन्‍योर्स ले सकते हैं हिस्सा – पीएम मोदी

युवा आंत्रप्रेन्‍योर्स और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत के आज के कार्यक्रम में बड़ी संख्‍या में देशभर के यंग इनोवेटर्स हिस्‍सा लिया. युवा उद्यमी प्रधानमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए. पीएम मोदी ने युवा आंत्रप्रेन्‍योर्स के लि फंड ऑफ फंड्स स्कीम शुरू करने की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इससे आंत्रप्रेन्‍योर्स को पैसे की कमी से नहीं जूझना होगा. उन्होंने इस मौके पर कृषि ग्रैंड चैलेंज शुरू करने का भी ऐलान किया. इससे युवा आंत्रप्रेन्‍योर्स  भी कृषि सेक्टर में हिस्सा लेकर बड़े बदलाव लाने में सहयोग करेंगे.

पीएम मोदी ने कहा-
PM मोदी ने कहा कि पिछले चार साल में सरकार ने युवाओं की ताकत को बढ़ाने के लिए काम किया है. स्टार्ट अप इंडिया की शुरुआत करने का मकसद युवा को शक्ति देना था. पीएम ने कहा कि पहले स्टार्ट अप सिर्फ टियर-1 सिटी में होते थे, लेकिन हमने बल दिया कि इसे टियर-2, टियर-3 में ज्यादा स्टार्ट अप हो सके.

नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि देने वाला बनें
देश के युवाओं को स्वरोजगार करने को प्रेरित करने के लिए पीएम मोदी ने स्टार्टअप इंडिया जैसी महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साल 2016 में ‘स्टार्टअप इंडिया’ को लॉन्च किया था. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था, ‘जो कुछ करना चाहते हैं उनके लिए पैसा मायने नहीं रखता. जो करता है उसी को दिखता है कि क्या होने वाला है. देश का युवा जॉब क्रिएटर बने.’

गांवों के युवा भी आगे बढ़ रहे
प्रधानमंत्री ने कहा, आज देश में केवल शहर ही नहीं बल्कि गांवों के भी युवा आगे बढ़ रहे हैं. इस दौरान उन्होंने कुछ आंकड़े भी जारी किए. उन्होंने कहा, ‘अभी तक जो स्टार्ट अप शुरू हुए हैं, उनमें से 45 फीसदी महिलाओं के द्वारा शुरू किए गए हैं.

स्टार्टअप को जल्द रैंकिंग
किन राज्यों में स्टार्टअप के लिए काम करना आसान होगा इसके लिए जल्द ही रैंकिंग आएगी. केंद्र सरकार राज्यों में स्टार्टअप के लिए बनाए इकोसिस्टम के आधार पर उन्हें रैंकिंग देगी. सरकार यह रैंकिंग जुलाई में जारी करेगी. डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी और प्रमोशन (डीआईपीपी) कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्ट्री इस रैंकिंग पर काम कर रही है. अधिकारी के मुताबिक रैंकिंग पर काम किया जा रहा है और इसे जुलाई की शुरूआत में जारी किया जा सकता है. ये रैंकिंग स्टार्टअप के लिए बेहतर इकोसिस्टम बनाने की दिशा में राज्यों के उठाए गए कदमों के आधार पर बनाई जाएगी.

राज्यों को काम के आधार पर मिलेगी रैंकिंग
रैंकिंग इंटरवेशन के सात एरिया और 38 एक्शन प्वाइंट के आधार पर बनेगी. इसमें पॉलिसी सपोर्ट, इन्क्युबेशन सेंटर, सीड फंडिंग, एजेंल और वेंचर फंडिंग शामिल है. ज्यादातर राज्यों ने स्टार्टअप को प्रमोट करने के लिए कई कदम उठाएं हैं. अब उन्हीं के आधार पर रैंकिंग मिलेगी. इससे राज्यों को स्टार्टअप के लिए बेहतर माहौल बनाने को लेकर सही इन्पुट भी मिलेंगे. डीआईपीपी की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल में 8,765 स्टार्टअप हैं इनमें से 88 स्टार्टअप ही टैक्स छूट क्लेम कर रहे हैं.