गतिरोध टूटने के आसार

जयपुर। राज्य सरकार और वकीलों के बीच मांगों पर सहमति बनने से गुरूवार को गतिरोध समाप्त होने के आसार हैं। वकील बलप्रयोग मामले में पुलिस अघिकारियों को हटाने व मुकदमों की वापसी के लिए अड़ गए। इनके साथ ही दो अन्य मांगों पर भी सहमति नहीं बनने से बुधवार देर रात गतिरोध खत्म नहीं हो सका।

14 सूत्रीय मांगपत्र तथा बलप्रयोग के लिए जिम्मेदार पुलिस अघिकारियों पर कार्रवाई व मुकदमे वापसी की मांग को लेकर city newsवकीलों के प्रतिनिघिमंडल ने यहां बुधवार शाम मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। राजस्थान बार काउन्सिल के पूर्व अध्यक्ष अशोक मेहता की अगुआई में गए वकीलों ने वार्ता में मुख्यमंत्री को अपनी मांग विस्तार से बताई।

इसके बाद देर रात बार काउन्सिल अध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व में वकीलों के प्रतिनिघिमंडल ने विघि मंत्री शांति धारीवाल, उद्योग मंत्री राजेन्द्र पारीक व गृह राज्य मंत्री बेनीवाल से करीब डेढ़ घंटे तक वार्ता की। वकीलों का कहना है कि जिला स्तर पर वकीलों की कॉलोनी विकसित करने पर सरकार सहमत है, लेकिन कैसे होगी इस पर अभी बात होनी है।

चौपड़ पर तीन घंटे धरना
वार्ता से पहले बुधवार को दिन में वकीलों ने बड़ी चौपड़ पर तीन घंटे धरना देकर विरोध जताया। दोपहर 12 बजे वकील बड़ी चौपड़ पर जुटे, जहां दोपहर तीन बजे तक विभिन्न वकील संगठनों से जुड़े नेताओं ने धरने को सम्बोघित किया। इस दौरान वकीलों ने भी आवागमन सही बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला। धरने में पूर्व मंत्री भंवरलाल शर्मा ने भी हिस्सा लिया। शर्मा अघिक उम्र के कारण धरना स्थल पर लेटे रहे।

सीएम ने जताया आश्चर्य
सीएम से वार्ता करने वालों में शामिल वकीलों का कहना है कि सीएम ने अदालतों का कम्प्यूटराइजेशन न होने पर तो आश्चर्य जाहिर किया और सहयोग देने को कहा। इसी तरह राष्ट्रीय विघि विश्वविद्यालय में राज्य का कोटा तय करने के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का आश्वासन दिया।

वार्ता के तीन दौर
वकीलों की हड़ताल शुरू होने के बाद सरकार से तीन दौर की वार्ता हो चुकी है, गुरूवार को वार्ता फिर होने की उम्मीद है।